Royal Enfield Hunter 350 vs Triumph Speed 400: कीमत से फीचर्स तक, कौन-सी बाइक है पैसा वसूल?

रॉयल एनफील्ड हंटर 350 और ट्रायम्फ स्पीड 400 में से किसी एक को खरीदने को लेकर कंफ्यूजन है? जानें इन दोनों पावरफुल मोटरसाइकिलों के इंजन, हैंडलिंग, फीचर्स और कीमत में क्या अंतर हैं.

रॉयल एनफील्ड ने हंटर 350 की सबसे बड़ी कमी यानी कंफर्टेबल को दूर कर दिया है और इसे अपनी पुरानी बाइक्स से अलग एक स्टाइलिश और आरामदायक स्ट्रीट नेकेड बाइक के रूप में पेश किया है. दूसरी तरफ, बजाज को 18 परसेंट जीएसटी स्लैब में आने के लिए ट्रायम्फ स्पीड (Triumph Speed) 400 के 398cc इंजन को घटाकर 349cc करना पड़ा. तो क्या इन दोनों बेहतरीन मोटरसाइकिलों में से किसी एक को चुनना अभी भी मुश्किल है? आइए देखते हैं.

Royal Enfield Hunter 350 vs Triumph Speed 400: इंजन और आउटपुट 

रॉयल एनफील्ड को ऐसा कुछ नहीं करना पड़ा और यह अपने पसंदीदा J-सीरीज इंजन के साथ आ रही है जो पहले जितनी ही पावर और टॉर्क देता है. हंटर अपने पावर और टॉर्क को स्पीड के मुकाबले कम रेव रेंज पर ही दे देती है. वहीं, बजाज द्वारा 398cc इंजन का साइज छोटा करने से हॉर्सपावर की तुलना में टॉर्क ज्यादा कम हुआ है, जिसके चलते ऑन-पेपर स्पीड 400 पहले के मुकाबले थोड़ी कमजोर साबित होती है, जिससे यह साफ होता है कि ये दोनों बाइक एक-दूसरे का ऑप्शन नहीं हैं. हालांकि, स्पीड में एक एक्स्ट्रा गियर मिलता है, जो इसे हाईवे की स्पीड में बेहतर बनाता है.

Royal Enfield Hunter 350 vs Triumph Speed 400: डायमेंशन और वजन 

अगर यह बुलेट या क्लासिक 350 होती तो बात अलग होती, लेकिन शायद इसीलिए हंटर 350 को बनाया गया है. सबसे हल्की रॉयल एनफील्ड होने के नाते, हंटर 350 स्पीड 400 को हर मामले में कड़ी टक्कर देती है. Speed से 2 किलोग्राम भारी होने के बावजूद, कम सीट हाइट की वजह से हंटर पर बैठना ज्यादा आसान है. नए और कम लंबाई वाले चालकों के लिए दोनों ही बाइक्स काफी आसान और आरामदायक हैं.

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Royal Enfield Hunter 350 vs Triumph Speed 400: टायर्स, ब्रेक और सस्पेंशन 

कागजों पर दोनों बाइक्स के आंकड़े बहुत करीब हैं. हालांकि, स्पीड 400 कुछ मामलों में हंटर 350 से आगे निकल जाती है. इसमें चौड़ा पिछला टायर, दोनों तरफ रेडियल टायर्स और थोड़े मोटे यूएसडी फोर्क्स मिलते हैं. ट्रायम्फ में बेहतर ब्रेक्स भी दिए गए हैं, जिसमें आगे की तरफ ज्यादा असरदार फोर-पिस्टन रेडियल कैलीपर मिलता है, जबकि हंटर 350 में सिंपल टू-पिस्टन फ्लोटिंग कैलीपर ही मिलता है.

Royal Enfield Hunter 350 vs Triumph Speed 400: फीचर्स 

कीमत के हिसाब से बहुत ज्यादा फीचर्स देना इस सेगमेंट की पहचान नहीं रही है और दोनों में से कोई भी बाइक इसे बदलने की कोशिश नहीं करती. हंटर 350 में डुअल-चैनल एबीएस, असिस्ट एंड स्लिप क्लच, टाइप-सी यूएसबी पोर्ट और टॉप वेरिएंट्स में टीएफटी नेविगेशन ट्रिपर पॉड मिलता है. स्पीड 400 में नेविगेशन को छोड़कर बाकी सब मिलता है, और इसमें ट्रैक्शन कंट्रोल की सुविधा भी दी गई है.

