सिंगल चार्ज में 343km रेंज का दावा, 130kmph टॉप-स्पीड... फिर भी बिक्री में टॉप-5 से बाहर हुई ये इलेक्ट्रिक स्कूटर कंपनी

भारतीय इलेक्ट्रिक टू व्हीलर बाजार में बड़ा उलटफेर देखने को मिला है. ओला इलेक्ट्रिक टॉप पांच कंपनियों की सूची से बाहर हो गई है, जबकि ग्रीव्स इलेक्ट्रिक मोबिलिटी ने बाजी मारी है. जानिए किसने मारी बाजी और क्यों.

भारतीय इलेक्ट्रिक टू व्हीलर बाजार में सितंबर महीने की शुरुआत के साथ ही एक अहम उलटफेर देखने को मिला है. इस सेक्टर में लंबे समय से मजबूत स्थिति रखने वाली कंपनी ओला इलेक्ट्रिक की बिक्री में गिरावट दर्ज की गई है. नए शुरुआती आंकड़ों के अनुसार, ओला इलेक्ट्रिक अब टॉप पांच इलेक्ट्रिक टू व्हीलर निर्माताओं की सूची से बाहर हो गई है. ओला की एस1 प्रो जेन3 में IDC रेंज 343 किलोमीटर है और टॉप-स्पीड 130 है उसके बाद भी ऐसी स्थिति बनी है. ग्रीव्स इलेक्ट्रिक मोबिलिटी ने ओला को पीछे करते हुए इस सूची में पांचवा स्थान हासिल कर लिया है.

सितंबर के शुरुआती आंकड़ों में अहम बदलाव

सितंबर महीने के शुरुआती 9 दिनों के वाहन पोर्टल डेटा से यह स्पष्ट संकेत मिलता है कि बाजार का रुख बदल रहा है. ग्रीव्स इलेक्ट्रिक मोबिलिटी, जो अपने इलेक्ट्रिक स्कूटर एम्पीयर नाम से बेचती है, उसने बिक्री के मामले में काफी अच्छी बढ़त बनाई है. सितंबर के पहले 9 दिनों में ग्रीव्स इलेक्ट्रिक ने कुल 2,645 वाहनों का रजिस्ट्रेशन दर्ज कराया है. इसके साथ ही कंपनी का बाजार में शेयर 4.6 परसेंट पहुंच गया है.

ओला इलेक्ट्रिक की घटी बिक्री 

इसके मुकाबले कभी इस सेगमेंट में टॉप पर रहने वाली ओला इलेक्ट्रिक की बिक्री घटी है. ओला इलेक्ट्रिक ने सितंबर के शुरुआती 9 दिनों में केवल 2,607 यूनिट्स की बिक्री की है, जिससे उसका मार्केट शेयर घटकर 4.5 परसेंट रह गया है. अगर अगस्त महीने से तुलना की जाए तो ग्रीव्स इलेक्ट्रिक की बिक्री में पहले 9 दिनों में 66 परसेंट की तेजी देखने को मिली है. अगस्त के शुरुआती 9 दिनों में ग्रीव्स ने 1,597 यूनिट्स बेची थीं, जो अब 2,645 यूनिट्स पर पहुंच गई हैं.

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ओला के लिए पहली बार नहीं बनी ऐसी स्थिति

ओला इलेक्ट्रिक के लिए यह पहली बार नहीं है जब उसे इस तरह की चुनौती का सामना करना पड़ा है. भले ही कंपनी ने पिछले दो सालों तक भारतीय इलेक्ट्रिक टू व्हीलर बाजार पर अपना दबदबा बनाए रखा, लेकिन ग्रीव्स इलेक्ट्रिक ने पहले भी इसे कड़ी टक्कर दी है. इससे पहले फरवरी 2026 में भी ग्रीव्स इलेक्ट्रिक ने ओला इलेक्ट्रिक से ज्यादा वाहन बेचकर बढ़त बनाई थी. अब सितंबर में एक बार फिर ग्रीव्स ने ओला को पीछे करते हुए टॉप पांच में अपनी जगह बना ली है.

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अगस्त 2026 में कैसा था ईवी बाजार?

अगर हम अगस्त 2026 के कुल आंकड़ों पर नजर डालें तो देश भर में कुल 1,83,204 इलेक्ट्रिक टू व्हीलर बिके थे. इस महीने टीवीएस ने 48,938 यूनिट्स बेचकर पहला स्थान हासिल किया था. दूसरे स्थान पर बजाज ऑटो रहा, जिसने 41,114 इलेक्ट्रिक वाहन बेचे. एथर एनर्जी 28,757 यूनिट्स के साथ तीसरे स्थान पर और हीरो विडा 19,007 यूनिट्स के साथ चौथे स्थान पर रहा.

