न्यूयॉर्क मेयर चुनाव जीतकर ममदानी ने जवाहरलाल नेहरू को किया याद, जानें क्या और क्यों कहा? ट्रंप को भी ललकारा

Zohran Mamdani quotes Jawaharlal Nehru: जोहरान ममदानी को न्यूयॉर्क मेयर के चुनाव में 50.4 प्रतिशत वोट मिले. उन्होंने अपने डेमोक्रेटिक प्रतिद्वंद्वी एंड्रयू कुओमो और रिपब्लिकन उम्मीदवार कर्टिस सिल्वा को हराते हुए यह जीत हासिल की. इस शानदार जीत के बाद उन्होंने अपने विजयी भाषण में भारत के प्रथम प्रधानमंत्री जवाहर लाल नेहरू के भाषण को कोट किया.

Zohran Mamdani quotes Jawaharlal Nehru: भारतीय मूल के जोहरान ममदानी ने न्यूयॉर्क सिटी के मेयर चुनाव में जीत हासिल करते हुए इतिहास रच दिया है. वह न केवल न्यूयॉर्क के सबसे कम उम्र के मेयर बने हैं, बल्कि शहर के पहले मुस्लिम और दक्षिण एशियाई प्रवासी मूल के मेयर भी हैं. न्यूज एजेंसियों के आंकड़ों के अनुसार, ममदानी को 50.4 प्रतिशत वोट मिले. उन्होंने अपने डेमोक्रेटिक प्रतिद्वंद्वी एंड्रयू कुओमो और रिपब्लिकन उम्मीदवार कर्टिस सिल्वा को हराते हुए यह जीत हासिल की. इस शानदार जीत के बाद उन्होंने अपने विजयी भाषण में भारत के प्रथम प्रधानमंत्री जवाहर लाल नेहरू के 14 अगस्त 1947 की मिडनाइट, यानी भारत के स्वतंत्रता दिवस की रात पर दिए गए भाषण को उद्धृत किया.  

बुधवार को न्यूयॉर्क सिटी चुनावों में अपनी ऐतिहासिक जीत के बाद जोहरान ममदानी ने अपने समर्थकों को संबोधित किया. इस दौरान ममदानी ने नेहरू प्रसिद्ध भाषण ‘Tryst with Destiny’ (नियति से साक्षात्कार) के 1947 में दिए गए उस भाषण का हवाला दिया, जब भारत ने 200 साल से अधिक की ब्रिटिश हुकूमत से आजादी हासिल की थी. ममदानी ने कहा, “एक ऐसा क्षण आता है, जो इतिहास में बहुत कम बार आता है, जब हम पुराने से नए की ओर कदम बढ़ाते हैं, जब एक युग समाप्त होता है, और जब एक राष्ट्र की आत्मा, जो लंबे समय से दबाई गई थी, अपनी अभिव्यक्ति पाती है.” उन्होंने आगे कहा, “आज रात न्यूयॉर्क ने भी पुराने से नए की ओर वह कदम बढ़ा दिया है. यह परिवर्तन का जनादेश है. भविष्य अब हमारे हाथों में है; हमने एक राजनीतिक वंश को गिरा दिया है.”

नेहरू ने अपने भाषण में क्या कहा था?

जवाहरलाल नेहरू का यह ऐतिहासिक भाषण 14 अगस्त 1947 की मध्यरात्रि को दिया गया था, जब भारत एक स्वतंत्र राष्ट्र बनने की तैयारी कर रहा था. यह भाषण भारत की औपनिवेशिक गुलामी से मुक्ति और स्वतंत्रता की दिशा में उसके प्रवेश का प्रतीक था. नेहरू ने उस वक्त कहा था, “कई वर्ष पहले हमने नियति के साथ एक वादा किया था. अब वह समय आ गया है जब हम उस वादे को निभाएं पूरी तरह से नहीं, परंतु बहुत हद तक. जब घड़ी की सुई आधी रात का संकेत देगी और जब दुनिया सो रही होगी, भारत जीवन और स्वतंत्रता के लिए जाग उठेगा. एक ऐसा क्षण आता है, जो इतिहास में बहुत कम बार आता है, जब हम पुराने से नए की ओर कदम बढ़ाते हैं, जब एक युग समाप्त होता है, और जब एक राष्ट्र की आत्मा, जो लंबे समय से दबाई गई थी, अपनी अभिव्यक्ति पाती है.”

