80% तक फुल स्पीड, फिर अचानक क्यों सुस्त पड़ जाती है EV की चार्जिंग? जानिए असली वजह

Fast EV Charging: क्या आपकी इलेक्ट्रिक गाड़ी 80% चार्ज होने के बाद कछुए की चाल से चार्ज होती है? अगर हां, तो यह किसी तकनीकी समस्या का संकेत नहीं, बल्कि बैटरी की लाइफ बढ़ाने के लिए अपनाई गई एक स्मार्ट तकनीक है.

Fast EV Charging: इलेक्ट्रिक गाड़ी (EV) खरीदने के बाद ज्यादातर लोग चार्जिंग स्पीड को लेकर शिकायत करते हैं. खासकर तब, जब बैटरी 80% तक चार्ज होने के बाद अचानक स्लो चार्ज होने लगे. शुरुआत में तो कई लोग ये समझ लेते हैं, कि उनकी चार्जर या बैटरी में ही कोई खराबी है, जबकि असली वजह कुछ और ही होती है. दरअसल, 80% चार्ज होने के बाद चार्जिंग स्पीड का स्लो होना एडवांस्ड बैटरी टेक्नोलॉजी का एक सामान्य हिस्सा है. आइए जानते हैं क्यों होता है ऐसा.

लास्ट 20% चार्ज होने में क्यों लगता है ज्यादा समय?

चार्ज लेवल कम रहने पर EV की बैटरी स्पीड में चार्ज होती है. लेकिन जैसे-जैसे बैटरी का चार्ज बढ़ने लगता है, इलेक्ट्रिक गाड़ी की बैटरी मैनेजमेंट सिस्टम चार्जिंग स्पीड को कम करना शुरू कर देती है. दरअसल, ऐसा इसलिए होता है ताकि चार्जिंग के दौरान बैटरी ज्यादा गर्म न हो जाए. साथ ही उसकी लंबी उम्र भी बनी रहे. यही कारण है कि 20% से 80% तक पहुंचने के बाद 100% तक चार्ज होने में काफी समय लगा देती है. यानी 80% के बाद स्लो चार्ज किसी तरह की तकनीकी खराबी नहीं है, बल्कि बैटरी की सेफ्टी के लिए अपनाया गया एक सामान्य प्रोसेस है.

कौन-सी गलती बढ़ा देती है आपका इंतजार?

कई लोग EV चार्जिंग को गाड़ी में पेट्रोल या डीजल भरवाने जैसा मानते हैं और बैटरी को हर बार 100% तक चार्ज करने की कोशिश करते हैं. यही सबसे बड़ी गलती साबित होती है. एक्सपर्ट्स के अनुसार, बैटरी का चार्ज लेवल आमतौर पर 20% से 80% के बीच रखना बेहतर माना जाता है. इससे न केवल बैटरी की लाइफ बढ़ती है, बल्कि चार्जिंग में लगने वाला समय भी कम हो जाता है. लंबे ट्रिप्स के दौरान 100% चार्ज का इंतजार करने के बजाय उतनी ही चार्जिंग करना ज्यादा समझदारी है, जिससे आप आसानी से अगले चार्जिंग स्टेशन तक पहुंच सकें.

EV इस्तेमाल को आसान बनाने का सरल तरीका

EV चार्जिंग को यात्रा की जरूरत के हिसाब से समझना जरूरी है. अगर आप केवल अगले पड़ाव तक पहुंचने लायक रेंज पर ध्यान देंगे, तो चार्जिंग का अनुभव काफी आसान और सुविधाजनक हो जाएगा. दरअसल, EV चार्जिंग से जुड़ी सबसे बड़ी समस्या चार्जर या बैटरी की खराबी नहीं होती, बल्कि इसके काम करने के तरीके को लेकर गलतफहमी होती है. एक बार जब आप समझ जाते हैं कि एडवांस्ड EV बैटरियां कैसे काम करती हैं, तो चार्जिंग में होने वाली देरी परेशान करने वाली नहीं लगती और लंबी यात्राओं की योजना बनाना भी काफी आसान हो जाता है.

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By Shivani shah

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टेक्नोलॉजी सेक्टर में शिवानी शाह की मजबूत पकड़ स्मार्टफोन लॉन्च/रिव्यूज, गैजेट रिव्यूज, टिप्स एंड ट्रिक्स, बायर्स गाइड, टेलीकॉम अपडेट्स, AI टूल्स/फीचर्स और ट्रेंडिंग टेक टॉपिक्स से जुड़े विषयों में है. ऑटोमोबाइल सेक्टर में वह नई कार/बाइक/स्कूटर्स की लॉन्चिंग, गाड़ियों के फीचर्स, बायर्स गाइड, इलेक्ट्रिक व्हीकल्स (EV), ट्रेंडिंग ऑटो टॉपिक्स और अपडेट्स पर रिसर्च-बेस्ड कंटेंट लिखती हैं. उनकी कोशिश रहती है कि हर खबर सिर्फ लॉन्च और फीचर्स की जानकारी तक सीमित न रहे, बल्कि पाठकों को यह भी समझ आए कि वह उनके लिए कितनी काम की है.

शिवानी शाह ने साल 2020 में करीम सिटी कॉलेज, जमशेदपुर से पत्रकारिता में ग्रेजुएशन और साल 2024 में अपेक्स यूनिवर्सिटी, जयपुर से मास्टर्स की पढ़ाई पूरी की. पढ़ाई के दौरान ही उन्होंने मीडिया और डिजिटल स्टोरीटेलिंग की बारीकियों को समझा और धीरे-धीरे टेक और ऑटो जर्नलिज्म की ओर अपना फोकस बढ़ाया.

अपने करियर की शुरुआत शिवानी शाह ने झारखंड के डिजिटल न्यूज पोर्टल Lagatar.com से की, जहां करीब एक साल तक उन्होंने काम किया. इसके बाद जयपुर में पढ़ाई के दौरान Hamara Samachar यूट्यूब चैनल में वह न्यूज एंकर रहीं. मास्टर्स पूरी करने के बाद उन्होंने झारखंड डिजिटल न्यूज पोर्टल The News Post में करीब एक साल तक काम किया. इन संस्थानों में काम करने के दौरान उन्होंने लोगों तक सही, भरोसेमंद और आसान भाषा में जानकारी पहुंचाने का अनुभव हासिल किया.

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