भारतीय कार बाजार में मारुति की बादशाहत, किआ की सबसे तेज छलांग

दिसंबर 2025 में भारतीय कार बाजार ने 25.8% की सालाना वृद्धि दर्ज की. मारुति ने बाजार में बादशाहत कायम रखी, जबकि किआ ने 108% की छलांग लगाई. जानें पूरी रिपोर्ट

By Rajeev Kumar | January 10, 2026 5:30 PM

December 2025 Car Sales: भारत का पैसेंजर कार बाजार दिसंबर 2025 में दमदार प्रदर्शन के साथ साल का समापन करता है. कुल 4,04,231 यूनिट्स की बिक्री दर्ज हुई, जो पिछले साल की तुलना में 25.8% की मजबूत वृद्धि है. यह रिपोर्ट खासतौर पर उन पाठकों के लिए अहम है जो ऑटोमोबाइल सेक्टर, निवेश और उपभोक्ता ट्रेंड्स पर नजर रखते हैं. आंकड़े बताते हैं कि मारुति ने अपनी पकड़ और मजबूत की है, जबकि किआ ने सबसे तेजी से बढ़त हासिल की.

दिसंबर 2025 में भारतीय कार उद्योग ने सालाना आधार पर शानदार उछाल दर्ज किया. मारुति सुजुकी ने 1,78,646 यूनिट्स बेचकर बाजार में अपनी बादशाहत कायम रखी. महिंद्रा और टाटा ने क्रमशः 50,946 और 50,046 यूनिट्स बेचे, हालांकि नवंबर की तुलना में गिरावट दर्ज हुई. वहीं, हुंडई का प्रदर्शन लगभग स्थिर रहा, जबकि टोयोटा ने 37% की मजबूत वृद्धि के साथ अपनी पकड़ मजबूत की.

उपभोक्ताओं के लिए यह ट्रेंड साफ संकेत देता है कि भारतीय बाजार में विकल्पों की भरमार है. मारुति और टोयोटा जैसी कंपनियां भरोसेमंद और किफायती मॉडल्स के जरिए ग्राहकों को आकर्षित कर रही हैं. वहीं, किआ और सिट्रोन जैसी कंपनियां नए डिजाइन और फीचर्स के साथ युवा ग्राहकों को लुभा रही हैं. हालांकि, महीने-दर-महीने गिरावट यह भी दिखाती है कि त्योहारी सीजन के बाद मांग थोड़ी धीमी पड़ सकती है.

ऑटोमोबाइल सेक्टर में इलेक्ट्रिक वाहनों और हाइब्रिड टेक्नोलॉजी की ओर झुकाव बढ़ रहा है. कंपनियां अब केवल बिक्री पर नहीं, बल्कि दीर्घकालिक टिकाऊपन और ग्रीन मोबिलिटी पर ध्यान दे रही हैं. सरकार की EV नीतियां और सब्सिडी योजनाएं आने वाले समय में बिक्री पैटर्न को और प्रभावित करेंगी. दिसंबर के आंकड़े यह भी बताते हैं कि पारंपरिक पेट्रोल-डीजल कारों की मांग अभी भी मजबूत बनी हुई है.

विशेषज्ञों का मानना है कि मारुति की लगातार बढ़त उसके व्यापक नेटवर्क और किफायती मॉडल्स की वजह से है. महिंद्रा और टाटा SUV सेगमेंट में मजबूत पकड़ बनाए हुए हैं, जबकि टोयोटा की हाइब्रिड रणनीति उसे नये ग्राहकों तक पहुंचा रही है. किआ का 108% का उछाल यह दर्शाता है कि भारतीय उपभोक्ता नये ब्रांड्स को अपनाने में पीछे नहीं हैं.

2026 में भारतीय कार बाजार का फोकस इलेक्ट्रिक और हाइब्रिड वाहनों पर और बढ़ेगा. उपभोक्ताओं को ध्यान रखना होगा कि आने वाले महीनों में कीमतों और फीचर्स में बदलाव देखने को मिल सकता है. कंपनियां नये लॉन्च और अपडेटेड प्लैटफॉर्म्स के जरिये प्रतिस्पर्धा को और तेज करेंगी.

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