टेलिकॉम कंपनियों का श्रद्धालुओं को लुभाने की तैयारी, कुंभ मेले में अपनों से बिछुड़ों को मिलायेगा टैग

दुनिया के सबसे बड़े धार्मिक समागम कुंभ मेले में आने वाले करीब 13 करोड़ लोगों तक अपनी पहुंच बनाने के लिए मोबाइल कंपनियों की दौड़ शुरू हो गयी है. कुंभ के दौरान प्रयागराज आने वाले लोगों के लिए वोडाफोन-आइडिया, भारती एयरटेल और रिलायंस जियो ने खास प्लान और सर्विस शुरू की हैं.... कुंभ में बिछुड़ने […]

By Prabhat Khabar Digital Desk | January 13, 2019 6:46 AM

दुनिया के सबसे बड़े धार्मिक समागम कुंभ मेले में आने वाले करीब 13 करोड़ लोगों तक अपनी पहुंच बनाने के लिए मोबाइल कंपनियों की दौड़ शुरू हो गयी है. कुंभ के दौरान प्रयागराज आने वाले लोगों के लिए वोडाफोन-आइडिया, भारती एयरटेल और रिलायंस जियो ने खास प्लान और सर्विस शुरू की हैं.

कुंभ में बिछुड़ने से बचाने के लिए रेडियो फ्रिक्वेंसी आइडेंटिफिकेशन टैग की व्यवस्था की गयी है. इस टैग के जरिये लोगों का पता लगाने में आसानी होगी. किसी ने यात्रा से जुड़ी त्वरित जानकारियां, इमर्जेंसी हेल्पलाइन और एरिया रूट बताने के लिए ऐप तैयार किये हैं. कुंभ की लाइव स्ट्रीमिंग की भी व्यवस्था की गयी है.

यात्रा से जुड़ी जानकारियां, इमर्जेंसी हेल्पलाइन और एरिया रूट बताने वाला ऐप तैयार

वोडाफोन-आइडिया का टैकिंग टैग

वोडाफोन-आइडिया ने मेले में आने वाले श्रद्धालुओं के लिए रेडियो प्रिक्वेंसी आइडेंटिफिकेशन (आरएफआइडी) की व्यवस्था की है. इससे कुंभ में आने वाले 14 से कम उम्र के बच्चे और वरिष्ठ नागिरक वोडाफोन आरएफआइडी टैग लेकर पहन सकते हैं. इससे उनका लोकेशन ट्रैक हो सकता है.

एयरटेल का स्पेशल कुंभ चैनल

भारती एयरटेल ने श्रद्धालुओं को इवेंट से डिजिटल जोड़ने के लिए एयरटेल टीवी एप पर स्पेशल कुंभ चैनल बनाया है. इसके तहत यूजर्स किसी भी स्थान पर रहकर सभी बड़े विधि-विधानों को देख सकते हैं. इसके अलावा, वर्जुअल रियलिटी के लिए स्पेशल कियॉस्क की भी लगाये गये हैं.

जियो देगा इवेंट की जानकारी

रिलायंस जियो श्रद्धालुओं को मेले से जुड़ी इवेंट की जानकारियां देगा. इसके अलावा, बस और ट्रेनों का स्टेटस, इमरजेंसी हेल्पलाइन और रूट के साथ ही आध्यात्मिक सामग्री उपलब्ध कराने की घोषणा की है. इसके साथ ही फैमिली लोकर्स की भी व्यवस्था है.

किन्नर और जूना अखाड़े के बीच साथ आने पर बनी सहमति

पंचदशनाम जूना अखाड़े में किन्नर अखाड़े का विलय नहीं होगा बल्कि स्वतंत्र अस्तित्व के साथ वह जूना के साथ आयेगा. कई दिनों की बातचीत के बाद कुंभ मेले में किन्नर अखाड़ा और जूना अखाड़ा में साथ आने पर सहमति बन गयी है.

इसके साथ, किन्नर अखाड़ा को अपने नाम के आगे अखाड़े का इस्तेमाल करने की भी अनुमति मिली. किन्नर अखाड़ा जूना के शाही स्नान में शामिल होगा, लेकिन परंपरा के मुताबिक वह त्रिकाल संध्या के साथ अमृत स्नान करेगा. इसी तरह वह पूर्ववत अपनी अलग पेशवाई यानी देवत्व यात्रा भी निकलेगा.