भारत में कुछ कारों पर नीली नंबर प्लेट क्यों होती है? जानिए कौन होते हैं इसके असली मालिक

Blue Number Plate Car: सड़क पर दिखने वाली नीली नंबर प्लेट कोई स्टाइल नहीं, बल्कि इनकी खास पहचान होती है. ये गाड़ियां विदेशी राजनयिकों और दूतावासों से जुड़ी होती हैं, ताकि एजेंसियां उन्हें तुरंत पहचान सकें और उनका काम बिना रुकावट चलता रहे. आइए इस नंबर प्लेट से जुड़ी कुछ और बातें जानते हैं.

Blue Number Plate Car: क्या आपने कभी सड़क पर नीले नंबर प्लेट वाली गाड़ियां देखी हैं और सोचा है कि इनका रंग अलग क्यों होता है? दरअसल, ये गाड़ियां आम लोगों के नहीं होते, बल्कि ज्यादातर राजनयिकों (Diplomats) और विदेशी मिशनों से जुड़े होते हैं. इनकी नंबर प्लेट का रंग स्टाइल या पर्सनल पसंद के लिए नहीं होता, बल्कि भारतीय कानून के तहत इसका एक खास आधिकारिक मकसद होता है. आइए इसके बारे में आपको डिटेल में बताते हैं.

भारत में नीली नंबर प्लेट का मतलब क्या है?

भारत में नीले नंबर प्लेट उन गाड़ियों को दिए जाते हैं जो विदेशी राजनयिकों (Foreign Diplomats) और दूतावासों (Embassies) के इस्तेमाल में होती हैं. आसान भाषा में कहें तो, सड़क पर अगर किसी कार पर नीली प्लेट दिख जाए, तो समझिए वह किसी डिप्लोमैट या एम्बेसी से जुड़ी है.

ऐसा इसलिए किया जाता है ताकि ट्रैफिक पुलिस और दूसरी एजेंसियां इन गाड़ियों को तुरंत पहचान सकें. यह व्यवस्था अंतरराष्ट्रीय नियमों यानी 1961 के वियना कन्वेंशन ऑन डिप्लोमैटिक रिलेशंस के तहत है. नीले बैकग्राउंड पर सफेद अक्षरों वाली ये प्लेटें आम निजी (सफेद) और कमर्शियल (पीली) नंबर प्लेट से अलग दिखती हैं. इसी वजह से सड़क पर इन्हें पहचानना आसान हो जाता है.

ब्लू नंबर प्लेट आखिर किनके पास होती है?

भारत में नीली नंबर प्लेट आम तौर पर एंबेसी, हाई कमीशन, कॉन्सुलेट और यहां काम कर रही इंटरनेशनल ऑर्गनाइजेशन्स के गाड़ियों को दी जाती है. कई बार एंबेसडर और सीनियर डिप्लोमैटिक स्टाफ की गाड़ियों पर भी यही प्लेट लगी होती है.

आपने गौर किया होगा कि इन नंबर प्लेट्स पर अक्सर ‘CD’ लिखा होता है. इसका मतलब होता है कॉर्प्स डिप्लोमैटिक (Corps Diplomatique). यानी गाड़ी किसी राजनयिक (डिप्लोमैट) से जुड़ी है. इसके अलावा बाकी नंबरों से यह भी पता लगाया जा सकता है कि गाड़ी किस देश और किस मिशन की है.

यह पहचान क्यों जरूरी है?

यह पहचान इसलिए बहुत जरूरी होती है क्योंकि इससे विदेशी मिशनों का कामकाज बिना किसी रुकावट के आसानी से चलता रहता है और रोजमर्रा की चेकिंग के दौरान किसी तरह की गलतफहमी नहीं होती. साथ ही, इससे यह भी साफ दिखता है कि भारत अंतरराष्ट्रीय कूटनीतिक नियमों और परंपराओं का पूरी तरह सम्मान करता है.

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By Ankit anand

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अंकित आनंद टेक्नोलॉजी और ऑटोमोबाइल जर्नलिस्ट हैं. वर्तमान में प्रभात खबर डिजिटल में कंटेंट राइटर के रूप में काम कर रहे हैं. वे स्मार्टफोन, टेलीकॉम, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI), कंज्यूमर टेक और ऑटोमोबाइल से जुड़ी खबरों को कवर करते हैं.

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अंकित आनंद एक टेक्नोलॉजी और ऑटोमोबाइल जर्नलिस्ट हैं, जो डिजिटल मीडिया में टेक और ऑटो सेक्टर से जुड़े विषयों पर लगातार लिखते हैं. वर्तमान में वे प्रभात खबर डिजिटल में कंटेंट राइटर के रूप में काम कर रहे हैं. टेक्नोलॉजी सेक्टर में उनकी रुचि स्मार्टफोन लॉन्च, मोबाइल ऑपरेटिंग सिस्टम, टेलीकॉम अपडेट्स, इंटरनेट सेवाओं, AI टूल्स, ऐप्स, गैजेट्स, टिप्स एंड ट्रिक्स और कंज्यूमर टेक्नोलॉजी से जुड़े विषयों में है. वहीं ऑटोमोबाइल सेक्टर में वे नई कारों और बाइक्स की लॉन्चिंग, फीचर्स, कीमत, सेफ्टी, इलेक्ट्रिक व्हीकल्स (EV), फ्लेक्स-फ्यूल टेक्नोलॉजी और ऑटो इंडस्ट्री के बदलते ट्रेंड्स पर रेगुलर लिखते हैं.

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बिहार में जन्मे अंकित आनंद की शुरुआती शिक्षा सीबीएसई बोर्ड से हुई है. इसके बाद उन्होंने साल 2024 में गुरु गोबिंद सिंह इंद्रप्रस्थ यूनिवर्सिटी (GGSIPU) के कस्तूरी राम कॉलेज ऑफ हायर एजुकेशन से जर्नलिज्म एंड मास कम्युनिकेशन में ग्रेजुएशन डिग्री हासिल की. पढ़ाई के दौरान ही अंकित की रुचि डिजिटल मीडिया और न्यूज लिखने में बढ़ने लगी. इसी दौरान उन्होंने टेक्नोलॉजी और ऑटोमोबाइल से जुड़ी खबरों पर काम करना शुरू किया और आगे चलकर उन्होंने इन्हीं विषयों को अपने काम का हिस्सा बना लिया.

प्रभात खबर डिजिटल से पहले अंकित ने Zee News में करीब एक साल तक काम किया. यहां उन्होंने टीवी न्यूज प्रोडक्शन, आउटपुट डेस्क, कंटेंट रिसर्च, फैक्ट वेरिफिकेशन और न्यूज राइटिंग के अलग-अलग पहलुओं पर काम किया.

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