Honda ADV 160 स्कूटर खरीदने का है प्लान? शोरूम जाने से पहले जान लें ये 10 जरूरी बातें

होंडा ने भारत में ADV 160 स्कूटर लॉन्च किया है, जो E85 फ्लेक्स-फ्यूल को सपोर्ट करता है. यह भारत का पहला ऐसा स्कूटर है. इसकी कीमत, इंजन स्पेसिफिकेशन्स और अन्य खासियतों के बारे में जानना महत्वपूर्ण है.

ADV 160 के साथ होंडा ने भारत के तेजी से बढते मैक्सी-स्कूटर सेगमेंट में कदम रखा है. लेकिन बाजार में पहले से बिक रहे लिक्विड-कूल्ड मैक्सी-स्कूटर्स के मुकाबले इसमें एक खास बात अलग है, वो E85 फ्लेक्स-फ्यूल सपोर्ट है. भारत के इस पहले फ्लेक्स-फ्यूल स्कूटर को खरीदने से पहले आपके लिए ये 10 जरूरी बातें जानना बहुत अहम है.

होंडा ADV 160 की कीमत कितनी है?

होंडा ADV 160 की एक्स-शोरूम कीमत (बेंगलुरु) 1.70 लाख रुपये है, जो इसे भारत में बिकने वाले प्रीमियम स्कूटर्स में से एक बनाती है.

क्या होंडा ADV 160 E85 फ्यूल पर चल सकता है?

हां, ADV 160 भारत में होंडा का पहला टू-व्हीलर है, जो E85 ईंधन के साथ चल सकता है. इसका इंजन 0 से 85 परसेंट एथेनॉल वाले पेट्रोल पर बिना किसी बदलाव के आसानी से चल सकता है.

होंडा ADV 160 में कौन-सा इंजन मिलता है?

इसमें 156.93cc का सिंगल-सिलेंडर, लिक्विड-कूल्ड इंजन दिया गया है, जो 16.3hp की पावर और 14.9Nm का टॉर्क जनरेट करता है. इसे CVT ऑटोमैटिक गियरबॉक्स के साथ जोड़ा गया है.

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होंडा ADV 160 का वजन कितना है?

ADV 160 का कुल वजन (कर्ब वेट) 133 किलोग्राम है, जो सामान्य 125cc स्कूटर्स की तुलना में काफी भारी है. हालांकि इसमें ज्यादा पावर देने वाला बड़ा इंजन भी मिलता है.

होंडा ADV 160 में कितना ग्राउंड क्लीयरेंस मिलता है?

ADV 160 में 165mm का ग्राउंड क्लीयरेंस मिलता है. बड़े पहियों और इस ग्राउंड क्लीयरेंस के कारण यह आम स्कूटर्स के मुकाबले खराब सडकों और स्पीड ब्रेकरों पर आसानी से निकल जाता है.

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इसके पहियों का साइज क्या है?

इसमें आगे 14-इंच और पीछे 13-इंच के पहिए दिए गए हैं. यह भारतीय बाजार के ज्यादातर आम स्कूटर्स के पहियों से बड़े हैं.

क्या ADV 160 में ABS मिलता है?

हां, लेकिन इसमें केवल सिंगल-चैनल ABS मिलता है, जो front पहिए पर काम करता है, जबकि पीछे डिस्क ब्रेक दिया गया है.

क्या इसमें ट्रैक्शन कंट्रोल मिलता है?

हां, इसमें होंडा का HSTC (होंडा सेलेक्टेबल टॉर्क कंट्रोल) फीचर स्टैंडर्ड मिलता है, जो कम ग्रिप वाली सड़कों पर पिछले पहिए को फिसलने से रोकता है.

ADV 160 कितना प्रैक्टिकल है?

इसमें सीट के नीचे 27 लीटर का बडा स्टोरेज स्पेस और USB टाइप-सी चार्जिंग पोर्ट मिलता है. इसका 5-इंच का TFT डिस्प्ले ब्लूटूथ और होंडा रोडसिंक ऐप के जरिए स्मार्टफोन कनेक्ट करने की सुविधा देता है.

क्या ADV 160 सच में एक एडवेंचर स्कूटर है?

