WhatsApp पर आया पर्सनल चैनल फीचर, जानिए इसमें क्या है खास

WhatsApp में चैनल फीचर की मदद से यूजर्स या फिर कंपनियां और ऑर्गनाइजेशंस लोगों तक सूचनाएं पहुंचा सकेंगे. मेटा के स्वामित्व वाली कंपनी ने कहा है कि आप चैनल फीचर के माध्यम से जरूरी अपडेट बहुत आसानी से पा सकते हैं. इसमें फॉलो करने का भी ऑप्शन मिलेगा.

WhatsApp Channel New Feature : दुनिया के सबसे पॉपुलर इंस्टैंट मैसेंजर प्लैटफॉर्म्स में से एक व्हाट्सऐप ने एक नया फीचर लॉन्च किया है. कंपनी ने नये फीचर को चैनल नाम दिया है. व्हाट्सऐप का चैनल फीचर एक ब्रॉडकास्ट फीचर है और यह ठीक उसी तरह काम करेगा जैसे टेलीग्राम का चैनल फीचर काम करता है.

भारत में बहुत जल्द

WhatsApp में चैनल फीचर की मदद से यूजर्स या फिर कंपनियां और ऑर्गनाइजेशंस लोगों तक सूचनाएं पहुंचा सकेंगे. मेटा के स्वामित्व वाली कंपनी ने कहा है कि यह फीचर फिलहाल कोलंबिया और सिंगापुर में लॉन्च किया जा रहा है लेकिन बहुत जल्द यह भारतीय यूजर्स के लिए भी उपलब्ध होगा. व्हाट्सऐप के अनुसार, आप चैनल फीचर के माध्यम से जरूरी अपडेट बहुत आसानी से पा सकते हैं. इसमें फॉलो करने का भी ऑप्शन मिलेगा.

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व्हाट्सऐप चैनल की खास बातें

  • व्हाट्सऐप चैनल वन वे कम्युनिकेशन होगा और इस पर एडमिन और फॉलोअर्स की जानकारी पूरी तरह सेफ रहेगी.

  • व्हाट्सऐप चैनल फीचर की मदद से एडमिन क्विक टेक्स्ट, फोटो, वीडियो, स्टिकर और पोल को अपने फॉलोअर्स तक सेंड कर पाएंगे.

  • व्हाट्सऐप यूजर्स मैसेजिंग प्लैटफॉर्म पर अपने पसंदीदा चैनल को सर्च भी कर पाएंगे.

  • व्हाट्सऐप इस फीचर को दुनिया की सबसे सेफ प्राइवेट ब्रॉडकॉस्ट सर्विस बनाना चाहता है.

  • एडमिन का फोन नंबर और उसकी प्रोफाइल उसके फॉलोअर्स भी देख नहीं सकते.

  • व्हाट्सऐप किसी भी चैनल की हिस्ट्री अपने सर्वर पर सिर्फ 30 दिनों तक ही रखेगा.

  • व्हाट्सऐप चैनल कोई भी व्यक्ति बना सकता है और यह एडमिन तय करेगा कि कौन उसे फॉलो करे.

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लेखक के बारे में

Author: Rajeev Kumar

राजीव कुमार हिंदी डिजिटल मीडिया के अनुभवी पत्रकार हैं और वर्तमान में प्रभातखबर.कॉम में सीनियर कंटेंट राइटर के तौर पर कार्यरत हैं. 15 वर्षों से अधिक के पत्रकारिता अनुभव के दौरान उन्होंने टेक्नोलॉजी और ऑटोमोबाइल सेक्टर की हजारों खबरों, एक्सप्लेनर, एनालिसिस और फीचर स्टोरीज पर काम किया है. सरल भाषा, गहरी रिसर्च और यूजर-फर्स्ट अप्रोच उनकी लेखन शैली की सबसे बड़ी पहचान है. राजीव की विशेषज्ञता स्मार्टफोन, गैजेट्स, एआई, मशीन लर्निंग, इंटरनेट ऑफ थिंग्स (IoT), साइबर सिक्योरिटी, टेलीकॉम, इलेक्ट्रिक व्हीकल्स, ICE और हाइब्रिड कारों, ऑटोनोमस ड्राइविंग तथा डिजिटल ट्रेंड्स जैसे विषयों में रही है. वे लगातार बदलती टेक और ऑटो इंडस्ट्री पर नजर रखते हैं और रिपोर्ट्स, आधिकारिक डेटा, कंपनी अपडेट्स तथा एक्सपर्ट इनसाइट्स के आधार पर सटीक और भरोसेमंद जानकारी पाठकों तक पहुंचाते हैं. डिजिटल मीडिया में राजीव की खास पहचान SEO-ऑप्टिमाइज्ड और डेटा-ड्रिवेन कंटेंट के लिए भी रही है. गूगल डिस्कवर और यूजर एंगेजमेंट को ध्यान में रखते हुए वे ऐसे आर्टिकल्स तैयार करते हैं, जो न केवल जानकारीपूर्ण होते हैं, बल्कि पाठकों की जरूरत और सर्च ट्रेंड्स से भी मेल खाते हैं. टेक और ऑटो सेक्टर पर उनके रिव्यू, एक्सपर्ट इंटरव्यू, तुलना आधारित लेख और एक्सप्लेनर स्टोरीज को पाठकों द्वारा काफी पसंद किया जाता है. राजीव ने अपने पत्रकारिता करियर की शुरुआत वर्ष 2011 में प्रभात खबर दैनिक से की थी. शुरुआती दौर में उन्होंने देश-विदेश, कारोबार, संपादकीय, साहित्य, मनोरंजन और फीचर लेखन जैसे विभिन्न बीट्स पर काम किया. इसके बाद डिजिटल प्लैटफॉर्म पर उन्होंने ग्राउंड रिपोर्टिंग, वैल्यू-ऐडेड स्टोरीज और ट्रेंड आधारित कंटेंट के जरिए अपनी अलग पहचान बनाई. जमशेदपुर में जन्मे राजीव ने प्रारंभिक शिक्षा सीबीएसई स्कूल से प्राप्त की. इसके बाद उन्होंने रांची यूनिवर्सिटी से बॉटनी ऑनर्स और भारतीय विद्या भवन, पुणे से हिंदी पत्रकारिता एवं जनसंचार में डिप्लोमा किया. पत्रकारिता के मूल सिद्धांत 5Ws+1H पर उनकी मजबूत पकड़ उन्हें खबरों की गहराई समझने और उन्हें आसान, स्पष्ट और प्रभावी भाषा में पाठकों तक पहुंचाने में मदद करती है. राजीव की सबसे बड़ी पहचान है, क्रेडिब्लिटी, क्लैरिटी और ऑडियंस-फर्स्ट अप्रोच. वे सिर्फ टेक ऐंड ऑटो को कवर नहीं करते, बल्कि उसे ऐसे पेश करते हैं कि हर व्यक्ति उसे समझ सके, उससे जुड़ सके और उससे फायदा उठा सके. जुड़िए rajeev.kumar@prabhatkhabar.in पर

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