बारिश में आपकी इलेक्ट्रिक कार बन गई है सिरदर्द? ये 5 Tips जरूर अपनाएं

बरसात का मौसम इलेक्ट्रिक कारों के लिए सिरदर्द बन सकता है. इन 5 आसान टिप्स से अपनी ईवी को मानसून की बारिश में भी पूरी तरह सुरक्षित रखें. जानिए कार की बैटरी, चार्जिंग पोर्ट और अन्य जरूरी हिस्सों की देखभाल कैसे करें.

बरसात का मौसम वैसे तो गर्मी से राहत दिलाने के लिए आता है, लेकिन कार मालिकों के लिए यह एक बड़ा सिरदर्द भी रहता है. ज्यादा बारिश के कारण कई तरह की परेशानियों का सामना ऑनर्स को करना पड़ता है. खासकर इस सीजन में इलेक्ट्रिक कारों के नुकसान होने की संभावना अधिक हो जाती है. इलेक्ट्रिक गाड़ियों में लगने वाली बैटरी और इलेक्ट्रॉनिक पार्ट्स की संवेदनशीलता को ध्यान में रखते हुए, उनपर एक्स्ट्रा ध्यान देना जरूरी है. अगर आपकी ईवी भी सिरदर्द बनी है, तो ऐसे में हम आपको उन 5 बेस्ट ट्रिक्स के बारे में बताते हैं, जिससे आपकी ईवी बारिश में भी एकदम सुरक्षित रहेगी

पानी से भरी सड़कों पर कम जाएं 

मानसून में बारिश रुक-रुककर होती है, ऐसे में सड़कों पर जगह-जगह पानी जमा हो जाता है. इलेक्ट्रिक गाड़ियों के लिए यह बेहद खतरनाक है. सड़कों पर पानी होने के कारण गाड़ी की बैटरी और इलेक्ट्रॉनिक पार्ट्स को नुकसान हो सकता है. ऐसे में अपनी गाड़ी को लेकर ज्यादा गढ्ढे वाली जगहों पर जाने से बचें. अच्छा होगा कि आप बेहतर रास्तों का चयन करें, जिसमें पानी की अधिक समस्या न हो.  अगर आपकी मजबूरन पानी से भरी से गुजरना भी पड़े, तो कार को ज्यादा स्पीड में न चलाएं. 

समय पर सर्विसिंग का ध्यान रखें 

बारिश का मौसम आने से पहले ध्यान रखें, कि आपकी इलेक्ट्रिक कार की सर्विसिंग एकदम अच्छी तरह हो जाए. इलेक्ट्रिक सिस्टम और इंसुलेशन के बारे में भी मैकेनिक से अच्छे से जांच करवाएं. सर्विस सेंटर में मैकेनिक से पता करें, कि कहीं शॉर्ट सर्किट का खतरा तो नहीं है. कार को सूखा रखने की कोशिश करें. इसके अलावा कार में लगने वाली बैटरी और इलेक्ट्रॉनिक गैजेट्स का एक्स्ट्रा ख्याल रखें. गैरेज में हमेशा कार को अच्छी तरह से कवर करके ही पार्क करें.

कार की बैटरी और चार्जिंग सिस्टम की जांच 

ईवी में लगने वाली बैटरी और चार्जिंग पोर्ट सिस्टम को बरसात के सीजन में नमी से बचाने की बेहद जरूरत होती है. चार्ज करते समय यह अच्छी तरह देख लें, कि चार्जिंग पोर्ट सूखा और ढंका हो. प्रयास करें कि बारिश में इसका कम इस्तेमाल करें. समय-समय पर चार्जिंग पोर्ट और केबल की जांच करें.

वाइपर और लाइट्स फंक्शन की जांच 

बारिश में विजीबिलिटी कम होने के कारण समय में सामने रास्ता अच्छी तरह दिखाई नहीं देता है. ऐसे में लो विजिबिलिटी एरिया में वाइपर और लाइट्स का अच्छी तरह से इस्तेमाल करना जरूरी है. गाड़ी लेकर निकलने से पहले वाइपर ब्लेड की कंडीशन जांच लें. अगर वाइपर का ब्लेड सही नहीं है, तो उसे तुरंत चेंज करें. इसके अलावा गाड़ी के हेडलाइट,  टेल लाइट्स और फॉग लाइट्स को साफ क्लीन रखें और फंक्शनल बनाए रखें.