पारंपरिक तौर पर नहीं. अपने लुक, ग्राउंड क्लीयरेंस और बड़े पहियों के बावजूद ADV 160 मुख्य रूप से सड़क पर चलाने के लिए बना स्कूटर है. इसका सेटअप खराब सड़कों को झेलने के लिए अच्छा है, लेकिन यह बहुत ज्यादा ऑफ-रोडिंग के लिए नहीं बना है.

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By शिवांश शेखर

शॉर्ट बायो 

शिवांश शेखर ऑटोमोबाइल और खेल स्पेशलिस्ट हैं. वर्तमान में प्रभात खबर डिजिटल में बतौर कंटेंट राइटर के तौर पर कार्यरत हैं. ऑटो सेक्शन में कार/बाइक लॉन्च, फीचर्स, खासियत, टिप्स, कंपेरिजन और सपेक्स से संबंधित खबरें कवर करते हैं.

विस्तृत बायो 

शिवांश शेखर ऑटोमोबाइल और खेल स्पेशलिस्ट पत्रकार हैं, जो पिछले 3 वर्षों से डिजिटल मीडिया में ऑटो और खेल जगत से जुड़ी खबरों के बारे में लगातार लिखते हैं. वर्तमान में प्रभात खबर डिजिटल में बतौर कंटेंट राइटर के रूप में काम कर रहे हैं. ऑटो सेक्शन में उनकी रूचि कार/बाइक लॉन्च, फीचर्स, स्पेसिफिकेशन, टिप्स, ट्रिक्स और कंपेरिजन से जुड़े विषयों में है. इसके अलावा फ्लेक्स फ्यूल टेक्नोलॉजी और ऑटो इंडस्ट्रीज के बदलते ट्रेंड्स पर लगातार लिखते हैं. 

उनका प्रयास रहता है कि पाठकों को सिर्फ लॉन्च, कीमत और फीचर्स के बारे में ही न बताया जाए, बल्कि यह भी जानकारी दी जाए कि वह तकनीक आम लोगों के लिए कितने काम का है, उसे इस्तेमाल करने का अनुभव कैसा रहेगा और उसे खरीदना सही रहेगा या नहीं.

पढ़ाई  

बिहार राज्य के जहानाबाद जिले में जन्में शिवांश शेखर की शुरुआती शिक्षा (BSEB) से पूरी हुई. इसके बाद उन्होंने साल 2023 में चौधरी चरण सिंह यूनीवर्सिटी, मेरठ (CCSU) के अंतर्गत आने वाली इंसटीच्युट ऑफ मैनेजमेंट स्टडीज, नोएडा (IMS) से जर्नलिज्म एंड मास कम्युनिकेशन में ग्रेजुएशन की डिग्री प्राप्त की. पढ़ाई के दौरान ही शिवांश की रुचि खेल और ऑटो के विषयों पर लिखने में बढ़ने लगी. इसी दौरान उन्होंने खेल और ऑटोमोबाइल से जुड़ी खबरों पर काम करना शुरू किया और आगे चलकर इन्हीं विषयों को अपने काम का हिस्सा बना लिया. 

काम का सफर 

पत्रकारिता का ककहरा सीखने के बाद शिवांश का सफर एपीएन न्यूज से शुरू हुआ था. उन्होंने पत्रकारिता का समूह जागरण न्यू मीडिया में बतौर सब एडिटर खेल और अन्य खबरों की तकनीकी समझ विकसित की. जेएनएम में करीब डेढ़ साल खेल और अन्य विषयों पर काम करने के बाद उन्होंने एसियानेट न्यूज की तरफ रुख अपनाया. वहां, करीब डेढ़ साल तक ऑटोमोबाइल और स्पोर्ट्स सेक्शन में काम किया और फिर प्रभात खबर का रुख किया, जहां ऑटो बीट पर काम कर रहे हैं. ट्रेंड्स को लगातार फॉलो करते हैं.

विजन 

शिवांश का मानना है कि ऑटोमोबाइल से जुड़ी खबरें केवल नई गाड़ियों के बारे में जानकारी नहीं देती, बल्कि लोगों की रोजमर्रा की जिंदगी, खरीदारों के फैसलों और डिजिटल एक्सपिरियंस पर भी असर डालती हैं.

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