Steve Jobs के हस्ताक्षर वाला 175 डॉलर का 47 साल पुराना चेक 87 लाख रुपये में बिका, आखिर इसमें ऐसा क्या है खास

Steve Jobs Cheque Auction – आपको यह जानकर हैरानी होगी कि यह चेक मात्र 175 डॉलर (लगभग 14 हजार रुपये) का था. आइए जानते हैं कि इस चेक में ऐसा क्या है, जिसने इसे इतना कीमती और खास बना दिया.

Steve Jobs Cheque Auction News: ऐपल के को-फाउंडर स्टीव जॉब्स का साइन किया गया चेक एक नीलामी में 106,985 डॉलर यानी लगभग 87 लाख 93 हजार रुपये में बिका है. आपको यह जानकर हैरानी होगी कि यह चेक मात्र 175 डॉलर (लगभग 14 हजार रुपये) का था. आइए जानते हैं कि इस चेक में ऐसा क्या है, जिसने इसे इतना कीमती और खास बना दिया.

47 साल पुराना है यह कागज का टुकड़ा

Macrumors की रिपोर्ट के अनुसार, यह चेक 47 साल पुराना है और इसे साल 1976 में ऐपल के को-फाउंडर स्टीव जॉब्स द्वारा भरा गया था. यह चेक क्रैम्प्टन, रेम्के ऐंड मिलर, आईएनसी के लिए भरा गया था. यह एक कंसल्टेंसी फर्म है जो नॉर्थ कैलिफोर्निया में टेक कंपनियों को सर्विसेज ऑफर करती है. आरआर ऑक्शन की ओर से आयोजित नीलामी में स्टीव जॉब्स द्वारा साइन किया गया यह चेक 106,985 डॉलर में बिका. उस समय जो इस चेक पर कीमत लिखी थी वह 175 डॉलर है. इससे यह कहा जा सकता है कि 14 हजार रुपये का यह चेक कई गुना कीमत पर खरीदा गया है.

Also Read: iPhone बनाने वाली Apple का भारत में डंका, ऐपल के लिए क्यों अहम है इंडिया का मार्केट?

इसलिए खास है यह चेक

यह चेक इसलिए भी खास है क्योंकि इसमें ऐपल के पहले ऑफिस का पता 770 Welch Rd., Ste. 154, Palo Alto लिखा हुआ है. यह ऐपल का पहला ऑफिशियल एड्रेस है, जिसका इस्तेमाल यह कंपनी कॉरेसपॉन्डेंस के लिए करती थी. स्टीव जॉब्स ने यह चेक क्रैम्प्टन रेम्के मिलर आईएनसी के लिए साइन किया था. इस चेक की खास बात यह है कि इसी साल 1 अप्रैल 1976 को ऐपल की शुरुआत हुई थी. तब इसका नाम Apple Computer Company था. यह चेक न केवल ऐपल की स्थापना की कहानी बताते हैं, बल्कि स्टीव जॉब्स के ऑटोग्राफ का सही उदाहरण भी है. बता दें कि ऐपल को स्टीव जॉब्स और स्टीव वोज्नियाक ने मिलकर बनाया था.

प्रभात खबर डिजिटल टॉप स्टोरी

लेखक के बारे में

By Rajeev kumar

राजीव, हिंदी डिजिटल मीडिया के अनुभवी पत्रकार हैं और प्रभातखबर डॉट कॉम में कार्यरत हैं. अपने 15 वर्षों से अधिक के पत्रकारीय अनुभव के दौरान उन्होंने टेक्नोलॉजी और ऑटोमोबाइल सेक्टर की हजारों खबरों, एक्सप्लेनर, एनालिसिस और फीचर स्टोरीज पर काम किया है. आसान भाषा, गहरी रिसर्च और यूजर-फर्स्ट अप्रोच उनकी कंटेंट राइटिंग की सबसे बड़ी पहचान है.

राजीव की एक्सपर्टीज स्मार्टफोन, गैजेट्स, एआई, मशीन लर्निंग, इंटरनेट ऑफ थिंग्स (IoT), साइबर सिक्योरिटी, टेलीकॉम, कंज्यूमर इलेक्ट्रॉनिक्स, इलेक्ट्रिक व्हीकल्स, ICE और हाइब्रिड कारों, ऑटोनोमस ड्राइविंग के साथ-साथ डिजिटल ट्रेंड्स जैसे टॉपिक्स में रही है. वे लगातार बदलती टेक और ऑटो इंडस्ट्री पर नजर रखते हैं और रिपोर्ट्स, ऑफिशियल डेटा, कंपनी अपडेट्स और एक्सपर्ट इनसाइट्स के आधार पर सटीक और भरोसेमंद जानकारी यूजर्स तक पहुंचाते हैं.

डिजिटल मीडिया में राजीव की खास पहचान SEO-ऑप्टिमाइज्ड और डेटा-ड्रिवेन कंटेंट के लिए भी रही है. Google Discover और यूजर एंगेजमेंट को ध्यान में रखते हुए वे ऐसे आर्टिकल्स तैयार करते हैं, जो न केवल जानकारी भरे होते हैं, बल्कि यूजर्स की जरूरत और सर्च ट्रेंड्स से भी मेल खाते हैं. टेक और ऑटो सेक्टर पर उनके रिव्यू, एक्सपर्ट इंटरव्यू, कॉम्पैरिजन-बेस्ड आर्टिकल्स और एक्सप्लेनर स्टोरीज को यूजर्स काफी पसंद करते हैं.

राजीव ने अपने पत्रकारिता करियर की शुरुआत वर्ष 2011 में प्रभात खबर दैनिक से की थी. शुरुआती दौर में उन्होंने देश-विदेश, कारोबार, संपादकीय, साहित्य, मनोरंजन, पॉजिटिव जर्नलिज्म और फीचर राइटिंग जैसे अलग-अलग बीट्स पर काम किया. इसके बाद डिजिटल प्लैटफॉर्म पर उन्होंने रिपोर्टिंग, वैल्यू-ऐडेड स्टोरीज और ट्रेंड आधारित कंटेंट के जरिए अपनी अलग पहचान बनाई.

जमशेदपुर में जन्मे राजीव की प्रारंभिक शिक्षा सीबीएसई स्कूल से हुई है. इसके बाद उन्होंने भारतीय विद्या भवन, पुणे से जर्नलिज्म ऐंड मास कम्यूनिकेशन में पोस्ट ग्रैजुएट डिप्लोमा किया. पत्रकारिता के मूल सिद्धांत 5Ws+1H पर उनकी मजबूत पकड़ उन्हें खबरों की गहराई समझने और उनको आसान, स्पष्ट और प्रभावी भाषा में यूजर्स तक पहुंचाने में मदद करती है.

जुड़िए rajeev.kumar@prabhatkhabar.in पर

Read More
ePaper

अपने दैनिक समाचार अनुभव को और बेहतरीन बनाएं

सिर्फ ₹399 ₹149

एक साल के लिए

आज ही सब्सक्राइब करें

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >