बिना नंबर प्लेट और डीएल के चलेगा ये इलेक्ट्रिक स्कूटर, फुल चार्ज में 115km रेंज भी मिलेगा... कीमत सिर्फ इतनी

Odysse Racer Neo एक किफायती इलेक्ट्रिक स्कूटर है जिसे बिना ड्राइविंग लाइसेंस और नंबर प्लेट के चलाया जा सकता है. यह 115 किमी तक की रेंज और 45 किमी प्रति घंटे की टॉप-स्पीड के साथ आता है, जो इसे शहर के अंदर सफर के लिए परफेक्ट बनाता है.

भारतीय टू-व्हीलर बाजार में Odysse Racer एक शानदार और किफायती इलेक्ट्रिक स्कूटर के रूप में उभरकर सामने आया है. इसकी खास बात है कि इसे बिना ड्राइविंग लाइसेंस और नंबर-प्लेट के चलाया जा सकता है. यह स्कूटर खास तौर पर उन लोगों के लिए डिजाइन किया गया है, जो रोजाना शहर के अंदर छोटी या कम दूरी का सफर करते हैं. इसका मॉडर्न लुक और कॉम्पैक्ट डिजाइन इसे ट्रैफिक वाली सड़कों पर आसानी से चलाने में मदद करता है. कम लागत में बेहतर सफर देने की वजह से यह ग्राहकों के बीच काफी पॉपुलर हो रहा है.

Odysse Racer Neo: बैटरी, रेंज और परफॉर्मेंस

Odysse Racer Neo इलेक्ट्रिक स्कूटर में पावरफुल बैटरी ऑप्शन देखने को मिलते हैं, जिनमें मुख्य रूप से 1.4 kWh से लेकर 2.5 kWh तक क्षमता वाली लिथियम-आयन बैटरी शामिल है. एक बार फुल चार्ज करने पर यह इलेक्ट्रिक स्कूटर लगभग 70 किलोमीटर से लेकर 115 किलोमीटर तक की ड्राइविंग रेंज देता है. इसमें 1200 वाट की BLDC इलेक्ट्रिक मोटर लगी है, जो 27 Nm का टॉर्क जनरेट करती है. इस मोटर की बदौलत यह स्कूटर आराम से 45 किमी प्रति घंटे तक की टॉप स्पीड हासिल कर लेता है.

Odysse Racer Neo: मॉडर्न फीचर्स और बूट स्पेस

इस इलेक्ट्रिक स्कूटर में रोजाना के इस्तेमाल को आसान बनाने के लिए कई काम के फीचर्स दिए गए हैं. इसमें डिजिटल स्पीडोमीटर, ट्रिप मीटर, एंटी-थेफ्ट अलार्म सिस्टम, सेंट्रल लॉकिंग और रिवर्स मोड़ की सुविधा मिलती है. इसके अलावा फोन चार्ज करने के लिए USB चार्जिंग पोर्ट और रात में बेहतर रोशनी के लिए LED हेडलाइट व टेललाइट दी गई है. सामान रखने के लिए इसमें अंडर-शीट बूट स्पेस मिलता है, जिसमें आप अपना छोटा बैग या हेलमेट आसानी से रख सकते हैं.

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Odysse Racer Neo: कीमत और बैटरी वारंटी

भारतीय बाजार में Odysse Racer की शुरुआती एक्स-शोरूम कीमत लगभग 53,000 रुपये से है, जो कि इसके वेरिएंट्स और बैटरी कैपेसिटी पर निर्भर करती है. कंपनी ग्राहकों की चिंता दूर करने के लिए इसकी लिथियम-आयन बैटरी पर 3 साल की वारंटी देती है. वहीं, इसके इलेक्ट्रिक मोटर पर 1 साल की वारंटी देखने को मिलती है. इसे नॉर्मल घरेलू सॉकेट से 3.5 से 4 घंटे के अंदर आसानी से चार्ज किया जा सकता है.

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बिना लाइसेंस और नंबर प्लेट के क्यों चलेगा?

सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय के नियमों के अनुसार जिन इलेक्ट्रिक दोपहिया वाहनों की टॉप-स्पीड 25 किमी प्रति घंटा या उससे कम होती है और जिनकी मोटर पावर 250 वाट तक सीमित होती है, उन्हें चलाने के लिए ड्राइविंग लाइसेंस या रजिस्ट्रेशन की जरूरत नहीं होती.

Odysse Racer सीरीज में आने वाले लो-स्पीड वेरिएंट्स (जैसे Lite वेरिएंट) इसी नियम के तहत आते हैं, जिनकी रफ्तार 25 किमी प्रति घंटा तक सीमित होती है. इसी वजह से इन्हें सड़क पर चलाने के लिए न तो ड्राइविंग लाइसेंस की जरूरत पड़ती है और न ही नंबर प्लेट की.

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लेखक के बारे में

By शिवांश शेखर

शॉर्ट बायो 

शिवांश शेखर ऑटोमोबाइल और खेल स्पेशलिस्ट हैं. वर्तमान में प्रभात खबर डिजिटल में बतौर कंटेंट राइटर के तौर पर कार्यरत हैं. ऑटो सेक्शन में कार/बाइक लॉन्च, फीचर्स, खासियत, टिप्स, कंपेरिजन और सपेक्स से संबंधित खबरें कवर करते हैं.

विस्तृत बायो 

शिवांश शेखर ऑटोमोबाइल और खेल स्पेशलिस्ट पत्रकार हैं, जो पिछले 3 वर्षों से डिजिटल मीडिया में ऑटो और खेल जगत से जुड़ी खबरों के बारे में लगातार लिखते हैं. वर्तमान में प्रभात खबर डिजिटल में बतौर कंटेंट राइटर के रूप में काम कर रहे हैं. ऑटो सेक्शन में उनकी रूचि कार/बाइक लॉन्च, फीचर्स, स्पेसिफिकेशन, टिप्स, ट्रिक्स और कंपेरिजन से जुड़े विषयों में है. इसके अलावा फ्लेक्स फ्यूल टेक्नोलॉजी और ऑटो इंडस्ट्रीज के बदलते ट्रेंड्स पर लगातार लिखते हैं. 

उनका प्रयास रहता है कि पाठकों को सिर्फ लॉन्च, कीमत और फीचर्स के बारे में ही न बताया जाए, बल्कि यह भी जानकारी दी जाए कि वह तकनीक आम लोगों के लिए कितने काम का है, उसे इस्तेमाल करने का अनुभव कैसा रहेगा और उसे खरीदना सही रहेगा या नहीं.

पढ़ाई  

बिहार राज्य के जहानाबाद जिले में जन्में शिवांश शेखर की शुरुआती शिक्षा (BSEB) से पूरी हुई. इसके बाद उन्होंने साल 2023 में चौधरी चरण सिंह यूनीवर्सिटी, मेरठ (CCSU) के अंतर्गत आने वाली इंसटीच्युट ऑफ मैनेजमेंट स्टडीज, नोएडा (IMS) से जर्नलिज्म एंड मास कम्युनिकेशन में ग्रेजुएशन की डिग्री प्राप्त की. पढ़ाई के दौरान ही शिवांश की रुचि खेल और ऑटो के विषयों पर लिखने में बढ़ने लगी. इसी दौरान उन्होंने खेल और ऑटोमोबाइल से जुड़ी खबरों पर काम करना शुरू किया और आगे चलकर इन्हीं विषयों को अपने काम का हिस्सा बना लिया. 

काम का सफर 

पत्रकारिता का ककहरा सीखने के बाद शिवांश का सफर एपीएन न्यूज से शुरू हुआ था. उन्होंने पत्रकारिता का समूह जागरण न्यू मीडिया में बतौर सब एडिटर खेल और अन्य खबरों की तकनीकी समझ विकसित की. जेएनएम में करीब डेढ़ साल खेल और अन्य विषयों पर काम करने के बाद उन्होंने एसियानेट न्यूज की तरफ रुख अपनाया. वहां, करीब डेढ़ साल तक ऑटोमोबाइल और स्पोर्ट्स सेक्शन में काम किया और फिर प्रभात खबर का रुख किया, जहां ऑटो बीट पर काम कर रहे हैं. ट्रेंड्स को लगातार फॉलो करते हैं.

विजन 

शिवांश का मानना है कि ऑटोमोबाइल से जुड़ी खबरें केवल नई गाड़ियों के बारे में जानकारी नहीं देती, बल्कि लोगों की रोजमर्रा की जिंदगी, खरीदारों के फैसलों और डिजिटल एक्सपिरियंस पर भी असर डालती हैं.

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