Yamaha Aerox-E या TVS X? खरीदने से पहले जान लें कौन इलेक्ट्रिक स्कूटर है सबसे बेस्ट

भारत की प्रीमियम इलेक्ट्रिक स्कूटर मार्केट में Yamaha Aerox-E और TVS X प्रमुख दावेदार हैं. जानें कौन-सी स्कूटर स्टाइल, फीचर्स और राइडिंग एक्सपीरियंस के मामले में सबसे आगे है.

देश की प्रीमियम इलेक्ट्रिक स्कूटर मार्केट में एक नई लहर देखने को मिल रही है. खासकर महिलाओं का ध्यान इसके ऊपर काफी तेजी से बढ़ रहा है. इसी सूची में दो प्रमुख मॉडल Yamaha Aerox-E और TVS X का नाम आता है. दोनों स्कूटर स्टाइल, मॉडर्न फीचर्स और स्मूद राइडिंग एक्सपीरियंस का वादा करते हैं. ये अलग-अलग तरह के राइडर्स के जरूरतों को पूरा करते हैं. चलिए जानते हैं कि दोनों में से कौन सबसे बेस्ट है. 

Yamaha Aerox E स्पेसिफिकेशन 

यामाहा कंपनी की इस इलेक्ट्रिक स्कूटर में डुअल डीटैचबेल 1.5 kWh बैटरी लगे हैं. 9.4 kW पीक मोटर पावर मिलते हैं, जो 48 NM टॉर्क जेनरेट करने में सक्षम है. इसकी IDC रेंज 106 km है. फीचर्स के तौर पर इसमें 3 ड्राइव मोड (Eco, Standard, Power+Boost Modes), फूल डिजिटल TFT क्लस्टर, अंडरबोन फ्रेम, टेलीस्कोपिक फॉर्क, ट्विन शॉक, 14 इंच अलॉय व्हील्स, रिमुवल बैटरी और फूल LED लाइटिंग सिस्टम होगी.

TVS X  स्पेसिफिकेशन 

टीवीएस कंपनी की यह प्रीमियम स्कूटर 4.44 kWh फिक्स्ड लिथियम आयन बैटरी के साथ आती है. इसका मोटर पावर 11 kw पीक है। यह मोटर 40 nm टॉर्क जेनरेट करने का पावर रखता है. इसका IDC क्लेमड रेंज 140 km है. इसमें आपको 3 ड्राइव (Xtealth, Xtride, Xonic) मोड मिलेंगे। 10.2 इंच टिल्ट एडजस्टेबल TFT टचस्क्रीन डिस्प्ले मिलता है. नेविगेशन प्रो के साथ SmartXconnect और OTA अपडेट्स जैसे फीचर्स मिलते हैं. फूल LED लाइटिंग, 12 इंच अलॉय व्हील्स, टेलीस्कोपिक फोर्क और ABS के साथ डिस्क ब्रेक मिलेंगे. 

कीमत के मामले में कौन सस्ता?

Yamaha Aerox E की शुरुआती एक्स शोरूम कीमत 2,81,600 रुपए है. वहीं, TVS X की स्टार्टिंग एक्स शोरूम (बैंगलोर) प्राइस 2,66,141 रुपए है. इस मामले में यामाहा की इलेक्ट्रिक स्कूटर आगे है.

Yamaha Aerox E डिजाइनिंग 

Yamaha Aerox E के जरिए यामाहा अपनी पेट्रोल वेरिएंट की जानी-पहचानी स्पोर्टी स्टाइल को इलेक्ट्रिक वाहनों की दुनिया में लेकर आई है. इसमें दमदार फ्रंट एमप्रन, एयरोडायनेमिक पैनल और आकर्षक LED लाइटिंग दी गई है, जो इसके डिजाइन में चार चांद लगाता है. 

TVS X डिजाइनिंग 

डिजाइनिंग के मामले में यह स्कूटर Yamaha Aerox E से आगे है. इसे एक कान्सेप्ट वाहन के तौर पर तैयार किया गया है. इसका ओपन फ्रेम, शार्प बॉडी लाइंस और बिग फ्लोटिंग टीएफ़टी टचस्क्रीन इसे इंडियन सड़कों पर एक अलग पहचान देती है. इसका लुक काफी बोल्ड है. 

बेस्ट राइडिंग के मामले में कौन आगे?

Yamaha Aerox E में 14 इंच के अलॉय व्हील्स लगे हुए हैं, जिससे डैमेज सड़कों पर बेहतर बैलेंस और अधिक ग्राउन्ड क्लियरेंस मिलने की उम्मीद रहती है. फिलहाल इस गाड़ी के लॉन्च न होने के कारण इसकी राइडिंग अनुभव का अंदाजा लगा पाना आसान नहीं है. 

दूसरी ओर TVS X में 12 इंच के चौड़े टायर वाले पहिए लगे हुए हैं, जो इसे बेहतरीन ग्रिप और स्पोर्टी हैंडलिंग प्रदान करते हैं. एल्यूमिनियम फ्रेम और मोनोशॉक सस्पेंशन सेटअप को परफ़ॉर्मेंस के लिए ट्यून किया गया है. डेली राइडिंग के लिए यह काफी आरामदायक है. ये भी पढ़ें: Activa से इलेक्ट्रिक स्कूटर पर करना चाहते हैं स्विच? ये 5 मॉडल कम रनिंग कॉस्ट पर देंगे दमदार परफॉर्मेंस


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लेखक के बारे में

By Shivansh Shekhar

शॉर्ट बायो 

शिवांश शेखर ऑटोमोबाइल और खेल स्पेशलिस्ट हैं. वर्तमान में प्रभात खबर डिजिटल में बतौर कंटेंट राइटर के तौर पर कार्यरत हैं. ऑटो सेक्शन में कार/बाइक लॉन्च, फीचर्स, खासियत, टिप्स, कंपेरिजन और सपेक्स से संबंधित खबरें कवर करते हैं.

विस्तृत बायो 

शिवांश शेखर ऑटोमोबाइल और खेल स्पेशलिस्ट पत्रकार हैं, जो पिछले 3 वर्षों से डिजिटल मीडिया में ऑटो और खेल जगत से जुड़ी खबरों के बारे में लगातार लिखते हैं. वर्तमान में प्रभात खबर डिजिटल में बतौर कंटेंट राइटर के रूप में काम कर रहे हैं. ऑटो सेक्शन में उनकी रूचि कार/बाइक लॉन्च, फीचर्स, स्पेसिफिकेशन, टिप्स, ट्रिक्स और कंपेरिजन से जुड़े विषयों में है. इसके अलावा फ्लेक्स फ्यूल टेक्नोलॉजी और ऑटो इंडस्ट्रीज के बदलते ट्रेंड्स पर लगातार लिखते हैं. 

उनका प्रयास रहता है कि पाठकों को सिर्फ लॉन्च, कीमत और फीचर्स के बारे में ही न बताया जाए, बल्कि यह भी जानकारी दी जाए कि वह तकनीक आम लोगों के लिए कितने काम का है, उसे इस्तेमाल करने का अनुभव कैसा रहेगा और उसे खरीदना सही रहेगा या नहीं.

पढ़ाई  

बिहार राज्य के जहानाबाद जिले में जन्में शिवांश शेखर की शुरुआती शिक्षा (BSEB) से पूरी हुई. इसके बाद उन्होंने साल 2023 में चौधरी चरण सिंह यूनीवर्सिटी, मेरठ (CCSU) के अंतर्गत आने वाली इंसटीच्युट ऑफ मैनेजमेंट स्टडीज, नोएडा (IMS) से जर्नलिज्म एंड मास कम्युनिकेशन में ग्रेजुएशन की डिग्री प्राप्त की. पढ़ाई के दौरान ही शिवांश की रुचि खेल और ऑटो के विषयों पर लिखने में बढ़ने लगी. इसी दौरान उन्होंने खेल और ऑटोमोबाइल से जुड़ी खबरों पर काम करना शुरू किया और आगे चलकर इन्हीं विषयों को अपने काम का हिस्सा बना लिया. 

काम का सफर 

पत्रकारिता का ककहरा सीखने के बाद शिवांश का सफर एपीएन न्यूज से शुरू हुआ था. उन्होंने पत्रकारिता का समूह जागरण न्यू मीडिया में बतौर सब एडिटर खेल और अन्य खबरों की तकनीकी समझ विकसित की. जेएनएम में करीब डेढ़ साल खेल और अन्य विषयों पर काम करने के बाद उन्होंने एसियानेट न्यूज की तरफ रुख अपनाया. वहां, करीब डेढ़ साल तक ऑटोमोबाइल और स्पोर्ट्स सेक्शन में काम किया और फिर प्रभात खबर का रुख किया, जहां ऑटो बीट पर काम कर रहे हैं. ट्रेंड्स को लगातार फॉलो करते हैं.

विजन 

शिवांश का मानना है कि ऑटोमोबाइल से जुड़ी खबरें केवल नई गाड़ियों के बारे में जानकारी नहीं देती, बल्कि लोगों की रोजमर्रा की जिंदगी, खरीदारों के फैसलों और डिजिटल एक्सपिरियंस पर भी असर डालती हैं.

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