बारिश के मौसम में आपकी गाड़ी हो गई हो चौपट, तो अब फटाफट कर लें ये काम, वर्ना...

मानसून का मौसम कारों के लिए कई प्रकार की चुनौतियां लेकर आता है. मॉनसून के दौरान आपकी गाड़ी को अत्यधिक नमी, गड्ढे, कीचड़ और बारिश की बौछारों का सामना करना पड़ता है. बढ़ी हुई नमी आपकी कार के परफॉर्मेंस और चमक को प्रभावित कर सकती है.

नई दिल्ली : भारत में दक्षिण-पश्चिम मानसून की वापसी जारी है. झारखंड समेत पूर्वी भारत में इसकी यह प्रक्रिया अक्टूबर के आखिर तक जारी रहने की उम्मीद है. हालांकि, इस दौरान कहीं-कहीं छिटपुट बारिश की संभावना जाहिर की जा रही है, लेकिन अब मानसून अपनी समाप्ति की ओर अग्रसर है और बारिश का मौसम करीब-करीब समाप्त हो चुका है. वाहन मालिकों और ड्राइवरों के लिए सलाह यह है कि मानसून के समाप्त होने के बाद आप लोग अपनी-अपनी गाड़ियों की मरम्मत करा लें. संभव हो, तो इसकी सर्विसिंग करा लें. आपके द्वारा ऐसा करने पर आपकी गाड़ी की माइलेज और शाइनिंग दोनों बढ़ जाएंगी. इससे आपकी गाड़ी लाइफ और राइडिंग बढ़ने के साथ ही आपकी पर्सनलिटी भी अपडेट हो जाएगी. बारिश के मौसम के बाद हम आपको आपकी गाड़ी की सेहत बढ़ाने के लिए कुछ टिप्स बताने जा रहे हैं. उसे आजमाने से आपकी गाड़ी पूरी तरह से तंदुरुस्त होकर दोबारा सड़क पर फर्राटा भरने के लिए तैयार हो जाएगी. तो आइए जानते हैं प्रमुख टिप्स…

वाहन मालिकों के लिए चुनौती लेकर आता मानसून

मानसून का मौसम कारों के लिए कई प्रकार की चुनौतियां लेकर आता है. मॉनसून के दौरान आपकी गाड़ी को अत्यधिक नमी, गड्ढे, कीचड़ और बारिश की बौछारों का सामना करना पड़ता है. बढ़ी हुई नमी आपकी कार के परफॉर्मेंस और चमक को प्रभावित कर सकती है. जैसे-जैसे हम भारत में मानसून सीजन की विदाई की ओर आगे बढ़ रहे हैं, गाड़ियों की देखभाल करना महत्वपूर्ण हो गया है. हम आपके लिए मानसून के बाद गाड़ियों की देखभाल से संबंधित कुछ टिप्स लेकर आए हैं. मानसून के बाद कार देखभाल की दिनचर्या विकसित करना भी बहुत ही महत्वपूर्ण है.

मानूसन के बाद गाड़ी के बाहरी भागों की करें सफाई

मानूसन के दौरान कीचड़ भरी सड़कों और भारी बारिश को झेलने के बाद आपकी कार का बाहरी हिस्सा गंदगी और गंदे पदार्थों से ढक जाती है. बारिश की वजह से गाड़ी की पेंट उखड़ने लगी है और जंग लगने लगती है. पेंट को बचाए रखने और जंग को रोकने के लिए बाहरी भागों को पूरी तरह सफाई करना बेहद महत्वपूर्ण है. गंदगी को धीरे से हटाने के लिए अपनी कार को पीएच-संतुलित कार शैम्पू से धोना चाहिए. पहियों के अंदरुनी भागों में जमा हुए कीचड़ और गंदगी की सफाई करें. इसके बाद पेंट बचाए रखने के लिए मोम या फिर सीलेंट का भी इस्तेमाल कर सकते हैं. ये दोनों पदार्थ आपकी गाड़ी को बारिश के पानी और गंदगी से होने वाले संभावित नुकसान से बचाने का काम करते हैं.

टायरों की जांच करें

बारिश के मौसम के दौरान अक्सरहां लोग गाड़ियों की टायरों की ओर ध्यान नहीं देते हैं, जिससे टायरों कमजोर हो जाते हैं. बारिश का मौसम समाप्त होने के बाद सबसे पहले टायरों को चेक करना बेहद जरूरी है. आपकी गाड़ी के टायर अच्छे रहेंगे, तो गाड़ी का परफॉर्मेंस बेहतर रहेगी. ऐसा भी हो सकता है कि बारिश के दौरान आपकी गाड़ी के टायर अधिक घिस गए हों, तो जरूरत पड़ने पर उसे बदलवा भी सकते हैं. इसके अलावा, स्पेयर टायर की स्थिति और दबाव की जांच करना न भूलें.

