Coronavirus Lockdown: डेटा की बढ़ी खपत से 20% तक धीमा हुआ इंटरनेट

CoVID 19 Lockdown Mobile Broadband Internet Slow: कोरोना वायरस संकट को लेकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पूरे देश में 21 दिनों के लॉकडाउन की घोषणा की है. इसके बाद से लोगों ने घरों से निकलना बंद कर दिया है. ऐसे में घर पर रहने वाले लोग इंटरनेट पर अपना ज्यादातर समय बिताने लगे हैं. जाहिर है, इसके लिए वे मोबाइल और होम ब्रॉडबैंड का सहारा ले रहे हैं. इस बीच इंटरनेट सेवा प्रदाता कंपनियों का कहना है कि इससे इंटरनेट स्पीड काफी घट गई है.

CoVID 19 Lockdown Mobile Broadband Internet Slow: कोरोना वायरस संकट को लेकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पूरे देश में 21 दिनों के लॉकडाउन की घोषणा की है. इसके बाद से लोगों ने घरों से निकलना बंद कर दिया है.

ऐसे में घर पर रहने वाले लोग इंटरनेट पर अपना ज्यादातर समय बिताने लगे हैं. जाहिर है, इसके लिए वे मोबाइल और होम ब्रॉडबैंड का सहारा ले रहे हैं. इस बीच इंटरनेट सेवा प्रदाता कंपनियों का कहना है कि इससे इंटरनेट स्पीड काफी घट गई है.

एक रिपोर्ट की मानें, तो लॉकडाउन के दौरान वीडियो देखने में लगभग 30 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई है. इससे इंटरनेट स्पीड में लगभग 20 प्रतिशत तक की गिरावट आयी है.

एक्सपर्ट्स का मानना है कि चूंकि लॉकडाउन अभी आगे और चलने वाला है, इसलिए इंटरनेट स्पीड में 25 से 30 प्रतिशत तक और अधिक गिरावट आ सकती है.

इंटरनेट सर्विसेज प्रोवाइडर्स एसोसिएशन ऑफ इंडिया के अध्यक्ष राजेश छारिया के हवाले से चल रही खबरों के अनुसार, अगले कुछ हफ्तों में डेटा के इस्तेमाल में और अधिक बढ़ोतरी हो सकती है. यह इजाफा लॉकडाउन जारी रहने तक होगा.

एसोशिएशन का कहना है कि बेंगलुरु और हैदराबाद जैसे शहरों में लॉकडाउन के बाद से ही इंटरनेट डेटा कंजम्प्शन में लगभग 70 प्रतिशत तक की बढ़ोतरी देखी गई है.

सेल्युलर ऑपरेटर्स एसोसिएशन ऑफ इंडिया का अनुमान है कि लॉकडाउन के बाद से अब तक इंटरनेट डाटा खपत में करीब 30 प्रतिशत तक बढ़ोतरी हुई है.

आपके लिए यह भी जानना जरूरी है कि एसोसिएशन ने इंटरनेट यूजर्स से इंटरनेट डेटा का जिम्मेदारी के साथ उपयोग करने की अपील की है ताकि डेटा कंजेशन की इस नयी चुन��ती का सामना किया जा सके.

विशेषकर सुबह के 9 बजे से 11 बजे के बीच और शाम 4 बजे से रात 9 बजे के बीच के पीक आवर्स में जब डाटा कंजेशन ज्यादा होता है. इससे इंटरनेट सर्विस प्रोवाइडर्स के नेटवर्क पर दबाव कम होगा और उन लोगों को नेट की ठीक-ठाक स्पीड मिलती रहेगी, जिन्हें इसकी ज्यादा जरूरत है.

आपको बताते चलें कि भारत में फिलहाल लगभग 68.76 करोड़ इंटरनेट यूजर हैं. इनमें केवल 2.23 करोड़ यूजर ही वायर्ड ब्रॉडबैंड का उपयोग करते हैं. बाकी लगभग 66.53 करोड़ यूजर मोबाइल और वायरलेस नेटवर्क पर निर्भर हैं.

जानकारों की मानें, तो लॉकडाउन की वजह से वर्क फ्रॉम होम, दूरस्थ शिक्षा, एंटरटेनमेंट सभी के लिए लोग या तो ब्रॉडबैंड कनेक्शन पर निर्भर हैं या मोबाइल पर. वहीं, बीते दो हफ्तों में रेसिडेंशियल एरिया से काम करने वाले यूजर्स की संख्या में तीन गुना तक बढ़ोतरी हुई है, जिस वजह से औसत डाउनलोड स्पीड में लगभग 20 प्रतिशत तक गिरावट आयी है.

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By Rajeev kumar

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राजीव ने अपने पत्रकारिता करियर की शुरुआत वर्ष 2011 में प्रभात खबर दैनिक से की थी. शुरुआती दौर में उन्होंने देश-विदेश, कारोबार, संपादकीय, साहित्य, मनोरंजन, पॉजिटिव जर्नलिज्म और फीचर राइटिंग जैसे अलग-अलग बीट्स पर काम किया. इसके बाद डिजिटल प्लैटफॉर्म पर उन्होंने रिपोर्टिंग, वैल्यू-ऐडेड स्टोरीज और ट्रेंड आधारित कंटेंट के जरिए अपनी अलग पहचान बनाई.

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