Budget 2023: EV पर सब्सिडी बढ़े, पार्ट्स पर GST घटे, तो तेज दौड़ेगी ऑटो इंडस्ट्री

Union Budget 2023 पेश होने को है. ऑटो सेक्टर की नजरें Electric Vehicle पर मिलनेवाली सब्सिडी और स्पेयर पार्ट्स पर GST पर है. Finance Minister Nirmala Sitharaman से लोग Affordable EV के लिए ज्यादा सब्सिडी की उम्मीद लगा रहे हैं, वहीं कार कंपनियां भी इलेक्ट्रिक व्हीकल्स के लिए सरकार से मदद मांग रही हैं.

Union Budget 2023 Expectations 2023: केंद्रीय बजट 2023 (Union Budget 2023) पेश होने को है. ऐसे में ऑटो सेक्टर की नजरें इलेक्ट्रिक व्हीकल (Electric Vehicle) पर मिलने वाली सब्सिडी और स्पयेर पार्ट्स पर लगनेवाले जीएसटी (GST) पर है. वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण (Finance Minister Nirmala Sitharaman) से जहां लोग सस्ते ईवी (Affordable EV) के लिए ज्यादा सब्सिडी की उम्मीद लगा रहे हैं, वहीं कार निर्माता कंपनियां भी इलेक्ट्रिक व्हीकल्स के दामों को कम करने के लिए सरकार की तरफ से और मदद मांग रही हैं. सोसायटी ऑफ मैन्युफैक्चरर्स ऑफ इलेक्ट्रिक व्हीकल (SMEV) ने बजट में इलेक्ट्रिक व्हीकल के स्पेयर पार्ट्स पर लगनेवाले जीएसटी को कम करने और सभी पार्ट्स पर समान 5 प्रतिशत जीएसटी लगाने की मांग की है. इसके साथ ही, संगठन ने इलेक्ट्रिक व्हीकल पर मिलनेवाली FAME 2 सब्सिडी को भी बढ़ाने की मांग की है. SMEV का कहना है कि फेम 2 की वैधता 31 मार्च 2024 को खत्म हो रही है. इसकी समय-सीमा बढ़ाने के साथ ही सब्सिडी की राशि बढ़ानी भी जरूरी हो गई है.

इलेक्ट्रिक गाड़ियों के लिए सब्सिडी बढ़ाने की मांग

Electric Vehicle (इलेक्ट्रिक वाहन) बनानेवाले निर्माताओं के संगठन ने FAME II स्कीम के तहत इलेक्ट्रिक गाड़ियों के लिए सब्सिडी बढ़ाने की मांग की है. इस संगठन का कहना है कि सड़कों पर इलेक्ट्रिक व्हीकल्स की संख्या बढ़ाने के लिए हल्के से लेकर भारी कमर्शियल व्हीकल्स तक को इस स्कीम में शामिल किया जाना चाहिए. संगठन ने कहा है कि FAME II की वैलिडिटी 31 मार्च 2024 को खत्म हो जाएगी. फेम की वैलिडिटी को बढ़ाने की जरूरत है. संगठन ने कहा कि जितनी पैठ बननी चाहिए थी, उतनी फिलहाल नहीं बन पायी है. सब्सिडी इसे गति देने का काम करेगी. संगठन ने कहा कि बाजार के रुझानों से पता चलता है कि ईवी में, खासतौर से इलेक्ट्रिक टू-व्हीलर में कुल टू-व्हीलर मार्केट के 20 प्रतिशत तक पहुंचने के बाद भी ग्रोथ की क्षमता है. ऐसे में सब्सिडी की रकम और वैधता थोड़ी और बढ़ा दी जाए तो इंडस्ट्री को फायदा हो सकता है.

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सरकार दे रही इलेक्ट्रिक व्हीकल्स को बढ़ावा

दूसरी तरफ, सरकार इलेक्ट्रिक व्हीकल्स को लगातार बढ़ावा देने का काम कर रही है. इसके तहत सब्सिडी की रकम भी अच्छी दी जा रही है. सरकार की योजनाओं को देखते हुए एक्सपर्ट्स का मानना है ‌कि सरकार आनेवाले बजट में ऑटो मैन्युफैक्चरर्स और ईवी ग्राहकों को बड़ी राहत दे सकती है. क्योंकि सरकार का यह कदम भविष्य में बड़ा लाभदायक साबित होगा. उद्योग संगठन का अनुमान है कि 2022-23 में इलेक्ट्रिक व्हीकल्स की 10 लाख यूनिट्स की बिक्री ऑटो सेक्टर के लक्ष्य से 20 प्रतिशत तक कम रहने की उम्मीद है. संगठन का कहना है कि सरकार की तरफ से लगभग 1100 करोड़ रुपये की सब्सिडी रोके जाने के कारण बिक्री में कमी आ सकती है.

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By Rajeev kumar

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