अगस्त 2026 में टॉप-5 में थी ओला 

अगस्त 2026 में ओला इलेक्ट्रिक 13,852 यूनिट्स की बिक्री के साथ पांचवें स्थान पर आ गई थी. वहीं ग्रीव्स इलेक्ट्रिक ने अगस्त में कुल 8,613 वाहन बेचे थे. लेकिन सितंबर की शुरुआत में ग्रीव्स ने 66 परसेंट की ग्रोथ हासिल कर ओला को पांचवें स्थान से नीचे कर दिया है. अब यह देखना दिलचस्प होगा कि क्या ग्रीव्स पूरे सितंबर महीने में यह स्थिति बनाए रख पाती है या ओला वापसी करती है.

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By शिवांश शेखर

शॉर्ट बायो 

शिवांश शेखर ऑटोमोबाइल और खेल स्पेशलिस्ट हैं. वर्तमान में प्रभात खबर डिजिटल में बतौर कंटेंट राइटर के तौर पर कार्यरत हैं. ऑटो सेक्शन में कार/बाइक लॉन्च, फीचर्स, खासियत, टिप्स, कंपेरिजन और सपेक्स से संबंधित खबरें कवर करते हैं.

विस्तृत बायो 

शिवांश शेखर ऑटोमोबाइल और खेल स्पेशलिस्ट पत्रकार हैं, जो पिछले 3 वर्षों से डिजिटल मीडिया में ऑटो और खेल जगत से जुड़ी खबरों के बारे में लगातार लिखते हैं. वर्तमान में प्रभात खबर डिजिटल में बतौर कंटेंट राइटर के रूप में काम कर रहे हैं. ऑटो सेक्शन में उनकी रूचि कार/बाइक लॉन्च, फीचर्स, स्पेसिफिकेशन, टिप्स, ट्रिक्स और कंपेरिजन से जुड़े विषयों में है. इसके अलावा फ्लेक्स फ्यूल टेक्नोलॉजी और ऑटो इंडस्ट्रीज के बदलते ट्रेंड्स पर लगातार लिखते हैं. 

उनका प्रयास रहता है कि पाठकों को सिर्फ लॉन्च, कीमत और फीचर्स के बारे में ही न बताया जाए, बल्कि यह भी जानकारी दी जाए कि वह तकनीक आम लोगों के लिए कितने काम का है, उसे इस्तेमाल करने का अनुभव कैसा रहेगा और उसे खरीदना सही रहेगा या नहीं.

पढ़ाई  

बिहार राज्य के जहानाबाद जिले में जन्में शिवांश शेखर की शुरुआती शिक्षा (BSEB) से पूरी हुई. इसके बाद उन्होंने साल 2023 में चौधरी चरण सिंह यूनीवर्सिटी, मेरठ (CCSU) के अंतर्गत आने वाली इंसटीच्युट ऑफ मैनेजमेंट स्टडीज, नोएडा (IMS) से जर्नलिज्म एंड मास कम्युनिकेशन में ग्रेजुएशन की डिग्री प्राप्त की. पढ़ाई के दौरान ही शिवांश की रुचि खेल और ऑटो के विषयों पर लिखने में बढ़ने लगी. इसी दौरान उन्होंने खेल और ऑटोमोबाइल से जुड़ी खबरों पर काम करना शुरू किया और आगे चलकर इन्हीं विषयों को अपने काम का हिस्सा बना लिया. 

काम का सफर 

पत्रकारिता का ककहरा सीखने के बाद शिवांश का सफर एपीएन न्यूज से शुरू हुआ था. उन्होंने पत्रकारिता का समूह जागरण न्यू मीडिया में बतौर सब एडिटर खेल और अन्य खबरों की तकनीकी समझ विकसित की. जेएनएम में करीब डेढ़ साल खेल और अन्य विषयों पर काम करने के बाद उन्होंने एसियानेट न्यूज की तरफ रुख अपनाया. वहां, करीब डेढ़ साल तक ऑटोमोबाइल और स्पोर्ट्स सेक्शन में काम किया और फिर प्रभात खबर का रुख किया, जहां ऑटो बीट पर काम कर रहे हैं. ट्रेंड्स को लगातार फॉलो करते हैं.

विजन 

शिवांश का मानना है कि ऑटोमोबाइल से जुड़ी खबरें केवल नई गाड़ियों के बारे में जानकारी नहीं देती, बल्कि लोगों की रोजमर्रा की जिंदगी, खरीदारों के फैसलों और डिजिटल एक्सपिरियंस पर भी असर डालती हैं.

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