दसवीं के छात्र ने फेसबुक की विकल्प के रूप में बनाया ''कैशबुक'', गूगल प्ले स्टोर पर है उपलब्ध

श्रीनगर : कश्मीर में हिंसा, पत्थरबाजी और प्रदर्शन को रोकने की खातिर सोशल मीडिया पर लगाया गया प्रतिबंध किसी काम का नहीं रहा. कश्मीरियों ने इसका भी तोड़ निकालते हुए कई जुगाड़ कर लिया है. अनंतनाग के 10वीं क्लास के एक छात्र जियान शफीक ने फेसबुक से मिलता-जुलता अपनी एक सोशल नेटवर्किंग साइट बना ली […]

श्रीनगर : कश्मीर में हिंसा, पत्थरबाजी और प्रदर्शन को रोकने की खातिर सोशल मीडिया पर लगाया गया प्रतिबंध किसी काम का नहीं रहा. कश्मीरियों ने इसका भी तोड़ निकालते हुए कई जुगाड़ कर लिया है. अनंतनाग के 10वीं क्लास के एक छात्र जियान शफीक ने फेसबुक से मिलता-जुलता अपनी एक सोशल नेटवर्किंग साइट बना ली है. इस का नाम है- कैशबुक. इसका इस्तेमाल भी फेसबुक की तरह ही हो सकेगा.

सरकार ने 26 अप्रैल को घाटी में अशांति को रोकने के लिए 22 सोशल मीडिया एप्लीकेशन व इंटरनेट वेबसाइट पर एक माह का प्रतिबंध लगाया था, लेकिन घाटी में लोग वर्चुअल प्राइवेट नेटवर्क (वीपीएन) का इस्तेमाल कर बैन हुई साइट्स का इस्तेमाल करना शुरू कर दिया. सरकार ने वीपीएन ऐक्सेस पर भी रोक लगा दी. तब इसका तोड़ निकालने के लिए जियान ने एक ऐसी सोशल नेटवर्किंग साइट बनायी, जो बिना वीपीएन के काम करती हो और इसके एप वर्जन को लॉन्च कर दिया. रिपोर्ट्स के मुताबिक, यह साइट वीपीएन के बिना भी काम कर सकती है. कैशबुक के जरिये लोग कश्मीरी भाषा में आपस में बातचीत कर सकते है. जियान की कैशबुक गूगल प्ले स्टोर पर उपलब्ध है.

इस एप में फेसबुक की तरह ही फोटो, वीडियो अपलोड, चौट, मेसेजिंग करने की सुविधाएं होंगी. सरकार ने फेसबुक, ट्विटर, व्हाट्सएप, वीचैट, क्यूक्यू, क्यूजोन, गूगल प्लस, स्काइपी, लाइन, पिनट्रस्ट, स्नैपचैट, यूट्यूब, वाइन और फ्लिक्र पर बैन लगाया था.

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