Anand Mahindra ने देश में लिथियम भंडार मिलने पर कहा- भारत का भविष्य चमकदार, बस इस एक चीज की जरूरत

Lithium Reserves In India देश के अंदर लिथियम का भंडार मिलना आत्मनिर्भर भारत के लक्ष्य को पाने में मददगार हो सकता है. इस बारे में हो रही चर्चा में अब उद्योगपति आनंद महिंद्रा (Anand Mahindra) भी उतर गए हैं.

Anand Mahindra Tweet: जम्मू और कश्मीर के रियासी में लिथियम भंडार (Lithium Reserve) मिलने के बाद राजस्थान में भी ‘व्हाइट गोल्ड’ मिला है और इसकी खूब चर्चा हो रही है. लिथियम से जुड़ी भारत की ज्यादातर जरूरतें फिलहाल आयात से पूरी हो रही हैं. ऐसे में देश के अंदर लिथियम का भंडार मिलना आत्मनिर्भर भारत के लक्ष्य को पाने में मददगार हो सकता है. इस बारे में हो रही चर्चा में अब उद्योगपति आनंद महिंद्रा (Anand Mahindra) भी उतर गए हैं.

आनंद महिंद्रा ने राजस्थान में लिथियम का भंडार मिलने पर खुशी जताते हुए देश में इस महत्वपूर्ण खनिज की शोधन क्षमता स्थापित करने के लिए तेजी से कदम उठाने का आह्वान किया है. महिंद्रा ने एक ट्वीट में कहा कि रिफाइनिंग क्षमता के मामले में चीन के पास पहले से बढ़त है लिहाजा भारत को तेजी से काम करना होगा.

Also Read: Mahindra XUV400 से उठा पर्दा, Anand Mahindra ने शेयर किया धमाकेदार VIDEO

उद्योगपति आनंद महिंद्रा ने कहा, आखिरकार. हमारे पास 21वीं सदी में विकास के लिए एक महत्वपूर्ण प्राकृतिक संसाधन का बड़ा भंडार है. यह संकेत है कि भारत का ‘रोमांचक भविष्य’ है. लेकिन आपूर्ति श्रृंखला में रिफाइनिंग न कि भंडार प्रमुख तत्व है. रिफाइनिंग में चीन के पास बहुत बड़ी बढ़त है. उन्होंने कहा कि ऐसी स्थिति में भारत को खनिज रिफाइनिंग की क्षमता स्थापित करने के लिए तेजी से काम करने की जरूरत है.

लिथियम का उपयोग मुख्य रूप से दोबारा चार्ज की जा सकने वाली बैटरी बनाने में किया जाता है. यह बैटरी विशेष रूप से इलेक्ट्रिक वाहनों और पोर्टेबल इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों में इस्तेमाल की जाती है. ऐसी खबरें हैं कि भारतीय भूवैज्ञानिक सर्वेक्षण (जीएसआई) को राजस्थान के नागौर जिले के डेगाना में लिथियम का एक और भंडार मिला है. इसके पहले लीथियम के भंडार जम्मू-कश्मीर में भी पाये गए थे. (भाषा इनपुट के साथ)

Also Read: Anand Mahindra Tweet : बच्चों के खेल वाले इस छोटे से वीडियो से आनंद महिंद्रा ने दे डाली बड़ी प्रेरणा

प्रभात खबर डिजिटल प्रीमियम स्टोरी

लेखक के बारे में

Author: Rajeev Kumar

राजीव कुमार हिंदी डिजिटल मीडिया के अनुभवी पत्रकार हैं और वर्तमान में प्रभातखबर.कॉम में सीनियर कंटेंट राइटर के तौर पर कार्यरत हैं. 15 वर्षों से अधिक के पत्रकारिता अनुभव के दौरान उन्होंने टेक्नोलॉजी और ऑटोमोबाइल सेक्टर की हजारों खबरों, एक्सप्लेनर, एनालिसिस और फीचर स्टोरीज पर काम किया है. सरल भाषा, गहरी रिसर्च और यूजर-फर्स्ट अप्रोच उनकी लेखन शैली की सबसे बड़ी पहचान है. राजीव की विशेषज्ञता स्मार्टफोन, गैजेट्स, एआई, मशीन लर्निंग, इंटरनेट ऑफ थिंग्स (IoT), साइबर सिक्योरिटी, टेलीकॉम, इलेक्ट्रिक व्हीकल्स, ICE और हाइब्रिड कारों, ऑटोनोमस ड्राइविंग तथा डिजिटल ट्रेंड्स जैसे विषयों में रही है. वे लगातार बदलती टेक और ऑटो इंडस्ट्री पर नजर रखते हैं और रिपोर्ट्स, आधिकारिक डेटा, कंपनी अपडेट्स तथा एक्सपर्ट इनसाइट्स के आधार पर सटीक और भरोसेमंद जानकारी पाठकों तक पहुंचाते हैं. डिजिटल मीडिया में राजीव की खास पहचान SEO-ऑप्टिमाइज्ड और डेटा-ड्रिवेन कंटेंट के लिए भी रही है. गूगल डिस्कवर और यूजर एंगेजमेंट को ध्यान में रखते हुए वे ऐसे आर्टिकल्स तैयार करते हैं, जो न केवल जानकारीपूर्ण होते हैं, बल्कि पाठकों की जरूरत और सर्च ट्रेंड्स से भी मेल खाते हैं. टेक और ऑटो सेक्टर पर उनके रिव्यू, एक्सपर्ट इंटरव्यू, तुलना आधारित लेख और एक्सप्लेनर स्टोरीज को पाठकों द्वारा काफी पसंद किया जाता है. राजीव ने अपने पत्रकारिता करियर की शुरुआत वर्ष 2011 में प्रभात खबर दैनिक से की थी. शुरुआती दौर में उन्होंने देश-विदेश, कारोबार, संपादकीय, साहित्य, मनोरंजन और फीचर लेखन जैसे विभिन्न बीट्स पर काम किया. इसके बाद डिजिटल प्लैटफॉर्म पर उन्होंने ग्राउंड रिपोर्टिंग, वैल्यू-ऐडेड स्टोरीज और ट्रेंड आधारित कंटेंट के जरिए अपनी अलग पहचान बनाई. जमशेदपुर में जन्मे राजीव ने प्रारंभिक शिक्षा सीबीएसई स्कूल से प्राप्त की. इसके बाद उन्होंने रांची यूनिवर्सिटी से बॉटनी ऑनर्स और भारतीय विद्या भवन, पुणे से हिंदी पत्रकारिता एवं जनसंचार में डिप्लोमा किया. पत्रकारिता के मूल सिद्धांत 5Ws+1H पर उनकी मजबूत पकड़ उन्हें खबरों की गहराई समझने और उन्हें आसान, स्पष्ट और प्रभावी भाषा में पाठकों तक पहुंचाने में मदद करती है. राजीव की सबसे बड़ी पहचान है, क्रेडिब्लिटी, क्लैरिटी और ऑडियंस-फर्स्ट अप्रोच. वे सिर्फ टेक ऐंड ऑटो को कवर नहीं करते, बल्कि उसे ऐसे पेश करते हैं कि हर व्यक्ति उसे समझ सके, उससे जुड़ सके और उससे फायदा उठा सके. जुड़िए rajeev.kumar@prabhatkhabar.in पर

Read More

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >