सुजुकी ई-एक्सेस की वो 5 खासियत, जो इसे फैमिली यूज के लिए बनाते हैं परफेक्ट इलेक्ट्रिक स्कूटर

सुजुकी ई-एक्सेस को भारतीय टू-व्हीलर बाजार में एक टिकाऊ और भरोसेमंद फैमिली स्कूटर माना जाता है. यह स्कूटर क्लासिक डिजाइन, बेहतरीन रेंज और आरामदायक राइडिंग के लिए जाना जाता है.

सुजुकी ई-एक्सेस भारतीय बाजार में एक भरोसेमंद इलेक्ट्रिक फैमिली स्कूटर के रूप में आई है. यह स्कूटर अपने सुरक्षित डिजाइन, टिकाऊ एलएफपी बैटरी और आरामदायक राइडिंग के लिए जाना जाता है. घर के बुजुर्गों से लेकर युवाओं तक, यह हर उम्र के सदस्य के लिए बेहद आसान और उपयोगी ऑप्शन साबित होता है. इसकी एक्स शोरूम कीमत 1.88 लाख रुपये रखी गई है.

सुजुकी ई-एक्सेस: सुरक्षित और टिकाऊ LFP बैटरी

फैमिली के लिए सेफ्टी सबसे महत्वपूर्ण होती है. इसमें 3.07 kWh की एलएफपी (LFP) तकनीक वाली बैटरी दी गई है जो अन्य बैटरी के मुकाबले ज्यादा सुरक्षित और लंबी लाइफ देती है. यह एक बार फुल चार्ज होने पर 95 किमी तक की रेंज देती है, जो शहर में रोजाना की पारिवारिक जरूरतों के लिए काफी है.

सुजुकी ई-एक्सेस: आरामदायक सीट और आसान राइडिंग

इस स्कूटर में चौड़ी और लंबी सीट मिलती है जिससे राइडर और पीछे बैठने वाले दोनों को पूरा आराम मिलता है. इसकी सीट की ऊंचाई 765 mm है, जिससे घर के बुजुर्ग और महिलाएं आसानी से चढ़ और उतर सकती हैं. साथ ही इसमें रिवर्स मोड भी है जिससे पार्किंग करना काफी आसान हो जाता है.

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सुजुकी ई-एक्सेस: तीन अलग राइडिंग मोड़ 

सुजुकी ई-एक्सेस में तीन ड्राइविंग मोड - Eco, Ride A और Ride B दिए गए हैं. परिवार का कोई भी सदस्य अपनी सुविधा और ट्रैफिक के हिसाब से स्पीड चुन सकता है. इसकी टॉप-स्पीड 71 किमी प्रति घंटा है, जो शहर के इस्तेमाल के लिए काफी सुरक्षित और बेहतर मानी जाती है.

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सुजुकी ई-एक्सेस: स्मार्ट टीएफटी कंसोल और कनेक्टिविटी

स्कूटर में 4.2-इंच का डिजिटल टीएफटी डिस्प्ले मिलता है. इसे ब्लूटूथ से कनेक्ट करके टर्न-बाय-टर्न नेविगेशन, कॉल और मैसेज अलर्ट देखे जा सकते हैं. अनजान रास्तों पर सफर करते समय परिवार के लोग बिना भटके आसानी से मंजिल तक पहुंच सकते हैं.

सुजुकी ई-एक्सेस: मजबूत बॉडी और सुरक्षित ब्रेकिंग

इसका कुल वजन 122 किलोग्राम है जिससे सड़क पर इसकी राइडिंग काफी स्थिर रहती है. सुरक्षा के लिए इसमें फ्रंट डिस्क ब्रेक और कंबाइंड ब्रेकिंग सिस्टम (CBS) दिया गया है. इसके अलावा टिप-ओवर सेंसर जैसे सेफ्टी फीचर्स भी मिलते हैं जो स्कूटर गिरने पर मोटर बंद कर देते हैं. 

