माइलेज के मामले में ये कारें हैं सबसे आगे, जानिए SUV, हैचबैक और सेडान के टॉप ऑप्शन

Best Mileage Cars In India: कार खरीदते समय सिर्फ कीमत नहीं, बल्कि लंबे समय में होने वाला खर्च भी उतना ही जरूरी होता है. सही फ्यूल चुनकर हर महीने अच्छी-खासी बचत की जा सकती है. CNG, हाइब्रिड और EV तीनों के अपने फायदे हैं, लेकिन सबसे बेहतर ऑप्शन वही है जो आपके बजट और ड्राइविंग पैटर्न में फिट बैठे.

भारत के कई शहरों में पेट्रोल की कीमत 100 रुपये प्रति लीटर से ऊपर जा चुकी है. फिलहाल इसमें बड़ी राहत मिलती भी नहीं दिख रही है. ऐसे में आजकल कार खरीदते समय लोग सिर्फ इसकी कीमत नहीं देखते, बल्कि ये ज्यादा सोचते हैं कि हर महीने इसे चलाने में कितना खर्च आएगा. शोरूम में सस्ती दिखने वाली कार जरूरी नहीं कि असल जिंदगी में भी सस्ती पड़े. असली खेल तो रनिंग कॉस्ट का रहता है. छोटे बजट में CNG कारें सबसे ज्यादा बचत देती हैं, मिड सेगमेंट में स्ट्रॉन्ग हाइब्रिड गाड़ियां फायदा कराती हैं. वहीं प्रीमियम सेगमेंट में इलेक्ट्रिक गाड़ियां पूरी कहानी ही बदल देती हैं. अब सवाल यही है कि आपके लिए सबसे कौन सा बेस्ट रहेगा? आइए इसे समझते हैं.

शहर में चलाने वालों के लिए CNG और हाइब्रिड हैं फायदे का सौदा

अगर आप कम खर्च में ज्यादा चलने वाली कार खरीदना है, तो इस लिस्ट में सबसे पहले नाम आता है Maruti Suzuki Alto K10 CNG का. ARAI के मुताबिक यह कार 33.40 km/kg तक का माइलेज देती है. वहीं इसका पेट्रोल AGS वर्जन 24.90 kmpl का माइलेज देता है. 4 लाख रुपये से कम शुरुआती कीमत वाली कार के लिए यह आंकड़ा काफी शानदार है.

वहीं अगर आपको एक फैमिली सेडान चाहिए, तो Maruti Suzuki Dzire CNG भी किसी से पीछे नहीं है. यह 33.73 km/kg के माइलेज के साथ अपने सेगमेंट की सबसे ज्यादा माइलेज देने वाली CNG कार बन जाती है. इसके पेट्रोल मॉडल में भी माइलेज की कोई कमी नहीं है. मैनुअल वर्जन 24.79 kmpl और AMT वर्जन 25.71 kmpl तक का माइलेज देता है.

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वहीं अगर बात करें 12 से 18 लाख रुपये के बजट में SUV की, तब Toyota Urban Cruiser Hyryder का स्ट्रॉन्ग हाइब्रिड वेरिएंट बाकी गाड़ियों से अलग नजर आता है. कंपनी के मुताबिक यह 27.97 kmpl तक का माइलेज देता है, जबकि पेट्रोल और CNG वेरिएंट भी काफी किफायती हैं. असल फर्क रोजमर्रा की ड्राइविंग में दिखता है. शहर में चलाने पर हाइब्रिड मॉडल आम पेट्रोल SUV के मुकाबले करीब 5 से 6 kmpl ज्यादा माइलेज दे सकता है. अगर आपकी हर महीने करीब 1,500 किलोमीटर ड्राइविंग होती है, तो सिर्फ फ्यूल पर ही 2,500 से 3,000 रुपये तक की बचत हो सकती है.

प्रीमियम और लग्जरी सेगमेंट में हाइब्रिड और EV का दबदबा

अगर माइलेज आपकी प्रायोरिटी है, तो Toyota Innova Hycross का स्ट्रॉन्ग हाइब्रिड वेरिएंट आपको चौंका सकता है. यह 23.23-23.24 kmpl तक का माइलेज देता है, जो कई 1.5-लीटर हैचबैक कारों के बराबर है. खास बात यह है कि यह एक बड़ी 7-सीटर MPV है. पेट्रोल-ओनली वेरिएंट्स की तुलना में हाइब्रिड मॉडल फ्यूल पर काफी बचत करता है. रोजाना स्कूल ड्रॉप, ऑफिस आना-जाना, फैमिली ट्रिप्स और हाईवे ड्राइव करने वालों के लिए इसकी एक्स्ट्रा कीमत 2-3 साल में ही फ्यूल सेविंग के जरिए निकल सकती है.

वहीं अगर बात लग्जरी सेगमेंट की करें, तो BMW iX1 LWB का पूरा खेल ही अलग है. यह एक इलेक्ट्रिक SUV है, इसलिए इसके रनिंग कॉस्ट पेट्रोल गाड़ियों के मुकाबले बेहद कम हैं. घर पर चार्ज करने पर इसका खर्च प्रति किलोमीटर 2 रुपये से भी कम पड़ सकता है, जबकि इसी साइज की पेट्रोल लग्जरी SUV चलाने में 6 से 8 रुपये प्रति किलोमीटर तक खर्च हो सकते हैं. अगर आप हर महीने करीब 2,000 किलोमीटर ड्राइव करते हैं, तो सिर्फ फ्यूल के खर्च में सालाना 1.5 लाख रुपये से ज्यादा की बचत हो सकती है. शुरुआत में कीमत ज्यादा जरूर लग सकती है, लेकिन 5 साल के ओनरशिप खर्च को देखें तो गणित पूरी तरह बदल जाता है.

