IIT गांधीनगर में तैनात हुआ सुपर कंप्यूटर परम अनंत, इसकी खूबियां आपके होश उड़ा देंगी

राष्ट्रीय सुपरकंप्यूटिंग मिशन (NSM) के तहत सरकार ने IIT गांधीनगर में 838 टेराफ्लॉप कंप्यूटिंग पावर क्षमता के साथ स्वदेशी रूप से विकसित परम अनंत सुपरकंप्यूटर तैनात किया है. उच्च शक्ति वाले सुपर कंप्यूटर प्रति सेकंड 838 लाख करोड़ रुपये की गणना कर सकते हैं.

IIT Gandhinagar Commissions Param Ananta Super Computer: सरकार ने देश में विकसित 838 टेराफ्लॉप्स की क्षमता से गणना करने में सक्षम परम अनन्त सुपर कंप्यूटर आईआईटी (भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान) गांधीनगर में लगाया है. उच्च क्षमता का यह सुपर कंप्यूटर 838 लाख करोड़ गणना प्रति सेकेंड कर सकता है.

इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय ने एक बयान में कहा, आईआईटी गांधीनगर में राष्ट्रीय सुपरकंप्यूटिंग मिशन (एनएसएम) के तहत अत्याधुनिक सुपर कंप्यूटर परम अनंत राष्ट्र को समर्पित किया गया. यह मिशन इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय तथा विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग की संयुक्त पहल है. इसे 30 मई, 2022 को चालू किया गया.

एनएसएम के तहत इस 838 टेराफ्लॉप्स सुपरकंप्यूटिंग सुविधा की स्थापना करने के लिए 12 अक्तूबर, 2020 को आईआईटी गांधीनगर और एडवांस कंप्यूटिंग डेवलपमेंट सेंटर (सी-डैक) के बीच समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर किये गये थे.

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इलेक्ट्रॉनिक्स और आईटी मंत्रालय में समूह समन्वयक और वैज्ञानिक सुनीता वर्मा ने कहा कि परम अनंत की 60 प्रतिशत क्षमता का उपयोग आईआईटी गांधीनगर करेगा और शेष विभिन्न अनुसंधान के लिए शैक्षणिक संस्थानों के लिये उपलब्ध होगा.

सरकार ने इससे पहले 12 सुपरकंप्यूटर विभिन्न शैक्षणिक संस्थानों में लगाया है. इन संस्थानों में आईआईटी खड़गपुर, आईआईआईटी रूड़की, पुणे स्थित भारतीय विज्ञान शिक्षा एवं अनुसंधान संस्थान शामिल हैं. परम अनंत सुपरकंप्यूटिंग सुविधा की स्थापना एनएसएम के चरण दो के तहत की गई है. इस प्रणाली को बनाने के लिए उपयोग में लाये गये ज्यादातर उपकरणों का विनिर्माण और ‘असेंबल’ ‘मेक इन इंडिया’ के तहत देश में किया गया है.

परम अनंत सुपरकंप्यूटिंग सुविधा संस्थान में विज्ञान तथा प्रौद्योगिकी के विभिन्न क्षेत्रों में अनुसंधान एवं विकास गतिविधियों को आगे बढ़ाने के लिए आईआईटी गांधीनगर के लिए काफी फायदेमंद होगा. इसके अतिरिक्त, यह कृत्रिम मेधा (एआई), मशीन लर्निंग (एमएल) एवं डाटा साईंस, कंप्यूटेशनल फ्लूड डायनैमिक्स (सीएफडी), जीनोम सेक्वेसिंग तथा डीएनए अध्ययन, बायो इंजीनियरिंग, जीन नेटवर्क के पूर्वानुमान तथा पता लगाने आदि में भी कारगर होगा.

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