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लेखक के बारे में

By शिवांश शेखर

शॉर्ट बायो 

शिवांश शेखर ऑटोमोबाइल और खेल स्पेशलिस्ट हैं. वर्तमान में प्रभात खबर डिजिटल में बतौर कंटेंट राइटर के तौर पर कार्यरत हैं. ऑटो सेक्शन में कार/बाइक लॉन्च, फीचर्स, खासियत, टिप्स, कंपेरिजन और सपेक्स से संबंधित खबरें कवर करते हैं.

विस्तृत बायो 

शिवांश शेखर ऑटोमोबाइल और खेल स्पेशलिस्ट पत्रकार हैं, जो पिछले 3 वर्षों से डिजिटल मीडिया में ऑटो और खेल जगत से जुड़ी खबरों के बारे में लगातार लिखते हैं. वर्तमान में प्रभात खबर डिजिटल में बतौर कंटेंट राइटर के रूप में काम कर रहे हैं. ऑटो सेक्शन में उनकी रूचि कार/बाइक लॉन्च, फीचर्स, स्पेसिफिकेशन, टिप्स, ट्रिक्स और कंपेरिजन से जुड़े विषयों में है. इसके अलावा फ्लेक्स फ्यूल टेक्नोलॉजी और ऑटो इंडस्ट्रीज के बदलते ट्रेंड्स पर लगातार लिखते हैं. 

उनका प्रयास रहता है कि पाठकों को सिर्फ लॉन्च, कीमत और फीचर्स के बारे में ही न बताया जाए, बल्कि यह भी जानकारी दी जाए कि वह तकनीक आम लोगों के लिए कितने काम का है, उसे इस्तेमाल करने का अनुभव कैसा रहेगा और उसे खरीदना सही रहेगा या नहीं.

पढ़ाई  

बिहार राज्य के जहानाबाद जिले में जन्में शिवांश शेखर की शुरुआती शिक्षा (BSEB) से पूरी हुई. इसके बाद उन्होंने साल 2023 में चौधरी चरण सिंह यूनीवर्सिटी, मेरठ (CCSU) के अंतर्गत आने वाली इंसटीच्युट ऑफ मैनेजमेंट स्टडीज, नोएडा (IMS) से जर्नलिज्म एंड मास कम्युनिकेशन में ग्रेजुएशन की डिग्री प्राप्त की. पढ़ाई के दौरान ही शिवांश की रुचि खेल और ऑटो के विषयों पर लिखने में बढ़ने लगी. इसी दौरान उन्होंने खेल और ऑटोमोबाइल से जुड़ी खबरों पर काम करना शुरू किया और आगे चलकर इन्हीं विषयों को अपने काम का हिस्सा बना लिया. 

काम का सफर 

पत्रकारिता का ककहरा सीखने के बाद शिवांश का सफर एपीएन न्यूज से शुरू हुआ था. उन्होंने पत्रकारिता का समूह जागरण न्यू मीडिया में बतौर सब एडिटर खेल और अन्य खबरों की तकनीकी समझ विकसित की. जेएनएम में करीब डेढ़ साल खेल और अन्य विषयों पर काम करने के बाद उन्होंने एसियानेट न्यूज की तरफ रुख अपनाया. वहां, करीब डेढ़ साल तक ऑटोमोबाइल और स्पोर्ट्स सेक्शन में काम किया और फिर प्रभात खबर का रुख किया, जहां ऑटो बीट पर काम कर रहे हैं. ट्रेंड्स को लगातार फॉलो करते हैं.

विजन 

शिवांश का मानना है कि ऑटोमोबाइल से जुड़ी खबरें केवल नई गाड़ियों के बारे में जानकारी नहीं देती, बल्कि लोगों की रोजमर्रा की जिंदगी, खरीदारों के फैसलों और डिजिटल एक्सपिरियंस पर भी असर डालती हैं.

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