Mobile Number Portability: एक एसएमएस से आप बदल सकते हैं अपना टेलीकॉम ऑपरेटर, फॉलो करें ये आसान स्टेप्स

Port Your Number for Free: क्या आपको अपने टेलीकॉम ऑपरेटर से कोई शिकायत है और उसका समाधान नहीं निकल पा रहा है? अगर जवाब ‘हां’ है और आप अपना टेलीकॉम ऑपरेटर बदलना चाहते हैं तो हम आपको इसका आसान-सा तरीका बताते हैं.

Port Your Mobile Number for Free: क्या आप रिलायंस जियो, एयरटेल, वोडाफोन, बीएसएनएल या किसी अन्य टेलीकॉम कंपनी के यूजर हैं? क्या आपको अपना मोबाइल टैरिफ दूसरी कंपनियों से महंगा लग रहा है? क्या आपके फोन की नेटवर्क कनेक्टिविटी में दिक्कत है? क्या आपको अपने टेलीकॉम ऑपरेटर से कोई शिकायत है और उसका समाधान नहीं निकल पा रहा है? अगर इनमें से किसी भी सवाल का जवाब ‘हां’ है और आप अपना टेलीकॉम ऑपरेटर बदलना चाहते हैं तो हम आपको इसका आसान-सा तरीका बताते हैं.

How Much Time MNP Takes?

मोबाइल नंबर पोर्ट करने में कितना समय लगता है?

सबसे पहले तो यह बता दें कि आप जिस टेलीकॉम सर्कल में हैं, अगर आप उसी सर्कल में पोर्ट कराते हैं तो वैलिडेशन सक्सेसफुल होने के बाद 3 दिन के अंदर नंबर एक्टिवेट हो जाता है. अगर आप टेलीकॉम सर्कल के बाहर नंबर पोर्ट कर रहे हैं, तो नंबर एक्टिव होने में 5 दिन के कार्य दिवस का समय लगता है. वहीं, जम्मू-कश्मीर, असम और उत्तर पूर्व के ग्राहकों को पोर्ट करने में 15 वर्किंग डेज लग जाते हैं. आपको बता दें कि इस प्रक्रिया के दौरान आपके फोन की सेवाएं बंद नहीं होंगी और प्रॉसेस पूरा होने तक आप अपने मौजूदा सिम काे यूज कर सकते हैं.

Also Read: Explainer: सरकार क्यों और कैसे बंद करती है इंटरनेट? यूजर को हुए नुकसान की भरपाई कौन करेगा?
What Is MNP Process?

मोबाइल नंबर पोर्ट करने की प्रक्रिया क्या है?

अपना मोबाइल नंबर पोर्ट कराने के लिए आपको सबसे पहले अपने वर्तमान नंबर से 1900 पर एसएमएस करना होगा. आपको एक मैसेज- PORT 98xxxxxxxx लिखकर 1900 पर भेजना है. इसके बाद आपका मोबाइल ऑपरेटर आपके रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर पर एक 8 डिजिट का UPC (यूनिक पोर्टिंग कोड) भेजेगा. यह कोड नंबर 15 दिनों के लिए वैध रहता है. इस कोड नंबर के साथ आप जिस टेलीकॉम कंपनी को चुनना चाहते हैं, उसके नजदीकी रिटेल स्टोर पर जाएं. वहां के स्टाफ से सिम पोर्ट करने को कहें. पोर्टिंग के लिए आपको अपना पासपोर्ट साइज फोटो और पहचान प्रमाण की एक प्रति भी देनी होगी. यहां से आपको नया सिम मिलेगा. रिक्वेस्ट एक्सेप्ट होने के बाद नया ऑपरेटर मोबाइल सिम पोर्ट प्रक्रिया के समय और तारीख के साथ एक संदेश भेजता है. पोर्टिंग प्रक्रिया के दौरान आपके फोन पर मिलनेवाली टेलीकॉम सेवाएं लगभग 2 घंटे के लिए बंद हो जाएंगी. इसके बाद फोन में नया सिम डालना है. इसके बाद आप नयी कंपनी की सेवा का आनंद उठा पाएंगे.

