World Tribal Day : ‘बाबी’ की हर बात मानते हैं लोग, खास है इस जनजाति की बातें

World Tribal Day : इथियोपिया, पूर्वी अफ्रीका का एक भूमि से घिरा देश है, जिसके दक्षिण में केन्या, पूर्व में सोमालिया और पश्चिम-दक्षिण में सूडान है. यहां की आरी और बेंच जनजाति अपनी खास सांस्कृतिक परंपराओं और अनोखी जीवनशैली के लिए जानी जाती है, जो इसे बेहद खास बनाती है.

World Tribal Day : पूर्वी अफ्रीका में स्थित इथियोपिया को “मानव जाति की जन्मभूमि” कहा जाता है. यह देश अनुभवों और सांस्कृतिक परंपराओं का अनमोल खजाना है. दुनिया के सबसे पुराने देशों में शामिल इथियोपिया में इंसानी गतिविधियां लाखों साल पहले से चली आ रही हैं. यहां की जनजातियां सदियों से इस देश का हिस्सा रही हैं और कठिन वातावरण में जीने के लिए इन्होंने कई अनोखे तरीके अपनाए हैं. ओमो वैली (Omo Valley) नामक क्षेत्र में आज भी इन जनजातियों की परंपराएं और संस्कृति जीवित हैं. इस घाटी की रंग-बिरंगी पृष्ठभूमि, अनूठी जनजातीय रस्में और सुंदर कलाएं इसे बेहद खास बनाती हैं. यहां की जनजातियों की जीवनशैली, पारंपरिक रीति-रिवाज और कला-कौशल न केवल इथियोपिया की सांस्कृतिक पहचान हैं, बल्कि यह दुनिया भर के लोगों को अपनी ओर आकर्षित करती हैं.

आरी जनजाति के हर हिस्से का नेतृत्व करता है एक ‘बाबी’

आरी जनजाति (Ari Tribe) इथियोपिया की ओमो वैली के पास जिंका (Jinka) शहर के पास रहने वाली एक बड़ी जनजाति है. ये लोग खेती-किसानी और अपनी रंग-बिरंगी सांस्कृतिक परंपराओं के लिए मशहूर हैं. आरी जनजाति की आबादी लगभग 1,20,000 है, जो ओमो वैली की सभी जनजातियों में सबसे ज्यादा है. इसलिए इनका इलाका भी सबसे बड़ा है. इनकी भाषा को ओमोटिक भाषा कहा जाता है, जिसमें 9 अलग-अलग बोलियां हैं. इसी तरह, आरी जनजाति भी 9 हिस्सों में बंटी हुई है. हर हिस्से का नेतृत्व एक ‘बाबी’ करता है, जो एक आध्यात्मिक (spiritual) नेता होता है. उसकी मदद के लिए एक ‘गोडमी’ नाम का सहायक होता है. आरी लोगों के जीवन में धर्म और पूजा-पाठ का बड़ा महत्व है. ये लोग कई धार्मिक रीतियां और रस्में निभाते हैं. मजेदार बात ये है कि आरी पुरुष खास मौके पर रंग-बिरंगे मोतियों से सजे सुंदर टोपी पहनते हैं. इनकी आम गतिविधियों में मक्का और ज्वार जैसी फसलें उगाना शामिल है. इनका पारंपरिक पहनावा भी बहुत खास होता है, जिसमें मोतियों की कलाकारी और सुंदर डिजाइन देखने को मिलती हैं.

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बेंच जनजाति के बारे में भी जानें

बेंच जनजाति (जिसे ‘गिमीरा’ भी कहा जाता है) इथियोपिया के दक्षिण-पश्चिमी हिस्से में रहती है. ये लोग अपनी खेती के लिए बहुत मशहूर हैं.ये खास तौर पर मक्का, ज्वार और टेफ (एक खास तरह का अनाज) की खेती करते हैं. इनकी हथकरघा और मिट्टी के बर्तन भी बहुत सुंदर होते हैं, जो इनके खेती से जुड़े जीवन से प्रेरित होते हैं. ये चीजें इनकी संस्कृति और परंपरा का अहम हिस्सा हैं. बेंच समुदाय की आबादी लगभग 5,47,000 है, और ये जनजाति सिर्फ इथियोपिया में पाई जाती है. ये लोग ‘ओमोटिक भाषा’ की एक बोली बोलते हैं, जिसे ‘बेंच’ कहा जाता है. धर्म की बात करें तो इनमें ज्यादातर लोग ईसाई धर्म को मानते हैं, खासकर ईस्टर्न ऑर्थोडॉक्स (Eastern Orthodox) परंपरा को. इस तरह बेंच जनजाति खेती, कला और अपनी परंपराओं से जुड़ी एक शांतिप्रिय और सांस्कृतिक रूप से समृद्ध जनजाति है.

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Published by: Amitabh kumar

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