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Royal Enfield Hunter 350 vs Triumph Speed 400: कीमत 

लास्ट में, इन्हें खरीदने के लिए आपको कितना पैसा देना होगा? इस मामले में हंटर 350 को बहुत बड़ा फायदा मिलता है. हंटर 350 का सबसे टॉप वेरिएंट आपको 1.71 लाख रुपये का पड़ेगा, जबकि इसका बेस वेरिएंट 1.37 लाख रुपये से शुरू होता है. दूसरी तरफ, स्पीड 400 की कीमत 2.34 लाख रुपये (एक्स-शोरूम, दिल्ली) है. ऑन-पेपर यह फैसला मुश्किल लग सकता है क्योंकि दोनों काफी करीब हैं, लेकिन जैसे ही आप टेस्ट राइड लेंगे, यह कन्फ्यूजन दूर हो जाएगी, क्योंकि दोनों का राइडिंग अनुभव एक-दूसरे से पूरी तरह अलग है.


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By शिवांश शेखर

शॉर्ट बायो 

शिवांश शेखर ऑटोमोबाइल और खेल स्पेशलिस्ट हैं. वर्तमान में प्रभात खबर डिजिटल में बतौर कंटेंट राइटर के तौर पर कार्यरत हैं. ऑटो सेक्शन में कार/बाइक लॉन्च, फीचर्स, खासियत, टिप्स, कंपेरिजन और सपेक्स से संबंधित खबरें कवर करते हैं.

विस्तृत बायो 

शिवांश शेखर ऑटोमोबाइल और खेल स्पेशलिस्ट पत्रकार हैं, जो पिछले 3 वर्षों से डिजिटल मीडिया में ऑटो और खेल जगत से जुड़ी खबरों के बारे में लगातार लिखते हैं. वर्तमान में प्रभात खबर डिजिटल में बतौर कंटेंट राइटर के रूप में काम कर रहे हैं. ऑटो सेक्शन में उनकी रूचि कार/बाइक लॉन्च, फीचर्स, स्पेसिफिकेशन, टिप्स, ट्रिक्स और कंपेरिजन से जुड़े विषयों में है. इसके अलावा फ्लेक्स फ्यूल टेक्नोलॉजी और ऑटो इंडस्ट्रीज के बदलते ट्रेंड्स पर लगातार लिखते हैं. 

उनका प्रयास रहता है कि पाठकों को सिर्फ लॉन्च, कीमत और फीचर्स के बारे में ही न बताया जाए, बल्कि यह भी जानकारी दी जाए कि वह तकनीक आम लोगों के लिए कितने काम का है, उसे इस्तेमाल करने का अनुभव कैसा रहेगा और उसे खरीदना सही रहेगा या नहीं.

पढ़ाई  

बिहार राज्य के जहानाबाद जिले में जन्में शिवांश शेखर की शुरुआती शिक्षा (BSEB) से पूरी हुई. इसके बाद उन्होंने साल 2023 में चौधरी चरण सिंह यूनीवर्सिटी, मेरठ (CCSU) के अंतर्गत आने वाली इंसटीच्युट ऑफ मैनेजमेंट स्टडीज, नोएडा (IMS) से जर्नलिज्म एंड मास कम्युनिकेशन में ग्रेजुएशन की डिग्री प्राप्त की. पढ़ाई के दौरान ही शिवांश की रुचि खेल और ऑटो के विषयों पर लिखने में बढ़ने लगी. इसी दौरान उन्होंने खेल और ऑटोमोबाइल से जुड़ी खबरों पर काम करना शुरू किया और आगे चलकर इन्हीं विषयों को अपने काम का हिस्सा बना लिया. 

काम का सफर 

पत्रकारिता का ककहरा सीखने के बाद शिवांश का सफर एपीएन न्यूज से शुरू हुआ था. उन्होंने पत्रकारिता का समूह जागरण न्यू मीडिया में बतौर सब एडिटर खेल और अन्य खबरों की तकनीकी समझ विकसित की. जेएनएम में करीब डेढ़ साल खेल और अन्य विषयों पर काम करने के बाद उन्होंने एसियानेट न्यूज की तरफ रुख अपनाया. वहां, करीब डेढ़ साल तक ऑटोमोबाइल और स्पोर्ट्स सेक्शन में काम किया और फिर प्रभात खबर का रुख किया, जहां ऑटो बीट पर काम कर रहे हैं. ट्रेंड्स को लगातार फॉलो करते हैं.

विजन 

शिवांश का मानना है कि ऑटोमोबाइल से जुड़ी खबरें केवल नई गाड़ियों के बारे में जानकारी नहीं देती, बल्कि लोगों की रोजमर्रा की जिंदगी, खरीदारों के फैसलों और डिजिटल एक्सपिरियंस पर भी असर डालती हैं.

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