भारत में इलेक्ट्रिक स्कूटर अब रोजमर्रा की जिंदगी का हिस्सा बन चुके हैं. ऑफिस के बाहर, मेट्रो स्टेशन पर या मोहल्ले की किराना दुकान तक- हर जगह ये दिख जाते हैं. पेट्रोल स्कूटर की जगह कई लोगों ने इन्हें पूरी तरह अपना लिया है. लेकिन एक सवाल हमेशा बना रहता है- असली भारतीय सड़कों और ट्रैफिक में इनसे ज्यादा से ज्यादा रेंज कैसे निकाली जाए? आइए जानते हैं कुछ दमदार टिप्स.
स्मूद राइडिंग स्टाइल
तेज एक्सीलरेशन और अचानक ब्रेकिंग बैटरी को जल्दी खत्म कर देती है. अगर आप धीरे-धीरे स्पीड बढ़ाएं और ट्रैफिक को पहले से पढ़कर चलें तो बैटरी की खपत कम होगी. रेड लाइट दिखते ही थ्रॉटलछोड़ दें और अचानक ब्रेक लगाने से बचें.
सही मोड का इस्तेमाल
ज्यादातर स्कूटर में Eco, Ride और Sport मोड होते हैं.भीड़भाड़ वाले शहरों में Eco मोड सबसे बेहतर है क्योंकि यह पावर और स्पीड को सीमित कर बैटरी बचाताहै.Sport मोड सिर्फ खुले रास्तों या छोटे स्पीड बर्स्ट के लिए रखें.
टायर प्रेशर और वजन
कम हवा वाले टायर मोटर पर ज्यादा दबाव डालते हैं और बैटरी जल्दी खत्म होती है. हर दो हफ्ते में टायर प्रेशर जरूर चेक करें. साथ ही, ज्यादा सामान या भारी बैग लेकर चलने से भी रेंज घटती है. लंबी दूरी पर निकलते समय हल्का सफर करें.
मौसम और चार्जिंग आदतें
गर्मी में धूप में खड़ीगाड़ी बैटरी की क्षमता घटा सकती है. कोशिश करें कि स्कूटर को छांव में पार्क करें. बैटरी को बार-बार पूरी तरह खाली न करें. रोजाना इस्तेमाल के लिए 20% से 80%चार्जिंग सबसे बेहतर है. फास्ट चार्जिंग सुविधाजनक है, लेकिन घर पर नॉर्मल चार्जिंग बैटरी की उम्र बढ़ाती है.
सर्विस और स्मार्ट फीचर्स
समय-समय पर सर्विसिंग कराते रहें. ब्रेक, टायर और इलेक्ट्रिकल सिस्टम की जांच जरूरी है. कई स्कूटर में सॉफ्टवेयर अपडेट आते हैं जो बैटरी मैनेजमेंट और परफॉर्मेंस सुधारते हैं. इन्हें नजरअंदाज न करें.
स्मूद चलें, सही मोड चुनें
कंपनी द्वारा बताये गए रेंज आंकड़े लैब टेस्ट पर आधारित होते हैं, लेकिन असली भारतीय सड़कों पर नतीजे अलग होते हैं. अगर आप स्मूद चलें, सही मोड चुनें, टायर और बैटरी का ध्यान रखें, तो आपका इलेक्ट्रिक स्कूटर रोजाना लंबी दूरी तय कर सकता है.
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