आपके लिए क्या सही रहेगा?

अगर पूरा लेखा-जोखा देखें, तो हर बजट में एक अलग फ्यूल टाइप सबसे ज्यादा समझदारी वाला ऑप्शन बनकर सामने आता है. 15 लाख रुपये तक के बजट में, खासकर शहर में ज्यादा चलाने वालों के लिए CNG सबसे किफायती होती है. 15 से 30 लाख रुपये के बीच मजबूत हाइब्रिड कारें बेहतर ऑप्शन हैं. यह उनके लिए हैं जिनके पास घर पर चार्जिंग की सुविधा नहीं है. वहीं 30 लाख रुपये से ऊपर के बजट में, अगर आपके पास होम चार्जर है और रोजाना का रूट फिक्स रहता है, तो EV सबसे ज्यादा फायदे का सौदा है. सिर्फ कंपनी के बताए माइलेज के आंकड़ों को देखकर फैसला लेना अक्सर महंगा पड़ सकता है. सही फ्यूल वही है जो आपकी जरूरत और ड्राइविंग पैटर्न के हिसाब से फिट बैठता है.

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Published by: Ankit anand

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अंकित आनंद टेक्नोलॉजी और ऑटोमोबाइल जर्नलिस्ट हैं. वर्तमान में प्रभात खबर डिजिटल में कंटेंट राइटर के रूप में काम कर रहे हैं. वे स्मार्टफोन, टेलीकॉम, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI), कंज्यूमर टेक और ऑटोमोबाइल से जुड़ी खबरों को कवर करते हैं.

काम के बारे में

अंकित आनंद एक टेक्नोलॉजी और ऑटोमोबाइल जर्नलिस्ट हैं, जो डिजिटल मीडिया में टेक और ऑटो सेक्टर से जुड़े विषयों पर लगातार लिखते हैं. वर्तमान में वे प्रभात खबर डिजिटल में कंटेंट राइटर के रूप में काम कर रहे हैं. टेक्नोलॉजी सेक्टर में उनकी रुचि स्मार्टफोन लॉन्च, मोबाइल ऑपरेटिंग सिस्टम, टेलीकॉम अपडेट्स, इंटरनेट सेवाओं, AI टूल्स, ऐप्स, गैजेट्स, टिप्स एंड ट्रिक्स और कंज्यूमर टेक्नोलॉजी से जुड़े विषयों में है. वहीं ऑटोमोबाइल सेक्टर में वे नई कारों और बाइक्स की लॉन्चिंग, फीचर्स, कीमत, सेफ्टी, इलेक्ट्रिक व्हीकल्स (EV), फ्लेक्स-फ्यूल टेक्नोलॉजी और ऑटो इंडस्ट्री के बदलते ट्रेंड्स पर रेगुलर लिखते हैं.

उनकी कोशिश रहती है कि हर खबर में सिर्फ फीचर्स, कीमत या लॉन्च की जानकारी ही न हो, बल्कि यह भी बताया जाए कि वह टेक्नोलॉजी आम लोगों के कितने काम की है, उसे इस्तेमाल करने का एक्सपीरियंस कैसा होगा और उसे खरीदना सही रहेगा या नहीं.

पढ़ाई और करियर

बिहार में जन्मे अंकित आनंद की शुरुआती शिक्षा सीबीएसई बोर्ड से हुई है. इसके बाद उन्होंने साल 2024 में गुरु गोबिंद सिंह इंद्रप्रस्थ यूनिवर्सिटी (GGSIPU) के कस्तूरी राम कॉलेज ऑफ हायर एजुकेशन से जर्नलिज्म एंड मास कम्युनिकेशन में ग्रेजुएशन डिग्री हासिल की. पढ़ाई के दौरान ही अंकित की रुचि डिजिटल मीडिया और न्यूज लिखने में बढ़ने लगी. इसी दौरान उन्होंने टेक्नोलॉजी और ऑटोमोबाइल से जुड़ी खबरों पर काम करना शुरू किया और आगे चलकर उन्होंने इन्हीं विषयों को अपने काम का हिस्सा बना लिया.

प्रभात खबर डिजिटल से पहले अंकित ने Zee News में करीब एक साल तक काम किया. यहां उन्होंने टीवी न्यूज प्रोडक्शन, आउटपुट डेस्क, कंटेंट रिसर्च, फैक्ट वेरिफिकेशन और न्यूज राइटिंग के अलग-अलग पहलुओं पर काम किया.

विजन

अंकित का मानना है कि टेक्नोलॉजी और ऑटोमोबाइल से जुड़ी खबरें केवल नए प्रोडक्ट्स की जानकारी नहीं होतीं, बल्कि लोगों की रोजमर्रा की जिंदगी, खरीदारी के फैसलों और डिजिटल एक्सपीरियंस पर भी असर डालती हैं.

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