Sheikh Hasina: शेख हसीना जाएंगी जेल..? दर्ज हुआ हत्या का मामला

Sheikh Hasina: बांग्लादेश की पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना पर हत्या का मुकदमा दर्ज हुआ है. शेख हसीना और 6 अन्य लोगों को आरोपी बनाया गया है. शेख हसीना के भारत भागकर आने के बाद यह उनपर पहला मामला दर्ज हुआ है.

Sheikh Hasina: बांग्लादेश की अपदस्थ प्रधानमंत्री शेख हसीना की मुश्किलें और बढ़ गई हैं. पहले ही प्रधानमंत्री पद से उनका तख्ता पलट कर कर दिया गया, जिसके बाद उन्हें भागकर भारत में शरण लेनी पड़ी है. अब उनपर बांग्लादेश में हत्या का मामला दर्ज किया गया है. शेख हसीना के अलावा अन्य छह लोगों को भी आरोपी बनाया गया है. बता दें, पिछले महीने बांग्लादेश में हुईं हिंसक झड़पों (Bangladesh Violence) के दौरान किराने की एक दुकान के मालिक की मौत को लेकर हत्या का मामला दर्ज किया गया है. शेख हसीना के भारत भागकर आने के बाद यह उनपर पहला मामला दर्ज हुआ है.

शेख हसीना पर क्यों दर्ज किया गया केस?

बांग्लादेश की एक अखबार ट्रिब्यून की रिपोर्ट के मुताबिक यह मामला एक किराने की दुकान के मालिक अबू सईद के शुभचिंतक ने दर्ज कराया है. अबू सईद की मोहम्मदपुर में आरक्षण आंदोलन (Bangladesh Violence) के समर्थन में 19 जुलाई को निकाले गए जुलूस के दौरान पुलिस की गोलीबारी में मौत हो गई थी. जिसके बाद उनके परिजनों और शुभचिंतकों ने पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना समेत कई अन्य लोगों पर हत्या का मामला दर्ज कराया है. अन्य आरोपियों में अवामी लीग के महासचिव ओबैदुल कादर, पूर्व गृह मंत्री असदुज्जमां खान कमाल और पूर्व पुलिस महानिरीक्षक चौधरी अब्दुल्ला अल मामून समेत कई और उच्च पदस्थ पुलिस अधिकारियों और सरकारी अधिकारियों को आरोपी बनाया गया है.

बांग्लादेश में अबतक कितने लोगों की हुई मौत?

बांग्लादेश में पांच अगस्त को शेख हसीना (Sheikh Hasina) सरकार के गिरने के बाद देशभर में भड़की भयंकर हिंसा में 230 से अधिक लोग मारे गए. जुलाई के मध्य में पहली बार कोटा विरोधी प्रदर्शन शुरू होने के बाद से इस हिंसा में मरने वालों की कुल संख्या 560 हो गई है. हसीना के नेतृत्व वाली सरकार के पतन के बाद बांग्लादेश में एक अंतरिम सरकार का गठन किया गया है. इस सरकार में नोबेल पुरस्कार विजेता मोहम्मद यूनुस को मुख्य सलाहकार बनाया गया है. यूनुस ने पिछले सप्ताह अपने 16-सदस्यीय सलाहकार परिषद के विभागों की घोषणा की.

समाचार पत्र डेली स्टार की एक रिपोर्ट के मुताबिक सोमवार को अवामी लीग की चिर प्रतिद्वंद्वी बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी सहित सात राजनीतिक दलों ने यूनुस से अलग-अलग मुलाकात की और कहा कि अंतरिम सरकार स्वतंत्र एवं निष्पक्ष चुनाव कराने के लिए अनुकूल माहौल बनाने के लिए आवश्यक समय ले सकती है. वहीं सूत्रों के हवाले से रिपोर्ट में कहा गया है कि यूनुस से आग्रह किया कि खालिदा जिया और कार्यवाहक अध्यक्ष तारिक रहमान सहित पार्टी नेताओं के खिलाफ सभी मामले वापस ले लिए जाएं. बता दें, तख्तापलट के बाद पूर्व प्रधानमंत्री खालिदा जिया को जेल से रिहा कर दिया गया था. भ्रष्टाचार के लिए 17 साल जेल की सजा सुनाई गई थी. भाषा इनपुट के साथ