Also Read: WhatsApp और Internet Calling पर कानून बना सकते हैं क्या? DoT ने TRAI से पूछा सवाल

प्रभात खबर डिजिटल प्रीमियम स्टोरी

लेखक के बारे में

Published by: Rajeev kumar

राजीव, हिंदी डिजिटल मीडिया के अनुभवी पत्रकार हैं और प्रभातखबर डॉट कॉम में कार्यरत हैं. अपने 15 वर्षों से अधिक के पत्रकारीय अनुभव के दौरान उन्होंने टेक्नोलॉजी और ऑटोमोबाइल सेक्टर की हजारों खबरों, एक्सप्लेनर, एनालिसिस और फीचर स्टोरीज पर काम किया है. आसान भाषा, गहरी रिसर्च और यूजर-फर्स्ट अप्रोच उनकी कंटेंट राइटिंग की सबसे बड़ी पहचान है.

राजीव की एक्सपर्टीज स्मार्टफोन, गैजेट्स, एआई, मशीन लर्निंग, इंटरनेट ऑफ थिंग्स (IoT), साइबर सिक्योरिटी, टेलीकॉम, कंज्यूमर इलेक्ट्रॉनिक्स, इलेक्ट्रिक व्हीकल्स, ICE और हाइब्रिड कारों, ऑटोनोमस ड्राइविंग के साथ-साथ डिजिटल ट्रेंड्स जैसे टॉपिक्स में रही है. वे लगातार बदलती टेक और ऑटो इंडस्ट्री पर नजर रखते हैं और रिपोर्ट्स, ऑफिशियल डेटा, कंपनी अपडेट्स और एक्सपर्ट इनसाइट्स के आधार पर सटीक और भरोसेमंद जानकारी यूजर्स तक पहुंचाते हैं.

डिजिटल मीडिया में राजीव की खास पहचान SEO-ऑप्टिमाइज्ड और डेटा-ड्रिवेन कंटेंट के लिए भी रही है. Google Discover और यूजर एंगेजमेंट को ध्यान में रखते हुए वे ऐसे आर्टिकल्स तैयार करते हैं, जो न केवल जानकारी भरे होते हैं, बल्कि यूजर्स की जरूरत और सर्च ट्रेंड्स से भी मेल खाते हैं. टेक और ऑटो सेक्टर पर उनके रिव्यू, एक्सपर्ट इंटरव्यू, कॉम्पैरिजन-बेस्ड आर्टिकल्स और एक्सप्लेनर स्टोरीज को यूजर्स काफी पसंद करते हैं.

राजीव ने अपने पत्रकारिता करियर की शुरुआत वर्ष 2011 में प्रभात खबर दैनिक से की थी. शुरुआती दौर में उन्होंने देश-विदेश, कारोबार, संपादकीय, साहित्य, मनोरंजन, पॉजिटिव जर्नलिज्म और फीचर राइटिंग जैसे अलग-अलग बीट्स पर काम किया. इसके बाद डिजिटल प्लैटफॉर्म पर उन्होंने रिपोर्टिंग, वैल्यू-ऐडेड स्टोरीज और ट्रेंड आधारित कंटेंट के जरिए अपनी अलग पहचान बनाई.

जमशेदपुर में जन्मे राजीव की प्रारंभिक शिक्षा सीबीएसई स्कूल से हुई है. इसके बाद उन्होंने भारतीय विद्या भवन, पुणे से जर्नलिज्म ऐंड मास कम्यूनिकेशन में पोस्ट ग्रैजुएट डिप्लोमा किया. पत्रकारिता के मूल सिद्धांत 5Ws+1H पर उनकी मजबूत पकड़ उन्हें खबरों की गहराई समझने और उनको आसान, स्पष्ट और प्रभावी भाषा में यूजर्स तक पहुंचाने में मदद करती है.

जुड़िए rajeev.kumar@prabhatkhabar.in पर

और पढ़ें

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >