भागलपुर. विक्रमशिला सेतु पर एक और तकनीकी समस्या सामने आने के बाद चिंता बढ़ गई है. एनएच विभाग के निर्देश पर मंगलवार देर शाम पुल निर्माण निगम की इंजीनियरों की टीम ने सेतु के एक्सपेंशन ज्वाइंट की जांच की. जांच में पाया गया कि पोल नंबर 121 और 122 के बीच एक्सपेंशन ज्वाइंट में सामान्य 40 एमएम के बजाय करीब 90 एमएम का गैप हो गया है. जांच रिपोर्ट एनएच विंग के चीफ इंजीनियर संजय भारती को भेज दी गई है. हालांकि देर रात तक पुल पर वाहनों का परिचालन जारी रहा.
40 एमएम की जगह 90 एमएम गैप ने बढ़ाई चिंता
पुल निर्माण निगम के इंजीनियरों के अनुसार एक्सपेंशन ज्वाइंट में सामान्य स्थिति में करीब 40 एमएम का गैप होना चाहिए. लेकिन हालिया जांच में यह गैप बढ़कर 90 एमएम पाया गया. तकनीकी विशेषज्ञ इसे सामान्य स्थिति नहीं मान रहे हैं और इसे पुल की संरचना के लिए चिंताजनक संकेत बता रहे हैं.
तीन मई की घटना से जुड़ रहा नया मामला
इंजीनियरों का कहना है कि तीन मई को पोल नंबर 133 के पास स्लैब गिरने से पहले भी इसी तरह एक्सपेंशन ज्वाइंट में असामान्य गैपिंग देखी गई थी. यही वजह है कि मौजूदा स्थिति को लेकर तकनीकी टीम विशेष सतर्कता बरत रही है. कई विशेषज्ञों का मानना है कि सुरक्षा के दृष्टिकोण से सेतु पर वाहनों का परिचालन अस्थायी रूप से रोकना बेहतर विकल्प हो सकता है.
मुख्यालय के निर्देश का इंतजार
चीफ इंजीनियर संजय भारती ने बताया कि गैपिंग वाले हिस्से की जांच का निर्देश दिया गया था और प्रारंभिक तस्वीरों में स्थिति असहज दिखाई दे रही है. उन्होंने कहा कि रिपोर्ट मिलने के बाद आगे का निर्णय लिया जाएगा. दूसरी ओर सदर एसडीओ विकास कुमार ने कहा कि जांच एक नियमित प्रक्रिया के तहत भी हो सकती है और फिलहाल पुल पर यातायात सामान्य रूप से जारी है.
ट्रैफिक व्यवस्था में बदलाव से मिली राहत
इधर ट्रैफिक पुलिस द्वारा लागू नई व्यवस्था का असर भी दिखने लगा है. मंगलवार को पुल पर जाम की स्थिति नहीं बनी. ट्रैफिक डीएसपी संजय कुमार ने बताया कि सुबह 5 बजे से रात 9 बजे तक चार पहिया मालवाहक वाहनों के परिचालन पर रोक लगाई गई है. इससे पुल पर दबाव कम हुआ और यात्री वाहनों का आवागमन सुचारु बना रहा.
अतिरिक्त दंडाधिकारियों की तैनाती, पैदल भी पार कर रहे लोग
सोमवार को भीषण जाम के बाद मंगलवार को पुल पर दो शिफ्ट में चार अतिरिक्त दंडाधिकारियों की तैनाती की गई. वहीं टोटो चालकों और सुरक्षाकर्मियों के बीच कुछ स्थानों पर नोकझोंक की स्थिति भी बनी. दूसरी ओर कुछ यात्रियों को वाहन नहीं मिलने के कारण पैदल ही पुल पार करना पड़ा.
अब अगले फैसले पर टिकी हैं नजरें
विक्रमशिला सेतु पूर्वी बिहार और कोसी-सीमांचल क्षेत्र के लाखों लोगों की जीवनरेखा माना जाता है. ऐसे में एक्सपेंशन ज्वाइंट में बढ़ते गैप की खबर ने लोगों की चिंता बढ़ा दी है. अब सभी की नजर पटना मुख्यालय से आने वाले निर्देश और संभावित निर्णय पर टिकी हुई है.
