BJP: मैथिली ठाकुर के लिए आसान नहीं है अलीनगर की राह, जानिए क्या है समीकरण और कैसा रहा है इतिहास

BJP: युवा लोक गायिका मैथिली ठाकुर भगवा पार्टी में शामिल हो गई हैं और उन्हें दरभंगा जिले की अलीनगर सीट से उम्मीदवार बनाया गया है. NDA के तरफ से मैथिली सबसे कम उम्र की उम्मीदवार हैं. आइये जानते हैं इस सीट का समीकरण क्या है और इतिहास क्या रहा है.

BJP: मैथिली ठाकुर को भारतीय जनता पार्टी ने बिहार विधानसभा चुनाव में अलीनगर सीट से उम्मीदवार घोषित किया है. मैथिली ने दो सीटों में से किसी एक से उम्मीदवार बनने की इच्छा जताई थी. एक थी मधुबनी की बेनीपट्टी और दूसरी दरभंगा जिले की अलीनगर. बेनीपट्टी से विनोद नारायण झा की उम्मीदवारी पहले ही तय हो गई थी इस वजह से मैथिली को अलीनगर से उम्मीदवार बनाया गया है.

2020 के चुनाव में क्या हुआ था

अलीनगर सीट पर मैथिली की राह आसान नहीं है. कारण यह है कि 2020 के विधानसभा चुनाव में यह सीट बीजेपी ने मुकेश सहनी की पार्टी विकासशील इंसान पार्टी (वीआईपी) को दी थी. उस समय वीआईपी के मिश्रीलाल यादव ने यहां चुनाव लड़ा और जीत हासिल की थी. बाद में मुकेश सहनी NDA से अलग हो गए और मिश्रीलाल यादव बीजेपी के साथ चले गए. लेकिन चुनाव से कुछ समय पहले उन्हें एक पुराने मामले में दो साल की जेल हुई और उनकी विधानसभा सदस्यता रद्द हो गई.

इस वजह से बीजेपी इस सीट से एक नए फेस की तलाश में थी. 2020 के चुनाव में इस सीट पर जीत का अंतर बहुत कम था. मिश्रीलाल यादव ने 61082 वोट पाए जबकि राजद के बिनोद मिश्रा को 57981 वोट मिले थे.

बीजेपी ने मैथिली को इस सीट से उतार के एक बड़ा दांव खेला है. हालांकि, अलीनगर सीट से जब से मैथिली की उम्मीदवारी तय हुई है तभी से उनको पार्टी के स्थानीय नेताओं के विरोध का सामना करना पड़ रहा है. गुरुवार को पार्टी के कई प्रखंड स्तर के नेताओं ने उनकी उम्मीदवारी का विरोध किया है.

राजद का रहा है दबदबा

अलीनगर विधानसभा क्षेत्र आरजेडी का मजबूत गढ़ माना जाता रहा है. 2008 में परिसीमन के बाद मीनागाछी और दरभंगा ग्रामीण सीटों के हिस्सों को मिलाकर अलीनगर सीट बना. इसके बाद अब्दुल बारी सिद्दिकी ने 2010 और 2015 में इस सीट से जीत हासिल की. 2020 में आरजेडी ने ब्राह्मण कार्ड खेलकर बिनोद मिश्रा को उम्मीदवार बनाया. एनडीए ने यादव उम्मीदवार उतारा और करीबी जीत दर्ज की.

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कैसा है समीकरण

अलीनगर में यादव और ब्राह्मण दोनों समुदाय के मतदाता लगभग बराबर संख्या में हैं. यहां मुस्लिम मतदाताओं की संख्या 21-21% है. ब्राह्मण मतदाताओं की संख्या भी लगभग 20% है. SC वर्ग के मतदाताओं की संख्या 10-12% है. इसके अलावा यहां यादव और अन्य OBC जातियां भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है.

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Author: Paritosh Shahi

परितोष शाही पिछले 4 वर्षों से डिजिटल मीडिया और पत्रकारिता में सक्रिय हैं. उन्होंने अपने करियर की शुरुआत राजस्थान पत्रिका से की और वर्तमान में प्रभात खबर डिजिटल की बिहार टीम का हिस्सा हैं. राजनीति, सिनेमा और खेल, विशेषकर क्रिकेट में उनकी गहरी रुचि है. जटिल खबरों को सरल भाषा में पाठकों तक पहुंचाना और बदलते न्यूज माहौल में तेजी से काम करना उनकी विशेषता है. परितोष शाही ने पत्रकारिता की पढ़ाई बनारस हिंदू यूनिवर्सिटी (BHU) से की. पढ़ाई के दौरान ही पत्रकारिता की बारीकियों को समझना शुरू कर दिया था. खबरों को देखने, समझने और लोगों तक सही तरीके से पहुंचाने की सोच ने शुरुआत से ही इस क्षेत्र की ओर आकर्षित किया. पत्रकारिता में करियर की पहली बड़ी शुरुआत बिहार विधानसभा चुनाव 2020 के दौरान हुई, जब उन्होंने जन की बात के साथ इंटर्नशिप की. इस दौरान बिहार के 26 जिलों में जाकर सर्वे किया. यह अनुभव काफी खास रहा, क्योंकि यहां जमीनी स्तर पर राजनीति, जनता के मुद्दों और चुनावी माहौल को बहुत करीब से समझा. इसी अनुभव ने राजनीतिक समझ को और मजबूत बनाया. इसके बाद राजस्थान पत्रिका में 3 महीने की इंटर्नशिप की. यहां खबर लिखने की असली दुनिया को करीब से जाना. महज एक महीने के अंदर ही रियल टाइम न्यूज लिखने लगे. इस दौरान सीखा कि तेजी के साथ-साथ खबर की सटीकता कितनी जरूरी होती है. राजस्थान पत्रिका ने उनके अंदर एक मजबूत डिजिटल पत्रकार की नींव रखी. पत्रकारिता के सफर में आगे बढ़ते हुए पटना के जनता जंक्शन न्यूज पोर्टल में वीडियो प्रोड्यूसर के रूप में भी काम किया. यहां कैमरे के सामने बोलना, प्रेजेंटेशन देना और वीडियो कंटेंट की बारीकियां सीखीं. करीब 6 महीने के इस अनुभव ने कैमरा फ्रेंडली बनाया और ऑन-स्क्रीन प्रेजेंस को मजबूत किया. 1 अप्रैल 2023 को राजस्थान पत्रिका को प्रोफेशनल तौर पर ज्वाइन किया. यहां 17 महीने में कई बड़े चुनावी कवरेज में अहम भूमिका निभाई. लोकसभा चुनाव 2024 में नेशनल टीम के साथ जिम्मेदारी संभालने का मौका मिला. इसके अलावा मध्य प्रदेश, राजस्थान और छत्तीसगढ़ विधानसभा चुनाव के दौरान भी स्टेट टीम के साथ मिलकर काम किया. इस दौरान चुनावी रणनीति, राजनीतिक घटनाक्रम और बड़े मुद्दों पर काम करने का व्यापक अनुभव मिला. फिलहाल परितोष शाही प्रभात खबर डिजिटल बिहार टीम के साथ जुड़े हुए हैं. यहां बिहार विधानसभा चुनाव के दौरान कई बड़ी खबरों को रियल टाइम में ब्रेक किया, ग्राउंड से जुड़े मुद्दों पर खबरें लिखीं और वीडियो भी बनाए. बिहार चुनाव के दौरान कई जिलों में गांव- गांव घूम कर लोगों की समस्या को जाना-समझा और उनके मुद्दे को जन प्रतिनिधियों तक पहुंचाया. उनकी कोशिश हमेशा यही रहती है कि पाठकों और दर्शकों तक सबसे पहले, सही और असरदार खबर पहुंचे. पत्रकारिता में लक्ष्य लगातार सीखते रहना, खुद को बेहतर बनाना और भरोसेमंद पत्रकार के रूप में अपनी पहचान मजबूत करना है.

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