Also Read: Kolkata Doctor Murder Case : हाईकोर्ट ने दिया बड़ा आदेश, कोलकाता डाॅक्टर हत्याकांड मामले की जांच करेगी सीबीआई

Kolkata Doctor Case: जूनियर डॉक्टर मामले में मुख्य सचिव और DGP को नोटिस, देखें वीडियो

प्रभात खबर डिजिटल प्रीमियम स्टोरी

लेखक के बारे में

Author: Pritish Sahay

प्रीतीश सहाय, इन्हें इलेक्ट्रॉनिक और डिजिटल मीडिया इंडस्ट्री में 12 वर्षों से अधिक का अनुभव है. ये वर्तमान में प्रभात खबर डॉट कॉम के साथ डिजिटल कंटेंट प्रोड्यूसर के रूप में कार्यरत हैं. मीडिया जगत में अपने अनुभव के दौरान उन्होंने कई महत्वपूर्ण विषयों पर काम किया है और डिजिटल पत्रकारिता की बदलती दुनिया के साथ खुद को लगातार अपडेट रखा है. इनकी शिक्षा-दीक्षा झारखंड की राजधानी रांची में हुई है. संत जेवियर कॉलेज से ग्रेजुएट होने के बाद रांची यूनिवर्सिटी से पत्रकारिता की डिग्री हासिल की. इसके बाद लगातार मीडिया संस्थान से जुड़े रहे हैं. उन्होंने अपने करियर की शुरुआत जी न्यूज से की थी. इसके बाद आजाद न्यूज, ईटीवी बिहार-झारखंड और न्यूज 11 में काम किया. साल 2018 से प्रभात खबर के साथ जुड़कर काम कर रहे हैं. प्रीतीश सहाय की रुचि मुख्य रूप से राजनीतिक खबरों, नेशनल और इंटरनेशनल इश्यू, स्पेस, साइंस और मौसम जैसे विषयों में रही है. समसामयिक घटनाओं को समझकर उसे सरल भाषा में पाठकों तक पहुंचाने की इनकी हमेशा कोशिश रहती है. वे राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय राजनीति से जुड़े मुद्दों पर लगातार लेखन करते रहे हैं. इसके साथ ही विज्ञान और अंतरिक्ष से जुड़े विषयों पर भी लिखते हैं. डिजिटल मीडिया के क्षेत्र में काम करते हुए उन्होंने कंटेंट प्लानिंग, न्यूज प्रोडक्शन, ट्रेंडिंग टॉपिक्स जैसे कई क्षेत्रों में काम किया है. तेजी से बदलते डिजिटल दौर में खबरों को सटीक, विश्वसनीय और आकर्षक तरीके से प्रस्तुत करना पत्रकारों के लिए चुनौती भी है और पेशा भी, इनकी कोशिश इन दोनों में तालमेल बनाते हुए बेहतर और सही आलेख प्रस्तुत करना है. वे सोशल मीडिया और ऑनलाइन प्लेटफॉर्म की जरूरतों को समझते हुए कंटेंट तैयार करते हैं, जिससे पाठकों तक खबरें प्रभावी ढंग से पहुंच सकें. इंटरनेशनल विषयों में रुचि होने कारण देशों के आपसी संबंध, वार अफेयर जैसे मुद्दों पर लिखना पसंद है. इनकी लेखन शैली तथ्यों पर आधारित होने के साथ-साथ पाठकों को विषय की गहराई तक ले जाने का प्रयास करती है. वे हमेशा ऐसी खबरों और विषयों को प्राथमिकता देते हैं जो राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय लिहाज से महत्वपूर्ण हों. रूस यूक्रेन युद्ध, मिडिल ईस्ट संकट जैसे विषयों से लेकर देश की राजनीतिक हालात और चुनाव के दौरान अलग-अलग तरह से खबरों को पेश करते आए हैं.

Read More

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >