ChatGPT के सामने कहां टिकेगा Google का AI टूल BARD?

ChatGPT ने AI की जंग को नये मुकाम पर ला खड़ा किया है. गूगल ने भी अपना एआई (AI) आधारित चैटबॉट बार्ड (Bard) पेश कर दिया है. अब सवाल यह है कि गूगल का यह चैटबॉट क्या चैट जीपीटी को टक्कर दे पाएगा. आइए जानते हैं गूगल बार्ड में क्या है और चैट जीपीटी के मुकाबले में यह कहां ठहरता है.

ChatGPT vs Google Bard: पिछले कुछ दिनों से चैट जीपीटी (ChatGPT) बड़ी चर्चा में है. ओपन एआई (Open AI) के इस प्लैटफॉर्म को गूगल (Google) के विकल्प के तौर पर देखा जाने लगा है. इसे लेकर गूगल को टेंशन हो गई और उसने भी अपना एआई (AI) आधारित चैटबॉट बार्ड (Bard) पेश कर दिया है. अब सवाल यह है कि गूगल का यह चैटबॉट क्या चैट जीपीटी को टक्कर दे पाएगा. आइए जानते हैं गूगल बार्ड में क्या है और चैट जीपीटी के मुकाबले में यह कहां ठहरता है.

AI टेक्नोलॉजी की दुनिया का भविष्य

आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) को टेक्नोलॉजी की दुनिया का भविष्य माना जा रहा है. दिग्गज टेक कंपनियाें के बीच एआई में अपना वर्चस्व बढ़ाने की होड़ मची है. बीते साल नवंबर के अंतिम सप्ताह में आये ChatGPT ने AI की जंग को नये मुकाम पर ला खड़ा किया है. यह यूजर्स के सवालों का जवाब गूगल की तरह इंटरनेट से तलाशकर नहीं, बल्कि काफी हद तक इंसानों की तरह अपने मन से देता है. ChatGPT के मुकाबले में गूगल अपना एआई टूल बार्ड (Bard) लेकर आयी है. इसे फिलहाल टेस्टिंग के लिए जारी किया गया है. सार्वजनिक तौर पर यह कुछ दिनों बाद रिलीज होगा. अल्फाबेट और गूगल के सीईओ सुंदर पिचाई ने इसकी जानकारी दी है.

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Google BARD क्या है?

गूगल का यह चैटबॉट माइक्रोसॉफ्ट के चैटजीपटी (ChatGPT) से मुकाबला करने के लिए बनाया गया है. गूगल अपने एआई टूल बार्ड पर पिछले 6 सालों से काम कर रहा था. अब कंपनी इस टूल को जल्द ही ऑफिशियली लॉन्च करने वाली है. बार्ड भी एक एआई टूल है, जिसे गूगल ने लैंग्वेज मॉडल फॉर डायलॉग एप्लीकेशन (LaMDA) से तैयार किया है. सुंदर पिचाई ने बताया है कि यह भी चैट जीपीटी की तरह सवालों के जवाब देगा. यहां आपको वह जानकारी मिलेगी जो इंटरनेट पर उपलब्ध है. इसका मतलब यह कि इंटरनेट पर जो भी ताजा जानकारी आ रही है, यह टूल उसके अनुसार आपके सवालों का जवाब देगा.

ChatGPT और Google Bard के बीच अंतर क्या है?

चैट जीपीटी अपने यूजर को वह जानकारी देता है, जो उसमें फीड की गई है जबकि गूगल का नया एआई टूल बार्ड इंटरनेट पर मौजूद ताजातरीन जानकारी के हिसाब से आपको सवालों के जवाब दे सकता है. वहीं, चैट जीपीटी में 2021 तक का डेटा फीड किया गया है और वह उसी हिसाब से आपको सवालों के जवाब देता है. यानी चैट जीपीटी का ज्ञान 2021 तक ही सीमित है. अगर आप आज की तारीख में चैट जीपीटी से कोई सवाल पूछेंगे, तो आपको उसी तारीख तक की जानकारी आपको मिलेगी, जब तक का डेटा उसके पास फीड किया गया है. ऐसे में गलती की संभावना बढ़ जाती है.

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गूगल का एआई टूल फिलहाल लाइव नहीं है इसलिए इस बारे ज्यादा जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है. यह टूल अभी टेस्टिंग फेज में है, एक बार जब यह आम यूजर्स के लिए लाइव हो जाए, तो बेहतर तरीके से दोनों के बीच अंतर समझा जा सकेगा. आसान भाषा में कहें, तो चैट जीपीटी फीडेड डेटा के अनुसार यूजर के सवालों के जवाब देता है, जबकि बार्ड इंटरनेट पर मौजूद लेटेस्ट इनफाॅर्मेशन के आधार पर जवाब तैयार करके देता है.

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By Rajeev kumar

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