OLA Electric अपने कस्टमर्स को देगी 19 हजार रुपये, जानें पूरा मामला

Ola S1 Scooter Latest News – भारत सरकार के भारी उद्योग मंत्रालय से मिली जानकारी के अनुसार, ओला कंपनी Fame के तहत सरकारी सब्सिडी का लाभ उठा रही है और इसके नियमों के अनुसार चार्जर का पैसा ग्राहकों से नहीं वसूला जा सकता है.

OLA Scooter Refund: ओला स्कूटर के मालिकों के लिए एक बड़ी बुड न्यूज है. सरकार की कड़ाई के बाद अब ओला कंपनी अपने ग्राहकों को 9 हजार से 19 हजार रुपये तक वापस लौटाएगी. दरअसल, कंपनी ने अपने ग्राहकों से ई-स्कूटर चार्जर के नाम पर पैसे चार्ज किये थे. भारत सरकार ने इसे गलत बताया है. भारी उद्योग मंत्रालय ने इस बात की जानकारी दी है कि वित्तीय वर्ष 2019-20 से वित्तीय वर्ष 2022-23 तक OLA S1 Pro मॉडल खरीदनेवालों से कंपनी चार्जर के नाम पर लिया गया भुगतान वापस करेगी.

Fame के तहत सरकारी सब्सिडी का लाभ

भारत सरकार के भारी उद्योग मंत्रालय से मिली जानकारी के अनुसार, ओला कंपनी Fame के तहत सरकारी सब्सिडी का लाभ उठा रही है और इसके नियमों के अनुसार चार्जर का पैसा ग्राहकों से नहीं वसूला जा सकता है. ओला इलेक्ट्रिक अपने ग्राहकों से चार्जर के नाम पर स्कूटर की ज्यादा कीमत वसूल रही थी. इस बारे में मंत्रालय को शिकायत भी मिली थी, जो जांच में सही पायी गई. इसके बाद मंत्रालय ने ओला के विरुद्ध कार्रवाई की है.

Also Read: OLA Ather से टक्कर लेगी Hero Electric, बाजार पर छाने के लिए तगड़ी तैयारी
ओला इलेक्ट्रिक ने तुरंत लिया फैसला

भारी उद्योग मंत्रालय के सख्ती दिखाने पर ओला इलेक्ट्रिक ने तुरंत फैसला लिया. कंपनी ने मंत्रालय के किसी भी तरह के एक्‍शन से पहले ही यह सूचना दे दी है कि वे चार्जर के नाम पर ग्राहकों से लिये गए 130 करोड़ रुपये का भुगतान करने जा रही है. वहीं, कंपनी ने इस बात की जानकारी नहीं दी है कि यह भुगतान वह कब और कितने समय के अंदर कर देगी. इसके साथ ही, मंत्रालय ने ओकीनावा और हीरो इलेक्ट्रिक को दूसरे मामले में दोषी माना है. दोनों ही कंपनियों ने नियमों के खिलाफ जाकर अपनी गाड़ियों में आयातित कल-पुर्जों का ज्यादा इस्तेमाल किया. इस बारे में मंत्रालय ने नोटिस जारी कर दिया है.

प्रभात खबर डिजिटल प्रीमियम स्टोरी

लेखक के बारे में

Published by: Rajeev kumar

राजीव, हिंदी डिजिटल मीडिया के अनुभवी पत्रकार हैं और प्रभातखबर डॉट कॉम में कार्यरत हैं. अपने 15 वर्षों से अधिक के पत्रकारीय अनुभव के दौरान उन्होंने टेक्नोलॉजी और ऑटोमोबाइल सेक्टर की हजारों खबरों, एक्सप्लेनर, एनालिसिस और फीचर स्टोरीज पर काम किया है. आसान भाषा, गहरी रिसर्च और यूजर-फर्स्ट अप्रोच उनकी कंटेंट राइटिंग की सबसे बड़ी पहचान है.

राजीव की एक्सपर्टीज स्मार्टफोन, गैजेट्स, एआई, मशीन लर्निंग, इंटरनेट ऑफ थिंग्स (IoT), साइबर सिक्योरिटी, टेलीकॉम, कंज्यूमर इलेक्ट्रॉनिक्स, इलेक्ट्रिक व्हीकल्स, ICE और हाइब्रिड कारों, ऑटोनोमस ड्राइविंग के साथ-साथ डिजिटल ट्रेंड्स जैसे टॉपिक्स में रही है. वे लगातार बदलती टेक और ऑटो इंडस्ट्री पर नजर रखते हैं और रिपोर्ट्स, ऑफिशियल डेटा, कंपनी अपडेट्स और एक्सपर्ट इनसाइट्स के आधार पर सटीक और भरोसेमंद जानकारी यूजर्स तक पहुंचाते हैं.

डिजिटल मीडिया में राजीव की खास पहचान SEO-ऑप्टिमाइज्ड और डेटा-ड्रिवेन कंटेंट के लिए भी रही है. Google Discover और यूजर एंगेजमेंट को ध्यान में रखते हुए वे ऐसे आर्टिकल्स तैयार करते हैं, जो न केवल जानकारी भरे होते हैं, बल्कि यूजर्स की जरूरत और सर्च ट्रेंड्स से भी मेल खाते हैं. टेक और ऑटो सेक्टर पर उनके रिव्यू, एक्सपर्ट इंटरव्यू, कॉम्पैरिजन-बेस्ड आर्टिकल्स और एक्सप्लेनर स्टोरीज को यूजर्स काफी पसंद करते हैं.

राजीव ने अपने पत्रकारिता करियर की शुरुआत वर्ष 2011 में प्रभात खबर दैनिक से की थी. शुरुआती दौर में उन्होंने देश-विदेश, कारोबार, संपादकीय, साहित्य, मनोरंजन, पॉजिटिव जर्नलिज्म और फीचर राइटिंग जैसे अलग-अलग बीट्स पर काम किया. इसके बाद डिजिटल प्लैटफॉर्म पर उन्होंने रिपोर्टिंग, वैल्यू-ऐडेड स्टोरीज और ट्रेंड आधारित कंटेंट के जरिए अपनी अलग पहचान बनाई.

जमशेदपुर में जन्मे राजीव की प्रारंभिक शिक्षा सीबीएसई स्कूल से हुई है. इसके बाद उन्होंने भारतीय विद्या भवन, पुणे से जर्नलिज्म ऐंड मास कम्यूनिकेशन में पोस्ट ग्रैजुएट डिप्लोमा किया. पत्रकारिता के मूल सिद्धांत 5Ws+1H पर उनकी मजबूत पकड़ उन्हें खबरों की गहराई समझने और उनको आसान, स्पष्ट और प्रभावी भाषा में यूजर्स तक पहुंचाने में मदद करती है.

जुड़िए rajeev.kumar@prabhatkhabar.in पर

और पढ़ें

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >