टू-व्हीलर कंपनी हीरो ने कुछ साल पहले एक ऐसा कॉन्सेप्ट पेश किया था, जिसने ऑटो इंडस्ट्री का ध्यान अपनी ओर खींच लिया था. Hero World 2024 इवेंट में कंपनी के सब-ब्रांड Surge ने Surge S32 से पर्दा उठाया था. इसकी सबसे खास बात यह थी कि यह एक ऐसा इलेक्ट्रिक स्कूटर है, जिसे जरूरत पड़ने पर कुछ ही समय में इलेक्ट्रिक थ्री-व्हीलर में बदला जा सकता है. बात करें लॉन्च की, तो Hero Surge S32 के 2026 की दूसरी छमाही में भारतीय बाजार में आने की उम्मीद है. आइए जानते हैं इसके बारे में.
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हीरो और सर्ज काफी समय से इस खास इलेक्ट्रिक व्हीकल पर काम कर रहे थे. कुछ महीने पहले खबर आई थी कि सरकार से मंजूरी मिलने के बाद अब यह गाड़ी लॉन्च के लिए पूरी तरह तैयार है. खास बात यह है कि Surge S32 नए L2-5 व्हीकल कैटेगरी के तहत रजिस्टर होने वाला देश का पहला गाड़ी बन गया है.
Surge S32 के वेरिएंट्स
दुनिया का पहला कैटेगरी-स्वैपिंग इलेक्ट्रिक व्हीकल Hero MotoCorp की अपनी कंपनी Surge Future Mobility ने तैयार किया है. इस इलेक्ट्रिक गाड़ी को तीन वेरिएंट्स S32 PV, S32 LD और S32 HD में पेश किया जाएगा. इनमें S32 PV पैसेंजर्स के लिए है, जबकि S32 LD और S32 HD को हल्के और भारी सामान ढोने की जरूरतों को ध्यान में रखकर डिजाइन किया गया है. यह Hero के Advanced Modular Smart Electric Platform (AMSEP) पर बेस्ड है.
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Surge S32 की खासियत
इस सेटअप की सबसे खास बात यह है कि इसमें दो अलग-अलग यूनिट मिलती हैं. एक इलेक्ट्रिक स्कूटर और दूसरा तीन-पहिया मॉड्यूल. दिलचस्प बात यह है कि दोनों में अपना-अपना अलग इलेक्ट्रिक पावरट्रेन दिया गया है.
सबसे पहले बात करें तीन-पहिया मॉड्यूल की, तो इसमें 11 kWh का बैटरी पैक और 13.4 hp की पावर देने वाली इलेक्ट्रिक मोटर मिलती है. इसे खास तौर पर ज्यादा वजन ढोने के लिए तैयार किया गया है. इसकी टॉप स्पीड 50 km/h है, जबकि इसका कार्गो वर्जन 500 kg तक का सामान ले जा सकता है. वहीं, स्कूटर में 4 hp की इलेक्ट्रिक मोटर और 3.5 kWh का रिमूवेबल बैटरी पैक दिया गया है. यह स्कूटर 60 km/h की टॉप स्पीड तक दौड़ सकता है.
इसका सबसे अनोखा फीचर तब सामने आता है, जब जरूरत पड़ने पर स्कूटर को तीन-पहिया मॉड्यूल से जोड़ा जाता है. इसके लिए बस फ्रंट विंडशील्ड को ऊपर उठाना होता है और स्कूटर आसानी से मॉड्यूल में डॉक हो जाता है. डॉक होने के बाद यही स्कूटर ऑटोरिक्शा का अगला हिस्सा बन जाता है. इतना ही नहीं, स्कूटर के LED हेडलैंप ही ऑटो की हेडलाइट का काम करते हैं और पूरा कंट्रोल सिस्टम भी स्कूटर के जरिए कंट्रोल होता है.
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