भारत में इलेक्ट्रिक कारों की लोकप्रियता तेजी से बढ़ रही है, लेकिन लंबी दूरी की यात्रा के दौरान चार्जिंग स्टेशन की चिंता आज भी कई लोगों को परेशान करती है. ऐसे में हाइब्रिड कारें एक ऐसा विकल्प बनकर उभरी हैं, जो इलेक्ट्रिक मोटर और पेट्रोल इंजन दोनों का फायदा देती हैं. यही वजह है कि अब कई हाइब्रिड कारें एक बार टैंक फुल कराने पर 1,000 किलोमीटर से भी ज्यादा दूरी तय करने का दावा कर रही हैं. बेहतर माइलेज, कम ईंधन खर्च और लंबी रेंज के कारण ये गाड़ियां भारतीय ग्राहकों के बीच तेजी से लोकप्रिय हो रही हैं.
हाइब्रिड कारें क्यों बन रही हैं लोगों की पहली पसंद?
हाइब्रिड तकनीक का सबसे बड़ा फायदा यह है कि कम स्पीड पर कार मुख्य रूप से इलेक्ट्रिक मोटर से चलती है और जरूरत पड़ने पर पेट्रोल इंजन खुद सक्रिय हो जाता है. इससे ईंधन की खपत कम होती है और ड्राइविंग अनुभव भी बेहद स्मूद रहता है. शहर के ट्रैफिक में जहां सामान्य पेट्रोल कारें ज्यादा ईंधन खर्च करती हैं, वहीं हाइब्रिड मॉडल बेहतर माइलेज देने में सक्षम हैं.
1000KM से ज्यादा रेंज देने वाली हाइब्रिड कारें
भारतीय बाजार में कई ऐसे मॉडल मौजूद हैं जो लंबी दूरी तय करने की क्षमता रखते हैं. Honda City e:HEV अपने 40 लीटर टैंक और शानदार माइलेज के दम पर लगभग 1,000 किलोमीटर से ज्यादा चल सकती है.
वहीं Maruti Suzuki Invicto और Toyota Innova Hycross जैसे एमपीवी मॉडल बड़ी फैमिली के लिए बेहतरीन विकल्प हैं. इनकी अनुमानित रेंज 1,100 किलोमीटर से अधिक बताई जाती है.
मिड-साइज एसयूवी सेगमेंट में Maruti Suzuki Grand Vitara और Toyota Urban Cruiser Hyryder भी काफी लोकप्रिय हैं. बेहतर फ्यूल एफिशिएंसी के कारण ये 1,200 किलोमीटर तक की दूरी तय कर सकती हैं. Toyota Camry Hybrid और आने वाली Honda ZR-V जैसी कारें भी लंबी रेंज और प्रीमियम ड्राइविंग अनुभव का शानदार संयोजन पेश करती हैं.
कैसे बचाती हैं ईंधन?
हाइब्रिड कारों में कई स्मार्ट तकनीकें इस्तेमाल की जाती हैं. स्टार्टिंग के समय इलेक्ट्रिक मोटर काम करती है, जिससे पेट्रोल की खपत कम होती है. ब्रेक लगाने पर बनने वाली ऊर्जा बैटरी में स्टोर हो जाती है, जिसे रिजेनरेटिव ब्रेकिंग कहा जाता है.
इसके अलावा ट्रैफिक सिग्नल या लंबे स्टॉप के दौरान इंजन अपने आप बंद हो जाता है और बैटरी एसी तथा अन्य इलेक्ट्रॉनिक सिस्टम को चलाती रहती है. इससे ईंधन की बर्बादी काफी कम हो जाती है.
EV और पेट्रोल कार के बीच का संतुलित विकल्प
जो लोग इलेक्ट्रिक कार की कम रनिंग कॉस्ट चाहते हैं लेकिन चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर की चिंता नहीं करना चाहते, उनके लिए हाइब्रिड कारें एक संतुलित समाधान साबित हो रही हैं. ये कारें लंबी दूरी, बेहतर माइलेज और कम उत्सर्जन का ऐसा मिश्रण देती हैं, जो वर्तमान भारतीय परिस्थितियों में काफी व्यावहारिक माना जा रहा है.
भविष्य में और बढ़ेगी हाइब्रिड कारों की मांग
ऑटो इंडस्ट्री के जानकारों का मानना है कि आने वाले वर्षों में हाइब्रिड तकनीक का दायरा और बढ़ेगा. जैसे-जैसे ईंधन की कीमतें बढ़ेंगी और पर्यावरणीय नियम सख्त होंगे, वैसे-वैसे ग्राहक ऐसे वाहनों की तरफ आकर्षित होंगे जो कम खर्च में ज्यादा दूरी तय कर सकें. फिलहाल हाइब्रिड कारें उन लोगों के लिए सबसे बेहतर विकल्प बनकर सामने आ रही हैं, जो लंबी यात्राओं के दौरान रेंज की चिंता से बचना चाहते हैं.
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