CNG बाइक हो गई पुरानी...अब Hydrogen वाली मोटरसाइकिल का बेसब्री से इंतजार

हाइड्रोजन से चलने वाली बाइकों के कई फायदे हैं, जैसे कि शून्य उत्सर्जन और पारंपरिक पेट्रोल इंजन की तुलना में अधिक माइलेज. हालांकि, हाइड्रोजन इंफ्रास्ट्रक्चर और वाहनों की उच्च शुरुआती लागत एक चुनौती बनी हुई है, मगर इसके लॉन्च होते ही दुनियाभर के टू-व्हीलर सेंगमेंट में एक क्रांति जरूर आएगी.

Hydrogen Bike: भारतीय ऑटोमोबाइल बाजार में हाल ही में बजाज ऑटो की सीएनजी बाइक Bajaj Freedom CNG 125 के लॉन्च हुई है, मगर अब ये पुरानी बात हो चुकी है. अब लोगों को सीएनजी (CNG) बाइक नहीं बल्कि इंतजार है तो हाइड्रोजन (Hydrogen) से चलने वाली बाइक का है और ये बाइक Joy E-Bike’s बना रही है जिसे पिछले साल मोबिलिटी एक्सपो में प्रदर्शित किया गया था.

Also Read: Ratan Tata की इस SUV के सामने MG ZS EV और XUV400 की बोलती हो जाएगी बंद!

हाइड्रोजन इंजन कैसे काम करती है

बात करें कि हाइड्रोजन इंजन कैसे काम करती है तो, हाइड्रोजन ईंधन सेल, इन बाइकों का दिल है, जो हाइड्रोजन और ऑक्सीजन के बीच होने वाली इलेक्ट्रोकेमिकल प्रतिक्रियाओं के सिद्धांत पर काम करता है. पैदा हुई बिजली बाइक के इलेक्ट्रिक मोटर को चलाती है, और केवल पानी ही उप-उत्पाद के रूप में निकलता है.

Bajaj Freedom 125 CNG: 77वें स्वतंत्रता दिवस पर पेट्रोल बाइक से आजादी, 77 शहरों में बंपर बिक्री

इलेक्ट्रॉन प्रवाह से बिजली पैदा होती है

ईंधन सेल में एक एनोड और एक कैथोड होता है. एनोड पर हाइड्रोजन अणु इलेक्ट्रॉन छोड़ते हैं, जो एक बाहरी सर्किट के माध्यम से कैथोड तक बहते हैं, जहां वे ऑक्सीजन आयनों के साथ मिलते हैं. इस इलेक्ट्रॉन प्रवाह से बिजली पैदा होती है.

हाइड्रोजन बाइक के लागत एक समस्या

हाइड्रोजन से चलने वाली बाइकों के कई फायदे हैं, जैसे कि ज़ीरो उत्सर्जन और पारंपरिक पेट्रोल इंजन की तुलना में अधिक माइलेज. हालांकि, हाइड्रोजन इंफ्रास्ट्रक्चर और वाहनों की उच्च शुरुआती लागत एक चुनौती बनी हुई है, मगर इसके लॉन्च होते ही दुनियाभर के टू-व्हीलर सेंगमेंट में एक क्रांति जरूर आएगी.

Also Read: रफ्तार के शौकीनों को जाना पड़ेगा जेल! इस राज्य सरकार ने ओवरस्पीडिंग को लेकर दिए सख्त निर्देश

प्रभात खबर डिजिटल प्रीमियम स्टोरी

लेखक के बारे में

By Abhishek Anand

'हम वो जमात हैं जो खंजर नहीं, कलम से वार करते हैं'....टीवी और वेब जर्नलिज्म में अच्छी पकड़ के साथ 10 साल से ज्यादा का अनुभव. झारखंड की राजनीतिक और क्षेत्रीय रिपोर्टिंग के साथ-साथ विभिन्न विषयों और क्षेत्रों में रिपोर्टिंग. राजनीतिक और क्षेत्रीय पत्रकारिता का शौक.

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >