Tata Sierra.ev में बोलकर ऑर्डर होगी कॉफी, FASTag भी होगा रिचार्ज, जानें DrivePay फीचर के बारे में

Tata Sierra.ev में DrivePay फीचर के जरिए ड्राइवर अब बोलकर कॉफी ऑर्डर करने, FASTag रिचार्ज करने और आसपास चार्जिंग स्टेशन खोजने जैसे काम कर सकेगा. इसकी शुरुआत Harrier.ev से हुई थी.

Tata Sierra.ev अब सिर्फ रास्ता बताने या गाने चलाने तक सीमित नहीं रहेगी. इस कार में अब आप बोलकर कॉफी ऑर्डर करने, FASTag रिचार्ज करने और ऐसा चार्जिंग स्टेशन ढूंढने जैसे काम भी कर सकेंगे, जहां पेमेंट के लिए सुविधा उपलब्ध हो. यह फीचर DrivePay के जरिए काम करता है, जिसे Tata ने ToneTag के साथ मिलकर तैयार किया है. Sierra.ev में इसकी खासियत यह है कि इसमें अब वॉयस से काम करने वाला कॉमर्स फीचर भी जुड़ गया है.

यानी ड्राइवर को हर छोटे काम के लिए फोन निकालकर अलग-अलग ऐप खोलने की जरूरत नहीं पड़ेगी. कार का इंफोटेनमेंट सिस्टम आपकी आवाज के कमांड को समझकर काम कर सकेगा.

इस फीचर की मदद से क्या-क्या कर सकते हैं?

DrivePay का सबसे साफ और काम का इस्तेमाल सामान ऑर्डर करना है. इस सिस्टम के साथ जुड़ने वाला पहला ब्रांड Blue Tokai Coffee है. यानी ड्राइवर को कॉफी ऑर्डर करने के लिए फोन उठाने, आउटलेट खोजने और फिर अलग से पेमेंट करने की जरूरत नहीं पड़ेगी. कार में वॉइस कमांड देकर सीधे ऑर्डर किया जा सकता है.

इसी तरह FASTag को भी कार में बैठे-बैठे वॉइस कमांड से रिचार्ज किया जा सकेगा. इसका फायदा तब ज्यादा होगा, जब टोल प्लाजा के पास पहुंचने पर अचानक पता चले कि FASTag में पैसे कम हैं. ऐसी स्थिति में आपको गाड़ी रोककर या फोन निकालकर रिचार्ज करने की जरूरत नहीं होगी. रास्ते में ही बोलकर FASTag रिचार्ज किया जा सकेगा.

फोटो: TATAev/YouTube

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चार्जिंग के मामले में भी DrivePay आपके लिए काम आसान कर सकता है. यह सिस्टम आपके आसपास मौजूद चार्जिंग स्टेशनों की जानकारी रियल टाइम में दिखा सकता है. साथ ही, आपकी कार के हिसाब से सही चार्जर और जहां सीधे पेमेंट किया जा सकता है, ऐसे चार्जर भी खोजने में मदद करेगा.

इस फीचर की शुरुआत Harrier.ev से हुई थी

Tata ने Harrier.ev में DrivePay नाम का इन-कार UPI पेमेंट सिस्टम दिया था. इसकी मदद से कार के अंदर से ही चार्जिंग और FASTag का पेमेंट किया जा सकता है. Harrier.ev में चार्जिंग स्टेशन खोजने का फीचर भी कार के नेविगेशन सिस्टम से जुड़ा हुआ था. साथ ही, कार में कितनी बैटरी बची है, इसकी जानकारी भी मिलती थी.

अब Sierra.ev के साथ Tata ने इस आइडिया को एक कदम और आगे बढ़ाया है. इसमें ड्राइवर बोलकर सामान या कॉफी जैसी चीजें ऑर्डर करने की शुरुआत कर सकता है. आसान शब्दों में कहें तो Harrier.ev ने दिखाया कि कार का डैशबोर्ड पेमेंट करने के काम आ सकता है. वहीं, Sierra.ev यह दिखाने की कोशिश कर रही है कि कार की स्क्रीन का यूज ऑर्डर करने के लिए भी किया जा सकता है.

