मुंबई में कोस्टल रोड फ्लाईओवर से नीचे गिरी BMW, जानिए इतनी सेफ होने के बावजूद कैसे हो गया ये हादसा? वीडियो देख कर उड़ जाएंगे होश

मुंबई के कोस्टल रोड पर एक दर्दनाक हादसे में एक तेज रफ्तार BMW कार ब्रिज से 75 फीट नीचे गिर गई. इस हादसे में 3 छात्रों की मौत हो गई. जानिए, दुनिया की सबसे सुरक्षित कारों में से एक होने के बावजूद यह हादसा क्यों हुआ और ओवरस्पीडिंग के आगे कार के सेफ्टी फीचर्स कैसे काम करना बंद कर देते हैं.

मुंबई के कोस्टल रोड पर रविवार तड़के एक रोंगटे खड़े कर देने वाला हादसा हो गया. एक तेज रफ्तार BMW कार डिवाइडर और रेलिंग तोड़ते हुए करीब 75 फीट नीचे जा गिरी.

हादसा इतना भीषण था कि कार के परखच्चे उड़ गए और इसमें सवार 3 छात्रों की मौके पर ही मौत हो गई. वहीं 1 छात्र का इलाज चल रहा है.

लेकिन सबसे बड़ा सवाल यह है कि BMW जैसी सुरक्षित और आधुनिक लग्जरी कार में इतने एडवांस सेफ्टी सिस्टम होते हुए भी, इतना गंभीर हादसा कैसे हो गया? आइए इसे विस्तार से समझते हैं.

क्या है मामला?

यह हादसा 20 सितंबर 2026 की सुबह करीब 5 बजे हुआ. मुंबई पुलिस के मुताबिक BMW कार कोस्टल रोड पर मरीन ड्राइव से हाजी अली की ओर जा रही थी. तभी BMW ने नियंत्रण खोया, बाहरी बैरियर से टकराई और करीब 75 फीट नीचे जा गिरी. यह हादसा इतना भयानक था कि इसमें बैठे 4 में से 3 लोगों की मृत्यु हो गई है. वहीं 1 युवक का इलाज जारी है.

रिपोर्ट के मुताबिक कार तेज रफ्तार में थी और मोड़ को सही तरह से नहीं ले सकी. इसके बाद कार बाहरी रेलिंग से टकराई और नीचे निर्माणाधीन पार्किंग एरिया में जा गिरी. CCTV में कार ऊंचाई से नीचे गिरने का वीडियो रिकॉर्ड हुआ है.

ये भी पढ़ें: भारत में सबसे ज्यादा रेंज देने वाले टॉप-5 इलेक्ट्रिक स्कूटर्स, सिंगल चार्ज में 418 KM तक चलेंगे

हादसे की मुख्य वजह: तय सीमा से ज्यादा रफ्तार

मुंबई पुलिस की शुरुआती जांच के मुताबिक, हादसे के वक्त कार की रफ्तार रोड के तय मानक (80kmph) से ज्यादा थी. यही ओवरस्पीडिंग ही इस दर्दनाक हादसे की सबसे बड़ी वजह बनी. वीडियो में देखा जा सकता है कि कैसे, कार ने अपना नियंत्रण खोया और आउटर रेलिंग से टकराकर, हवा में उछल गई.

इतनी सुरक्षित कार होने के बाद भी क्यों गई जान?

अक्सर लोग मानते हैं कि प्रीमियम लग्जरी कारों में हादसों का खतरा कम होता है. लेकिन फिजिक्स के नियमों के आगे कोई भी मशीन या टेक्नोलॉजी पूरी तरह सुरक्षित नहीं है. जब कोई वाहन 150 या 200 kmph की स्पीड पर होता है, तो उसका मोमेंटम बहुत ज्यादा बढ़ जाता है.

इतनी तेज गति पर अगर गाड़ी किसी कंक्रीट की दीवार से टकराती है, तो इम्पैक्ट एनर्जी इतनी ज्यादा होती है कि कार के क्रम्पल जोन भी उसे सोख नहीं पाते.

हाई स्पीड पर फेल हो जाते हैं सेफ्टी फीचर्स

BMW जैसी कारों में दर्जनों सेंसर और सेफ्टी सिस्टम होते हैं, लेकिन इनकी भी एक लिमिट तय होती है. अगर गाड़ी 75 फीट की ऊंचाई से सीधे नीचे गिरती है, तो एयरबैग्स भी यात्रियों को नहीं बचा सकते.

ग्रेविटी और बहुत तेज झटके के कारण कार की छत और पिलर्स पूरी तरह पिचक जाते हैं. इससे अंदर बैठे लोगों को सर्वाइवल स्पेस (बचने की जगह) नहीं मिल पाता और गंभीर चोटें आती हैं.

BMW की कारों में मिलने वाले अहम सेफ्टी फीचर्स

हालांकि इस हादसे में स्पीड ज्यादा होने के कारण नुकसान बड़ा हुआ, लेकिन आमतौर पर BMW में कई बेहतरीन सेफ्टी फीचर्स आते हैं जो ऐसे हादसों से बचाते हैं:

  • ADAS (एडवांस्ड ड्राइवर असिस्टेंस सिस्टम): यह ऑटोमैटिक ब्रेकिंग और लेन डिपार्चर वॉर्निंग देकर हादसों से बचाता है.
  • DSC (डायनेमिक स्टेबिलिटी कंट्रोल): तेज मोड़ पर कार को फिसलने से रोकता है और टायर की ग्रिप बनाए रखता है.
  • मल्टीपल एयरबैग्स: इनमें फ्रंट, साइड, कर्टेन और नी (Knee) एयरबैग्स शामिल होते हैं जो झटके को कम करते हैं.
  • हाई स्ट्रेंथ केबिन: इसका ढांचा क्रैश के दौरान झटके को पूरे बॉडी शेल में फैला देता है.
  • क्रम्पल जोन: गाड़ी का आगे और पीछे का हिस्सा, जो टक्कर के वक्त पिचक कर मुख्य केबिन को सुरक्षित रखता है.

क्या है BMW कार की स्पेसिफिकेशंस?

 रिपोर्ट के अनुसार हादसे वाली BMW का सटीक मॉडल, वेरिएंट, इंजन और पावर आउटपुट आधिकारिक तौर अभी साझा नहीं किया गया है. फिलहाल इसे सिर्फ ब्लैक BMW के रूप में पहचाना जा सकता है. हालांकि देखने से ये, BMW 3 Series, 320i, 330i या M340i प्रतीत होती है. लेकिन जब तक पुष्टि नहीं होती अभी यह तय करना मुश्किल है.

BMW की गाड़ियां अपनी परफॉर्मेंस और पावरफुल इंजन के लिए दुनियाभर में जानी जाती हैं. इनमें अमूमन 2.0-लीटर से लेकर 3.0-लीटर तक का ट्विन-पावर टर्बो इंजन मिलता है. यह इंजन आसानी से 250 से 350 हॉर्सपावर (BHP) जनरेट कर सकता है, जो गाड़ी को महज 5-6 सेकंड में 0 से 100 kmph की स्पीड पर पहुंचा देता है.

इन कारों में ऑल-व्हील ड्राइव (AWD) और बेहतरीन एयरोडायनामिक्स होते हैं. इससे यह तेज रफ्तार पर भी सड़क से चिपकी रहती हैं. लेकिन, यही शानदार पिकअप और स्पीड कई बार खाली सड़कों पर युवाओं के लिए जानलेवा साबित हो जाती है.

ये भी पढ़ें: 8 साल की वारंटी और 150km की धांसू रेंज, कार के चार्जर से चार्ज होने वाली Raptee.HV की डिलीवरी शुरू

प्रभात खबर डिजिटल टॉप स्टोरी

लेखक के बारे में

By Suyash Pandey

Digital Media Journalist having more than 2 years of experience in life & Style beat with a good eye for writing across various domains, such as tech and auto beat.
Read More
ePaper

अपने दैनिक समाचार अनुभव को और बेहतरीन बनाएं

सिर्फ ₹399 ₹149

एक साल के लिए

आज ही सब्सक्राइब करें

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >