एसयूवी गाड़ियों का असली मजा डीजल इंजन में ही आता है, लेकिन हमारी पॉलिसी और इस ईंधन को लेकर बनी कम पसंद के कारण ज्यादातर कार कंपनियों ने डीजल इंजन देना बंद कर दिया है. मजेदार बात यह है कि जहां डीजल का ऑप्शन अब भी मिल रहा है, वहां इसकी मांग बहुत अच्छी है. हालांकि, ग्राहकों के पास चुनने के लिए केवल कुछ ही ऑप्शन बचे हैं. अगर आप भी 25 लाख रुपये के बजट में एक बेहतरीन डीजल-ऑटोमैटिक SUV ढूंढ रहे हैं, तो हमने आपके लिए टॉप-5 कारों की यह लिस्ट बनाई है.
महिंद्रा एक्सयूवी 7XO (Mahindra XUV 7XO)
महिंद्रा बड़ी डीजल एसयूवी गाड़ियों के लिए जानी जाती है, और XUV 7XO का 185hp वाला 2.2-लीटर डीजल इंजन रिफाइनमेंट और परफॉर्मेंस के मामले में सबसे आगे है. यह इस लिस्ट की सबसे पावरफुल एसयूवी है, और इसके साथ मिलने वाला 6-स्पीड टॉर्क-कनवर्टर ऑटोमैटिक गियरबॉक्स बहुत ही स्मूथ है. शानदार और बड़ा इंटीरियर, ढेर सारे फीचर्स और बढ़िया राइड व हैंडलिंग बैलेंस इसकी बड़ी ताकत हैं. इसकी थर्ड-रो में ज्यादा जगह नहीं है, लेकिन कम से कम यह जरूरत पड़ने पर काम आ जाती है.
महिंद्रा स्कॉर्पियो एन (Mahindra Scorpio N)
स्कॉर्पियो एन में भी वही 2.2-लीटर डीजल इंजन दिया गया है जो XUV 7XO में आता है, लेकिन इसे थोड़ा अलग ट्यून किया गया है. यह 175hp की पावर और 370Nm का टॉर्क (4x4 मॉडल में 400Nm) जनरेट करता है. स्कॉर्पियो एन की मजबूत बनावट और रफ-एंड-टफ अंदाज के हिसाब से यह डीजल इंजन बहुत सही बैठता है. इसका 6-स्पीड ऑटोमैटिक गियरबॉक्स बहुत तेज या स्पॉर्टी तो नहीं है, लेकिन चलाने में काफी स्मूथ है. इस लिस्ट में स्कॉर्पियो एन ही इकलौती ऐसी कार है जिसमें 4x4 सिस्टम का ऑप्शन मिलता है, और यह ऑफ-रोडिंग में कमाल की साबित होती है. इसका इंटीरियर भी काफी प्रीमियम है और फीचर्स भी अच्छे मिलते हैं, हालांकि इसकी तीसरी रो में जगह काफी कम है.
हुंडई क्रेटा (Hyundai Creta)
क्रेटा में सेल्टोस वाला ही 116hp, 1.5-लीटर डीजल इंजन इस्तेमाल होता है, इसलिए इंजन की स्मूथनेस और रिफाइनमेंट जैसी खूबियां इसमें भी मिलती हैं. यह पुराने जनरेशन का मॉडल होने और सेल्टोस से थोड़ी छोटी होने की वजह से परफॉर्मेंस में बिल्कुल भी सुस्त महसूस नहीं होती. यह काफी माइलेज भी देती है, जिससे डीजल-ऑटोमैटिक का कॉम्बिनेशन क्रेटा में सबसे बेहतरीन बन जाता है. इसके अलावा, क्रेटा अपने सेगमेंट की सबसे भरोसेमंद गाड़ियों में से एक है जो अपनी उम्र के बावजूद स्पेस, फीचर्स और प्रीमियम फील के मामले में काफी आगे है.
किआ सेल्टोस (Kia Seltos)
XUV 7XO के मुकाबले इंजन क्षमता और पावर में काफी कम होने के बावजूद, सेल्टोस का 116hp, 1.5-लीटर डीजल इंजन अपनी स्मूथनेस और रिफाइनमेंट के लिए जाना जाता है. इसमें पावर बहुत ही आराम से मिलती है और केवल 1,500rpm पर ही पूरा टॉर्क मिल जाता है, जिससे यह लंबी दूरी तय करने के लिए एक आरामदायक कार बनती है. हालांकि, स्पोर्ट मोड में भी इसमें वो दमदार डीजल वाली तेजी या पंच महसूस नहीं होता. इसका गियरबॉक्स स्मूथ जरूर है, लेकिन पैडल शिफ्टर्स का इस्तेमाल करने पर भी थोड़ा धीमा काम करता है. सेल्टोस अंदर से काफी स्पेसियस और प्रीमियम है, और इसका इंफोटेनमेंट सिस्टम इस्तेमाल करने में सबसे आसान और बेहतरीन है.
टाटा सिएरा (Tata Sierra)
टाटा सिएरा में वही 1.5-लीटर डीजल इंजन दिया गया है जो कर्व (Curvv) और नेक्सॉन (Nexon) में आता है, लेकिन इसे ट्यून करके 118hp की पावर और 280Nm का टॉर्क देने लायक बनाया गया है. इस 1.5-लीटर इंजन में आम डीजल गाड़ियों जैसा बीच का पंच (मिडरेंज) नहीं मिलता, बल्कि यह धीरे-धीरे पावर पकड़ती है. रिफाइनमेंट के मामले में भी यह बहुत खास नहीं है और आपको हर वक्त हल्का वाइब्रेशन महसूस होता रहता है, जिससे पता चलता रहता है कि आप डीजल कार चला रहे हैं. हालांकि, इसका टॉर्क-कनवर्टर ऑटोमैटिक गियरबॉक्स काफी स्मूथ है और इंजन को सही पावर में बनाए रखता है. इसके अलावा, सिरॉन अपनी स्पेस, फीचर्स और बेहतरीन राइड व हैंडलिंग बैलेंस से काफी प्रभावित करती है.
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