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By अंकित आनंद

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अंकित आनंद टेक्नोलॉजी और ऑटोमोबाइल जर्नलिस्ट हैं. वर्तमान में प्रभात खबर डिजिटल में कंटेंट राइटर के रूप में काम कर रहे हैं. वे स्मार्टफोन, टेलीकॉम, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI), कंज्यूमर टेक और ऑटोमोबाइल से जुड़ी खबरों को कवर करते हैं.

काम के बारे में

अंकित आनंद एक टेक्नोलॉजी और ऑटोमोबाइल जर्नलिस्ट हैं, जो डिजिटल मीडिया में टेक और ऑटो सेक्टर से जुड़े विषयों पर लगातार लिखते हैं. वर्तमान में वे प्रभात खबर डिजिटल में कंटेंट राइटर के रूप में काम कर रहे हैं. टेक्नोलॉजी सेक्टर में उनकी रुचि स्मार्टफोन लॉन्च, मोबाइल ऑपरेटिंग सिस्टम, टेलीकॉम अपडेट्स, इंटरनेट सेवाओं, AI टूल्स, ऐप्स, गैजेट्स, टिप्स एंड ट्रिक्स और कंज्यूमर टेक्नोलॉजी से जुड़े विषयों में है. वहीं ऑटोमोबाइल सेक्टर में वे नई कारों और बाइक्स की लॉन्चिंग, फीचर्स, कीमत, सेफ्टी, इलेक्ट्रिक व्हीकल्स (EV), फ्लेक्स-फ्यूल टेक्नोलॉजी और ऑटो इंडस्ट्री के बदलते ट्रेंड्स पर रेगुलर लिखते हैं.

उनकी कोशिश रहती है कि हर खबर में सिर्फ फीचर्स, कीमत या लॉन्च की जानकारी ही न हो, बल्कि यह भी बताया जाए कि वह टेक्नोलॉजी आम लोगों के कितने काम की है, उसे इस्तेमाल करने का एक्सपीरियंस कैसा होगा और उसे खरीदना सही रहेगा या नहीं.

पढ़ाई और करियर

बिहार में जन्मे अंकित आनंद की शुरुआती शिक्षा सीबीएसई बोर्ड से हुई है. इसके बाद उन्होंने साल 2024 में गुरु गोबिंद सिंह इंद्रप्रस्थ यूनिवर्सिटी (GGSIPU) के कस्तूरी राम कॉलेज ऑफ हायर एजुकेशन से जर्नलिज्म एंड मास कम्युनिकेशन में ग्रेजुएशन डिग्री हासिल की. पढ़ाई के दौरान ही अंकित की रुचि डिजिटल मीडिया और न्यूज लिखने में बढ़ने लगी. इसी दौरान उन्होंने टेक्नोलॉजी और ऑटोमोबाइल से जुड़ी खबरों पर काम करना शुरू किया और आगे चलकर उन्होंने इन्हीं विषयों को अपने काम का हिस्सा बना लिया.

प्रभात खबर डिजिटल से पहले अंकित ने Zee News में करीब एक साल तक काम किया. यहां उन्होंने टीवी न्यूज प्रोडक्शन, आउटपुट डेस्क, कंटेंट रिसर्च, फैक्ट वेरिफिकेशन और न्यूज राइटिंग के अलग-अलग पहलुओं पर काम किया.

विजन

अंकित का मानना है कि टेक्नोलॉजी और ऑटोमोबाइल से जुड़ी खबरें केवल नए प्रोडक्ट्स की जानकारी नहीं होतीं, बल्कि लोगों की रोजमर्रा की जिंदगी, खरीदारी के फैसलों और डिजिटल एक्सपीरियंस पर भी असर डालती हैं.

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