YES Bank संकट का PhonePe, Flipkart, Swiggy की सेवाओं पर असर, UPI पेमेंट में आयी दिक्कत

Yes Bank Crisis Impact on PhonePe, Swiggy, Flipkart: यस बैंक पर रिजर्व बैंक की पाबंदी की वजह से डिजिटल पेमेंट वॉलेट (Digital Payment Wallet) फोनपे (PhonePe) भी मुश्किलों में घिर गई है.

Yes Bank Crisis Impact on PhonePe, Swiggy, Flipkart: यस बैंक पर रिजर्व बैंक की पाबंदी की वजह से डिजिटल पेमेंट वॉलेट (Digital Payment Wallet) फोनपे (PhonePe) भी मुश्किलों में घिर गई है.

दरअसल, आरबीआई (RBI) ने YES बैंक के ग्राहकों को 50 हजार रुपये से ज्यादा निकालने से रोक दिया है. आरबीआई की इस पाबंदी के बाद कई प्रमुख डिजिटल पेमेंट सर्विसेज प्रभावित हुई हैं. स्विगी, फोन पे और फिल्पकार्ट के लिए YES बैंक सबसे बड़े बैंक-एंड पेमेंट सॉल्यूशन प्लेटफॉर्म में से एक है. ऐसे में इनके जरिये किये जाने वाले UPI पेमेंट नहीं हो रहे हैं.

बताते चलें कि फ्लिपकार्ट, स्विगी और मेकमाईट्रिप जैसी कंपनियों ने भी अपने सिस्टम से फोनपे को हटा दिया है. यूपीआई ऑप्शन को भी फ्लिपकार्ट और स्विगी से हटा दिया गया है. भुगतान के लिए जिनका पैसा वॉलेट में था, वो फिलहाल फंसा ही रहेगा.

बता दें कि फोनपे उन अनेकों स्टार्टअप्स में से एक है, जिसके पास यस बैंक अधिग्रहण बैंक के रूप में है या भुगतान सेवा प्रदाता (PSP) है. स्विगी में भी यूपीआई भुगतान का सपोर्ट करने वाले बैंकों की लिस्ट में यस बैंक भी है, इसलिए स्विगी ने यूपीआई अकाउंट का उपयोग करके खाना ऑर्डर करने का विकल्प ऐप से हटा दिया है. इसी तरह फ्लिपकार्ट ने भी फोनपे का उपयोग करके भुगतान करने के विकल्प को हटा दिया है. पेमेंट गेटवे रेजरपे भी यस बैंक का अपने बैक-एंड में इस्तेमाल करता है.

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Author: Rajeev Kumar

Published by: Prabhat Khabar

राजीव कुमार हिंदी डिजिटल मीडिया के अनुभवी पत्रकार हैं और वर्तमान में प्रभातखबर.कॉम में सीनियर कंटेंट राइटर के तौर पर कार्यरत हैं. 15 वर्षों से अधिक के पत्रकारिता अनुभव के दौरान उन्होंने टेक्नोलॉजी और ऑटोमोबाइल सेक्टर की हजारों खबरों, एक्सप्लेनर, एनालिसिस और फीचर स्टोरीज पर काम किया है. सरल भाषा, गहरी रिसर्च और यूजर-फर्स्ट अप्रोच उनकी लेखन शैली की सबसे बड़ी पहचान है. राजीव की विशेषज्ञता स्मार्टफोन, गैजेट्स, एआई, मशीन लर्निंग, इंटरनेट ऑफ थिंग्स (IoT), साइबर सिक्योरिटी, टेलीकॉम, इलेक्ट्रिक व्हीकल्स, ICE और हाइब्रिड कारों, ऑटोनोमस ड्राइविंग तथा डिजिटल ट्रेंड्स जैसे विषयों में रही है. वे लगातार बदलती टेक और ऑटो इंडस्ट्री पर नजर रखते हैं और रिपोर्ट्स, आधिकारिक डेटा, कंपनी अपडेट्स तथा एक्सपर्ट इनसाइट्स के आधार पर सटीक और भरोसेमंद जानकारी पाठकों तक पहुंचाते हैं. डिजिटल मीडिया में राजीव की खास पहचान SEO-ऑप्टिमाइज्ड और डेटा-ड्रिवेन कंटेंट के लिए भी रही है. गूगल डिस्कवर और यूजर एंगेजमेंट को ध्यान में रखते हुए वे ऐसे आर्टिकल्स तैयार करते हैं, जो न केवल जानकारीपूर्ण होते हैं, बल्कि पाठकों की जरूरत और सर्च ट्रेंड्स से भी मेल खाते हैं. टेक और ऑटो सेक्टर पर उनके रिव्यू, एक्सपर्ट इंटरव्यू, तुलना आधारित लेख और एक्सप्लेनर स्टोरीज को पाठकों द्वारा काफी पसंद किया जाता है. राजीव ने अपने पत्रकारिता करियर की शुरुआत वर्ष 2011 में प्रभात खबर दैनिक से की थी. शुरुआती दौर में उन्होंने देश-विदेश, कारोबार, संपादकीय, साहित्य, मनोरंजन और फीचर लेखन जैसे विभिन्न बीट्स पर काम किया. इसके बाद डिजिटल प्लैटफॉर्म पर उन्होंने ग्राउंड रिपोर्टिंग, वैल्यू-ऐडेड स्टोरीज और ट्रेंड आधारित कंटेंट के जरिए अपनी अलग पहचान बनाई. जमशेदपुर में जन्मे राजीव ने प्रारंभिक शिक्षा सीबीएसई स्कूल से प्राप्त की. इसके बाद उन्होंने रांची यूनिवर्सिटी से बॉटनी ऑनर्स और भारतीय विद्या भवन, पुणे से हिंदी पत्रकारिता एवं जनसंचार में डिप्लोमा किया. पत्रकारिता के मूल सिद्धांत 5Ws+1H पर उनकी मजबूत पकड़ उन्हें खबरों की गहराई समझने और उन्हें आसान, स्पष्ट और प्रभावी भाषा में पाठकों तक पहुंचाने में मदद करती है. राजीव की सबसे बड़ी पहचान है, क्रेडिब्लिटी, क्लैरिटी और ऑडियंस-फर्स्ट अप्रोच. वे सिर्फ टेक ऐंड ऑटो को कवर नहीं करते, बल्कि उसे ऐसे पेश करते हैं कि हर व्यक्ति उसे समझ सके, उससे जुड़ सके और उससे फायदा उठा सके. जुड़िए rajeev.kumar@prabhatkhabar.in पर

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