जोहरान ममदानी ने ट्रंप को भी दिया जवाब

ममदानी की जीत के साथ न सिर्फ न्यूयॉर्क सिटी, बल्कि पूरे अमेरिका में राजनीति और विचारधारा के एक नए दौर की शुरुआत हो गई है. अब “पूंजीवाद के गढ़” कहे जाने वाले इस शहर की कमान एक डेमोक्रेटिक सोशलिस्ट के हाथों में है. न्यूयॉर्क सिटी के नए चुने गए मेयर जोहरान ममदानी ने अपनी ऐतिहासिक जीत के बाद जनता को संबोधित करते हुए कहा, “हम तुम्हारे लिए लड़ेंगे, क्योंकि हम ही तुम्हारे हैं. आज हमने एक स्पष्ट आवाज में बोला है कि उम्मीद जिंदा है.” उन्होंने आगे कहा, “मैं हर सुबह एक ही उद्देश्य के साथ उठूंगा कि  इस शहर को कल से बेहतर बनाना.”

ट्रंप को दिया करारा जवाब

अपने विजयी भाषण के दौरान ममदानी ने अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को भी सीधी चुनौती दी. उन्होंने व्यंग्यात्मक लहजे में कहा, “ट्रंप के लिए मेरे पास सिर्फ चार शब्द हैं- वॉल्यूम बढ़ा लीजिए (Turn the volume up).” इसके बाद ममदानी ने आगे कहा, “तो सुन लीजिए राष्ट्रपति ट्रंप अगर आपको हममें से किसी तक पहुंचना है, तो पहले आपको हम सबके बीच से होकर गुजरना होगा.”

कौन हैं जोहरान ममदानी?

ममदानी युगांडा में भारतीय मूल के परिवार में जन्मे हैं. वे प्रसिद्ध फिल्मकार मीरा नायर और प्रतिष्ठित शिक्षाविद् मह्मूद ममदानी के बेटे हैं. उनका बचपन युगांडा, दक्षिण अफ्रीका और न्यूयॉर्क सिटी में बीता. वे सात साल की उम्र में अपने परिवार के साथ न्यूयॉर्क सिटी आ गए थे. उन्होंने बैंक स्ट्रीट स्कूल फॉर चिल्ड्रन और ब्रॉन्क्स हाई स्कूल ऑफ साइंस में पढ़ाई की. इसके बाद 2014 में उन्होंने बोउडोइन कॉलेज (Bowdoin College) से अफ्रीकाना स्टडीज (Africana Studies) में स्नातक की डिग्री हासिल की. यहीं पर उन्होंने स्टूडेंट्स फॉर जस्टिस इन पैलेस्टाइन नामक संगठन की एक यूनिवर्सिटी शाखा की सह-स्थापना भी की थी.

ममदानी ने 2018 में अमेरिकी नागरिकता प्राप्त की और अब 2025 में वे इस शहर के सबसे युवा और पहले मुस्लिम मेयर बन गए हैं, जो इस बदलाव का प्रतीक बन गया है कि अमेरिका में प्रवासी मूल के लोग भी अब सत्ता के केंद्र तक पहुंच रहे हैं. उन्होंने पूर्व गवर्नर एंड्रयू कुओमो और रिपब्लिकन उम्मीदवार कर्टिस सिल्वा को हराकर यह जीत हासिल की. NYC मेयर चुनाव में ममदानी को 9,48,202 वोट (50.6%) मिले, जब तक कुल 83% वोटों की गिनती पूरी हो चुकी थी.

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उत्तर प्रदेश के भदोही जिले के रहने वाले अनन्त ने इलाहाबाद विश्वविद्यालय से मास कम्युनिकेशन में पोस्ट ग्रेजुएशन की पढ़ाई पूरी की है. उन्होंने 2024 में अपने पत्रकारिता करियर की शुरुआत प्रभात खबर में खेल पत्रकार के रूप में की थी, जहां उन्होंने करीब एक वर्ष तक क्रिकेट और अन्य खेलों से जुड़ी खबरों को कवर किया. बाद में अपनी रुचि और विशेषज्ञता के चलते उन्होंने अंतरराष्ट्रीय डेस्क का रुख किया और आज वैश्विक राजनीति व भू-राजनीति के प्रमुख विषयों पर लेखन कर रहे हैं.

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