Bihar: बिहार सरकार का बड़ा फैसला, अब ऑनलाइन होगी अनुकंपा के आधार पर नौकरी की प्रक्रिया

Bihar: बिहार सरकार ने सरकारी कर्मचारियों की असामयिक मृत्यु पर उनके परिवार को नौकरी देने की प्रक्रिया अब पूरी तरह ऑनलाइन कर दी है. नया पोर्टल 'अनुकम्पा नियुक्ति और निगरानी प्रणाली' 26 सितंबर से चालू होगा.

Bihar: बिहार सरकार ने सरकारी सेवकों के परिवारों को राहत पहुंचाने की दिशा में एक बड़ा कदम उठाया है. अगर किसी सरकारी सेवक की सेवाकाल के दौरान असामयिक मृत्यु हो जाती है, तो उनके परिवार के लोगों को नौकरी देने की प्रक्रिया अब पूरी तरह ऑनलाइन कर दी गई है. इसके लिए अनुकम्पा नियुक्ति और निगरानी प्रणाली नाम का एक नया पोर्टल (https://anukampaniyukti.bihar.gov.in) विकसित किया गया है. यह पोर्टल शुक्रवार सुबह 10 बजे से शुरू हो जाएगा.

पोर्टल से आवेदन की नई सुविधा

अब मृत सरकारी सेवक के परिजन सीधे इस पोर्टल पर जाकर आवेदन कर सकेंगे. आवेदन की हर प्रक्रिया की निगरानी पोर्टल के माध्यम से होगी. इससे पूरा काम पारदर्शी और समय पर पूरा हो सकेगा. पहले यह आवेदन ऑफलाइन तरीके से होता था, जिसमें देरी और कई तरह की दिक्कतें आती थीं. लेकिन 26 सितंबर के बाद से केवल ऑनलाइन पोर्टल से मिले आवेदनों पर ही विचार किया जाएगा.

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क्या है सरकार का मकसद

सामान्य प्रशासन विभाग के मुताबिक, सरकार का मकसद मृत सरकारी सेवक के परिवार को समय पर सहारा देना है. पहले की प्रक्रिया लंबी और जटिल होती थी, जिससे परिवार को राहत मिलने में काफी देरी हो जाती थी. अब इस नई प्रणाली से न सिर्फ पारदर्शिता बढ़ेगी बल्कि आवेदनों पर काम भी तय समयसीमा के अंदर होगा.

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क्या है अनुकम्पा नियुक्ति?

अनुकम्पा नियुक्ति का मतलब यह है कि अगर किसी सरकारी सेवक की सेवा के दौरान मृत्यु हो जाती है तो उनके परिवार के किसी एक सदस्य को नौकरी दी जाती है. इससे परिवार को आर्थिक संकट से जूझना नहीं पड़ता है.

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Author: Paritosh Shahi

परितोष शाही पिछले 4 वर्षों से डिजिटल मीडिया और पत्रकारिता में सक्रिय हैं. उन्होंने अपने करियर की शुरुआत राजस्थान पत्रिका से की और वर्तमान में प्रभात खबर डिजिटल की बिहार टीम का हिस्सा हैं. राजनीति, सिनेमा और खेल, विशेषकर क्रिकेट में उनकी गहरी रुचि है. जटिल खबरों को सरल भाषा में पाठकों तक पहुंचाना और बदलते न्यूज माहौल में तेजी से काम करना उनकी विशेषता है. परितोष शाही ने पत्रकारिता की पढ़ाई बनारस हिंदू यूनिवर्सिटी (BHU) से की. पढ़ाई के दौरान ही पत्रकारिता की बारीकियों को समझना शुरू कर दिया था. खबरों को देखने, समझने और लोगों तक सही तरीके से पहुंचाने की सोच ने शुरुआत से ही इस क्षेत्र की ओर आकर्षित किया. पत्रकारिता में करियर की पहली बड़ी शुरुआत बिहार विधानसभा चुनाव 2020 के दौरान हुई, जब उन्होंने जन की बात के साथ इंटर्नशिप की. इस दौरान बिहार के 26 जिलों में जाकर सर्वे किया. यह अनुभव काफी खास रहा, क्योंकि यहां जमीनी स्तर पर राजनीति, जनता के मुद्दों और चुनावी माहौल को बहुत करीब से समझा. इसी अनुभव ने राजनीतिक समझ को और मजबूत बनाया. इसके बाद राजस्थान पत्रिका में 3 महीने की इंटर्नशिप की. यहां खबर लिखने की असली दुनिया को करीब से जाना. महज एक महीने के अंदर ही रियल टाइम न्यूज लिखने लगे. इस दौरान सीखा कि तेजी के साथ-साथ खबर की सटीकता कितनी जरूरी होती है. राजस्थान पत्रिका ने उनके अंदर एक मजबूत डिजिटल पत्रकार की नींव रखी. पत्रकारिता के सफर में आगे बढ़ते हुए पटना के जनता जंक्शन न्यूज पोर्टल में वीडियो प्रोड्यूसर के रूप में भी काम किया. यहां कैमरे के सामने बोलना, प्रेजेंटेशन देना और वीडियो कंटेंट की बारीकियां सीखीं. करीब 6 महीने के इस अनुभव ने कैमरा फ्रेंडली बनाया और ऑन-स्क्रीन प्रेजेंस को मजबूत किया. 1 अप्रैल 2023 को राजस्थान पत्रिका को प्रोफेशनल तौर पर ज्वाइन किया. यहां 17 महीने में कई बड़े चुनावी कवरेज में अहम भूमिका निभाई. लोकसभा चुनाव 2024 में नेशनल टीम के साथ जिम्मेदारी संभालने का मौका मिला. इसके अलावा मध्य प्रदेश, राजस्थान और छत्तीसगढ़ विधानसभा चुनाव के दौरान भी स्टेट टीम के साथ मिलकर काम किया. इस दौरान चुनावी रणनीति, राजनीतिक घटनाक्रम और बड़े मुद्दों पर काम करने का व्यापक अनुभव मिला. फिलहाल परितोष शाही प्रभात खबर डिजिटल बिहार टीम के साथ जुड़े हुए हैं. यहां बिहार विधानसभा चुनाव के दौरान कई बड़ी खबरों को रियल टाइम में ब्रेक किया, ग्राउंड से जुड़े मुद्दों पर खबरें लिखीं और वीडियो भी बनाए. बिहार चुनाव के दौरान कई जिलों में गांव- गांव घूम कर लोगों की समस्या को जाना-समझा और उनके मुद्दे को जन प्रतिनिधियों तक पहुंचाया. उनकी कोशिश हमेशा यही रहती है कि पाठकों और दर्शकों तक सबसे पहले, सही और असरदार खबर पहुंचे. पत्रकारिता में लक्ष्य लगातार सीखते रहना, खुद को बेहतर बनाना और भरोसेमंद पत्रकार के रूप में अपनी पहचान मजबूत करना है.

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