WhatsApp ने अक्टूबर में 2.3 मिलियन अकाउंट पर लगाया बैन

WhatsApp ने 11000 खातों को सक्रिय रूप से बैन कर दिया गया था. यह कदम शिकायत मिलने के बाद उठाया गया. WhatsApp ने बताया अक्टूबर में 701 शिकायतें मिली थीं. प्रवक्ता ने बताया, हमने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस अन्य तकनीक में लगातार निवेश किया है.

इंस्टेंट मैसेजिंग और वॉयस-ओवर-आईपी सर्विस WhatsApp को लेकर खबर है कि अक्टूबर में करीब 2.3 मिलियन अकाउंट पर बैन लगा दिया गया था. इसका खुलासा खुद WhatsApp के प्रवक्ता ने किया है. यह कदम आईटी के नये नियम के तहत उठाया गया.

811000 खातों को सक्रिय रूप से किया गया बैन

न्यूज एजेंसी एएनआई के अनुसार WhatsApp ने 11000 खातों को सक्रिय रूप से बैन कर दिया गया था. यह कदम शिकायत मिलने के बाद उठाया गया. WhatsApp ने बताया अक्टूबर में 701 शिकायतें मिली थीं. प्रवक्ता ने बताया, हमने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस अन्य तकनीक में लगातार निवेश किया है. उन्होंने बताया, आईटी नियम 2021 के अनुसार हमने अक्टूबर 2022 के महीने के लिए अपनी रिपोर्ट प्रकाशित की है. जिसमें उपयोगकर्ताओं के द्वारा की गयी शिकायत और WhatsApp द्वारा की गयी कार्रवाई का पूरा विवरण है. प्रवक्ता ने बताया अक्टूबर महीने में कुल 2.3 मिलियन अकाउंट को बैन किया गया.

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सितंबर महीने में इतने खातों को किया गया था बैन

WhatsApp द्वारा पहली बार कोई कार्रवाई नहीं की गयी है बल्कि इससे पहले भी अकाउंट पर प्रतिबंध लगाया जा चुका है. प्रवक्ता के अनुसार 1 सितंबर से 30 सितंबर के बीच 2685000 अकाउंट को तत्काल संदेश सेवा से प्रतिबंधित कर दिया गया था.

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2021 में भी किये गये थे कई अकाउंट बैन

WhatsApp ने 2021 में भी कई अकाउंट को बैन किया था. अक्टूबर 2021 में 20 लाख से ज्यादा भारतीय खातों पर प्रतिबंध लगाया गया था. उस दौरान व्हाट्सएप को 500 शिकायतें मिली थी. व्हाट्सएप की तरफ से बताया गया है कि उसने नए आईटी नियम 2021 के अनुपालन में अक्टूबर में भारत में दो मिलियन यानि 20 लाख से अधिक खातों को बैन किया गया था.

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लेखक के बारे में

By Arbindkumar mishra

अरबिंद कुमार मिश्रा मुख्यधारा की पत्रकारिता में 15 वर्षों से अधिक का अनुभव रखने वाले एक वरिष्ठ पत्रकार और लेखक हैं. वर्तमान में, वह प्रभात खबर डॉट कॉम (Prabhat Khabar) में सीनियर कंटेंट राइटर के रूप में अपनी सेवाएं दे रहे हैं. अरबिंद नेशनल, इंटरनेशनल और स्पोर्ट्स कैटेगरी में अपनी लेखनी के लिए जाने जाते हैं. गहरी रिसर्च पर आधारित स्पेशल स्टोरीज, रिपोर्टिंग और जटिल मुद्दों पर आसान भाषा में 'एक्सप्लेनर' लिखना उनकी मुख्य यूएसपी (USP) है.

झारखंड की समृद्ध संस्कृति और लोक परंपराओं में उनकी गहरी रुचि है. अपनी उत्कृष्ट और सरोकार से जुड़ी रिपोर्टिंग के लिए उन्हें संस्थान स्तर पर कई बार सम्मानित और पुरस्कृत भी किया जा चुका है.

करियर का सफरनामा

अरबिंद ने अपने पत्रकारिता करियर की शुरुआत देश की प्रतिष्ठित बहुभाषी न्यूज एजेंसी 'हिंदुस्थान समाचार' से बतौर रिपोर्टर की थी. इसके बाद उन्होंने प्रसार भारती के अंग दूरदर्शन और आकाशवाणी के साथ भी काम किया, जहां उन्होंने एंकरिंग, वॉइस-ओवर और रिपोर्टिंग के गुर सीखे. साल 2011 में वह 'प्रभात खबर डॉट कॉम' से जुड़े और तब से लगातार डिजिटल पत्रकारिता के क्षेत्र में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं.

प्रमुख उपलब्धियां और ग्राउंड रिपोर्टिंग

खेल पत्रकारिता और जमीनी रिपोर्टिंग में अरबिंद का योगदान उल्लेखनीय रहा है. उनकी कुछ सबसे बड़ी उपलब्धियों में शामिल हैं:

34वें राष्ट्रीय खेल: झारखंड में आयोजित ऐतिहासिक 34वें नेशनल गेम्स की बेहतरीन और व्यापक ग्राउंड रिपोर्टिंग.

अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट: रांची के जेएससीए (JSCA) स्टेडियम में आयोजित कई इंटरनेशनल क्रिकेट मैचों को करीब से कवर किया.

पुरुष हॉकी वर्ल्ड कप (2018): भुवनेश्वर में आयोजित वर्ल्ड कप के फाइनल मुकाबले की शानदार स्पोर्ट्स रिपोर्टिंग.

पंचायतनामा: प्रभात खबर के इस खास विंग के लिए ग्रामीण इलाकों का दौरा कर कई प्रेरक 'सक्सेस स्टोरीज' लिखीं.

शैक्षणिक योग्यता (Education & Credentials)

UGC NET: साल 2019 में यूजीसी नेट (UGC NET) की परीक्षा उत्तीर्ण की.

बैचलर ऑफ जर्नलिज्म (BJMC): रांची विश्वविद्यालय से साल 2011 में पत्रकारिता में स्नातक की डिग्री हासिल की.

एम.ए. (नागपुरी भाषा): रांची विश्वविद्यालय के 'जनजातीय एवं क्षेत्रीय भाषा विभाग' से साल 2009 में नागपुरी भाषा में स्नातकोत्तर (MA) की डिग्री हासिल की.

लेखन शैली और विशेषज्ञता: एक्सप्लेनर, रिसर्च बेस्ड स्टोरीज, स्पोर्ट्स जर्नलिज्म, इंटरनेशनल अफेयर्स और झारखंड की लोक-संस्कृति.

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