इंटीरियर की सफाई और उसका ट्रीटमेंट करें

मानसून के दौरान मॉस्चुराइजेशन और हयुमिउिटी से कार के अंदरुनी भागों में फफूंदी बढ़ जाती है. इससे पहले कि ये समस्याएं और बढ़ें, अपनी कार के इंटीरियर की अच्छी तरह से सफाई कर लेना चाहिए. किसी भी जमा गंदगी और नमी को हटाने के लिए सीटों, कालीनों और फर्श मैट को वैक्यूम करें. डैशबोर्ड, दरवाजों के पैनल और अन्य सतहों को पोंछने के लिए हल्के क्लीनर का इस्तेमाल कर सकते हैं. दुर्गंध और फफूंदी को रोकने के लिए एक विशेष कार इंटीरियर क्लीनर का भी इस्तेमाल कर सकते हैं.

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जंग हटाने के लिए उपाय करना बेहद जरूरी

यह कोई रॉकेट साइंस नहीं है कि मॉस्चुराइजेशन ही गाड़ियों पर जंग लगने और कोरोजन का कारण बने. मानसून का मौसम खत्म होने के बाद कारों में लगने वाली जंग की जांच आप खुद भी कर सकते हैं. जिन जगहों पर जंग लग गई है, वहां पर जंग हटानेवाला या जंग रोधी स्प्रे का इस्तेमाल कर सकते हैं. जंग-रोधी कोटिंग लगाने से भविष्य में लगने वाली जंग से लंबे समय तक बचाव किया जा सकता है. यदि जंग हटाने के लिए किसी बड़ी मरम्मत की आवश्यकता हो, तो मोटर मैकेनिक से इसे करवा लिया जाना चाहिए.

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इलेक्ट्रिक उपकरणों की करें जांच

आज की आधुनिक कारों में इलेक्ट्रॉनिक्स और इलेक्ट्रिकल सिस्टम लगे होते हैं, जिससे आपकी कार में मानसून के दौरान पानी से होने वाले नुकसान का खतरा अधिक बढ़ जाता है. मानसून का मौसम खत्म होने के बाद हेडलाइट्स, टेललाइट्स, टर्न सिग्नल और ब्रेक लाइट्स सहित सभी लाइटों की जांच करें. सुनिश्चित करें कि वे ठीक से काम कर रहे हैं और किसी भी खराब हुए बल्ब को बदल दें. इसके अलावा, जंग के लिए बैटरी को चेक करें और सुनिश्चित करें कि यह सुरक्षित रूप से बंधी हुई है. बिजली संबंधी समस्याएं अप्रत्याशित खराबी और सुरक्षा खतरों का कारण बन सकती हैं. इसलिए समय पर इसे चेक करना बेहद जरूरी है.

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लेखक के बारे में

By KumarVishwat Sen

कुमार विश्वत सेन प्रभात खबर डिजिटल में डेप्यूटी चीफ कंटेंट राइटर हैं. इनके पास हिंदी पत्रकारिता का 25 साल से अधिक का अनुभव है. इन्होंने 21वीं सदी की शुरुआत से ही हिंदी पत्रकारिता में कदम रखा. दिल्ली विश्वविद्यालय से हिंदी पत्रकारिता का कोर्स करने के बाद दिल्ली के दैनिक हिंदुस्तान से रिपोर्टिंग की शुरुआत की. इसके बाद वे दिल्ली में लगातार 12 सालों तक रिपोर्टिंग की. इस दौरान उन्होंने दिल्ली से प्रकाशित दैनिक हिंदुस्तान दैनिक जागरण, देशबंधु जैसे प्रतिष्ठित अखबारों के साथ कई साप्ताहिक अखबारों के लिए भी रिपोर्टिंग की. 2013 में वे प्रभात खबर आए. तब से वे प्रिंट मीडिया के साथ फिलहाल पिछले 10 सालों से प्रभात खबर डिजिटल में अपनी सेवाएं दे रहे हैं. इन्होंने अपने करियर के शुरुआती दिनों में ही राजस्थान में होने वाली हिंदी पत्रकारिता के 300 साल के इतिहास पर एक पुस्तक 'नित नए आयाम की खोज: राजस्थानी पत्रकारिता' की रचना की. इनकी कई कहानियां देश के विभिन्न पत्र-पत्रिकाओं में प्रकाशित हुई हैं.

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