टायर्स और ब्रेकिंग सिस्टम की जांच 

पानी वाली सड़कों पर टायर्स की पकड़ बेहतर होना जरूरी है. ऐसे में यह चेक करें, कि आपकी कार के टायरों का ट्रेड पैटर्न बेहतर हो और फिसलने से बचाने लायक हो. इसके अलावा कार के ब्रेकिंग सिस्टम की भी मैकेनिक के पास जाकर अच्छे से जांच कराएं, क्योंकि पानी से भरी सड़कों पर ब्रेक की फंक्शनैलिटी प्रभावित हो सकती है.

यह भी पढ़ें: झमाझम बारिश में बीच रास्ते न रुक जाए आपकी कार, मॉनसून से पहले जरूर चेक करें ये चीजें


प्रभात खबर डिजिटल टॉप स्टोरी

लेखक के बारे में

By Shivansh Shekhar

शॉर्ट बायो 

शिवांश शेखर ऑटोमोबाइल और खेल स्पेशलिस्ट हैं. वर्तमान में प्रभात खबर डिजिटल में बतौर कंटेंट राइटर के तौर पर कार्यरत हैं. ऑटो सेक्शन में कार/बाइक लॉन्च, फीचर्स, खासियत, टिप्स, कंपेरिजन और सपेक्स से संबंधित खबरें कवर करते हैं.

विस्तृत बायो 

शिवांश शेखर ऑटोमोबाइल और खेल स्पेशलिस्ट पत्रकार हैं, जो पिछले 3 वर्षों से डिजिटल मीडिया में ऑटो और खेल जगत से जुड़ी खबरों के बारे में लगातार लिखते हैं. वर्तमान में प्रभात खबर डिजिटल में बतौर कंटेंट राइटर के रूप में काम कर रहे हैं. ऑटो सेक्शन में उनकी रूचि कार/बाइक लॉन्च, फीचर्स, स्पेसिफिकेशन, टिप्स, ट्रिक्स और कंपेरिजन से जुड़े विषयों में है. इसके अलावा फ्लेक्स फ्यूल टेक्नोलॉजी और ऑटो इंडस्ट्रीज के बदलते ट्रेंड्स पर लगातार लिखते हैं. 

उनका प्रयास रहता है कि पाठकों को सिर्फ लॉन्च, कीमत और फीचर्स के बारे में ही न बताया जाए, बल्कि यह भी जानकारी दी जाए कि वह तकनीक आम लोगों के लिए कितने काम का है, उसे इस्तेमाल करने का अनुभव कैसा रहेगा और उसे खरीदना सही रहेगा या नहीं.

पढ़ाई  

बिहार राज्य के जहानाबाद जिले में जन्में शिवांश शेखर की शुरुआती शिक्षा (BSEB) से पूरी हुई. इसके बाद उन्होंने साल 2023 में चौधरी चरण सिंह यूनीवर्सिटी, मेरठ (CCSU) के अंतर्गत आने वाली इंसटीच्युट ऑफ मैनेजमेंट स्टडीज, नोएडा (IMS) से जर्नलिज्म एंड मास कम्युनिकेशन में ग्रेजुएशन की डिग्री प्राप्त की. पढ़ाई के दौरान ही शिवांश की रुचि खेल और ऑटो के विषयों पर लिखने में बढ़ने लगी. इसी दौरान उन्होंने खेल और ऑटोमोबाइल से जुड़ी खबरों पर काम करना शुरू किया और आगे चलकर इन्हीं विषयों को अपने काम का हिस्सा बना लिया. 

काम का सफर 

पत्रकारिता का ककहरा सीखने के बाद शिवांश का सफर एपीएन न्यूज से शुरू हुआ था. उन्होंने पत्रकारिता का समूह जागरण न्यू मीडिया में बतौर सब एडिटर खेल और अन्य खबरों की तकनीकी समझ विकसित की. जेएनएम में करीब डेढ़ साल खेल और अन्य विषयों पर काम करने के बाद उन्होंने एसियानेट न्यूज की तरफ रुख अपनाया. वहां, करीब डेढ़ साल तक ऑटोमोबाइल और स्पोर्ट्स सेक्शन में काम किया और फिर प्रभात खबर का रुख किया, जहां ऑटो बीट पर काम कर रहे हैं. ट्रेंड्स को लगातार फॉलो करते हैं.

विजन 

शिवांश का मानना है कि ऑटोमोबाइल से जुड़ी खबरें केवल नई गाड़ियों के बारे में जानकारी नहीं देती, बल्कि लोगों की रोजमर्रा की जिंदगी, खरीदारों के फैसलों और डिजिटल एक्सपिरियंस पर भी असर डालती हैं.

Read More
ePaper

अपने दैनिक समाचार अनुभव को और बेहतरीन बनाएं

सिर्फ ₹399 ₹149

एक साल के लिए

आज ही सब्सक्राइब करें

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >