लॉकडाउन में जूम क्लाउड मीटिंग ऐप की बढ़ी डिमांड, लेकिन जरा संभलकर करें इस्तेमाल

Video Conferencing App Zoom gaining popularity amidst Lockdown: कोविड-19 के कारण दुनिया की एक बड़ी आबादी लॉकडाउन में है. लॉकडाउन के दौर में वर्क फ्रॉम होम को संभव करनेवाला एक ऐप दुनियाभर में तेजी से लोकप्रिय हो रहा है. नाम है जूम क्लाउड मीटिंग ऐप.

Video Conferencing App Zoom gaining popularity amidst Lockdown: कोविड-19 के कारण दुनिया की एक बड़ी आबादी लॉकडाउन में है. लोग अपने घरों में कैद हैं. लॉकडाउन के दौर में वर्क फ्रॉम होम निजी ही नहीं सरकारी क्षेत्र का भी मंत्र बन गया है. इस वर्क फ्रॉम होम को संभव करनेवाला एक ऐप दुनियाभर में तेजी से लोकप्रिय हो रहा है.

Also Read: YouTube ला रहा Shorts ऐप, जो देगा TikTok को टक्कर

इस ऐप के जरिये कंपनियों की बोर्ड मीटिंग्स हो रही हैं. किसी टीम के लोग आपस में बात कर रहे हैं. शिक्षक विद्यार्थियों की कक्षाएं ले रहे हैं. समूह में वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग की सुविधा प्रदान करनेवाले इस ऐप का नाम है जूम क्लाउड मीटिंग ऐप.

Also Read: लॉकडाउन में हर दिन पेटीएम गेम्स से जुड़ रहे हैं 75000 नये यूजर

सिलिकन वैली आधारित यह स्टार्टअप दिग्गजों को भी पीछे छोड़ते हुए गूगल प्ले स्टोर पर सबसे ज्यादा डाउनलोड किया जानेवाला ऐप बन गया है. आपको यह जानकर हैरानी होगी कि जूम ऐप भारत में सबसे ज्यादा डाउनलोड किया जानेवाला एंड्रॉयड ऐप बन गया है. डाउनलोड के मामले में इसने व्हाट्सऐप, टिकटॉक और इंस्टाग्राम को भी गूगल प्ले स्टोर पर पीछे छोड़ दिया है.

क्या है जूम की लोकप्रियता का राज

जूम की लोकप्रियता का राज यह है कि इसके बेसिक वर्जन में एक साथ 50 लोग किसी वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग से जुड़ सकते हैं. प्रत्येक कॉल 40 मिनट तक की हो सकती है और यह पूरी तरह से मुफ्त है, यानी इसके लिए किसी को कोई कीमत नहीं चुकानी पड़ती. जूम के द्वारा एक बार में किसी बड़ी मीटिंग या क्लासरूम को संबोधित किया जा सकता है. किसी मीटिंग में शामिल होने के लिए लोगों को लॉगइन की जरूरत नहीं होती है और वे बस एक कोड के द्वारा मीटिंग में शामिल हो सकते हैं. मीटिंग से पहले, मीटिंग में शामिल होनेवाले हर प्रतिभागी को एक कोड दे दिया जाता है. इस कोड के जरिये वह मीटिंग में शामिल हो सकते हैं.

बाकी ऐप से अलग

जूम बाजार का एकमात्र ऐसा ऐप है, जो 10 से ज्यादा लोगों को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग कॉल में शामिल कर सकता है. वर्किंग प्रोफेशनल्स के बीच इसकी लोकप्रियता का शायद यही राज है.

100 मिलियन से ज्यादा डाउनलोड

4 अप्रैल तक जूम को 100 मिलियन से ज्यादा बार डाउनलोड किया जा चुका है और यह संख्या लगातार तेजी से बढ़ रही है.

लोगों के आपस में जुड़ने का आसान तरीका

लोगों से दोस्तों से जुड़ने, डिजिटल क्लब बनाने और यहां तक कि किसी इवेंट का ऑनलाइन मगर निश्चित लोगों तक प्रसारण करने के लिए इसका इस्तेमाल किया जा रहा है. जूम ऐप के द्वारा यूजर यह तय कर सकता है कि कौन-कौन लोग उस मीटिंग में ऑनलाइन तरीके से शामिल होंगे. जूम में हर प्रतिभागी के पास अपनी बात रखने का विकल्प होता है.

व्हाट्सऐप को पीछे छोड़ा

उपयोग में वृद्धि के बावजूद व्हाट्सऐप फिसल कर पांचवें स्थान पर आ गया है. जबकि भारत में 400 मिलियन से ज्यादा यूजर्स वाला यह ऐप हमेशा शीर्ष दो में रहा है.

सुरक्षा को लेकर सवाल

हालांकि, जूम की लोकप्रियता के बीच इसकी सुरक्षा और प्राइवेसी को लेकर भी सवाल उठे हैं. यह चिंता जतायी जा रही है कि इस ऐप पर लोगों के पर्सनल डेटा सुरक्षित नहीं हैं. इसलिए जानकार इसका प्रयोग संभल कर करने की सलाह दे रहे हैं. प्राइवेसी चिंताओं के बीच कई कंपनियों ने इसके इस्तेमाल पर भी रोक लगा दी है.

प्रभात खबर डिजिटल प्रीमियम स्टोरी

लेखक के बारे में

Digital Media Journalist having more than 2 years of experience in life & Style beat with a good eye for writing across various domains, such as tech and auto beat.

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >