कार का इंजन लंबे समय तक चलने के लिए बनाया जाता है, लेकिन तभी जब उसकी सही देखभाल की जाए. कई लोग माइलेज और परफॉर्मेंस पर तो ध्यान देते हैं, लेकिन छोटी-छोटी चीजों को नजरअंदाज कर देते हैं. सच तो यह है कि इंजन की ज्यादातर दिक्कतें अचानक नहीं आतीं, बल्कि रोजमर्रा की आदतों की वजह से धीरे-धीरे पैदा होती हैं. कई ड्राइवर अनजाने में ही अपने इंजन को नुकसान पहुंचा रहे होते हैं. और जब तक समस्या सामने आती है, तब तक मरम्मत का बिल काफी भारी हो चुका होता है. इसलिए आइए जानते हैं कौन-कौन सी हैं वो आदतें.
समय पर इंजन ऑयल न बदलना
सबसे आम गलतियों में से एक है इंजन ऑयल बदलने में देरी करना. इंजन ऑयल गाड़ी के अंदर के मूविंग पार्ट्स को ठंडा रखता है और घर्षण कम करता है. लेकिन समय के साथ-साथ ऑयल गंदा हो जाता है और उतना असरदार नहीं रहता. ऐसे में इंजन के पार्ट्स तेजी से घिसने लगते हैं. अगर आप समय पर ऑयल बदलते रहें, तो इससे इंजन की सेहत पर बड़ा फर्क पड़ता है.
ओवरहीटिंग को नजरअंदाज करना
ओवरहीटिंग एक ऐसी समस्या है जिसे बहुत लोग नजरअंदाज कर देते हैं. कई ड्राइवर तो तब भी गाड़ी चलाते रहते हैं जब टेम्परेचर वार्निंग लाइट जल जाती है. इंजन के ज्यादा गर्म होने से पिस्टन और सिलेंडर हेड को नुकसान पहुंच सकता है. ऐसे मामलों में मरम्मत का खर्च भी काफी ज्यादा आता है, और कभी-कभी तो इंजन को पूरी तरह रीबिल्ड तक करना पड़ जाता है.
कार स्टार्ट करते ही उसे तेज रेव करना
इंजन को नुकसान पहुंचाने वाली एक और आदत है और वो है कार स्टार्ट करते ही उसे तेज रेव करना. खासकर सुबह के समय लोग अक्सर यही गलती कर बैठते हैं. दरअसल, इंजन ऑयल को पूरे इंजन में ठीक से फैलने के लिए थोड़ा वक्त चाहिए होता है. बस 1-2 मिनट का इंतजार काफी है. ठंडे इंजन को तुरंत रेव करने से उसके पार्ट्स पर ज्यादा घिसाव पड़ता है.
रूटीन सर्विसिंग करवाना
रूटीन सर्विसिंग बेहद जरूरी होती है. अगर आप बेसिक मेंटेनेंस को टालते रहते हैं, तो आगे चलकर बड़ी परेशानियां खड़ी हो सकती हैं. स्पार्क प्लग, फिल्टर और टाइमिंग बेल्ट जैसे पार्ट्स को समय-समय पर बदलना पड़ता है. इन्हें नजरअंदाज करने से गाड़ी की परफॉर्मेंस गिरने लगती है.
यह भी पढ़ें: चप्पल पहन कर गाड़ी चलाने पर क्या कट सकता है चालान? क्या कहता है कानून?
