अमेरिकी कांग्रेस पर किसका होगा कंट्रोल? मध्यावधि चुनाव में रिपब्लिकन और डेमोक्रेट के बीच कांटे की टक्कर

डेमोक्रेटिक पार्टी को न्यू हैम्पशायर में सीनेट की महत्वपूर्ण सीट पर जीत मिली है. यहां से सीनेटर मैगी हसन ने डोनाल्ड ट्रंप के समर्थक सेना के पूर्व जनरल रिपब्लिकन डॉन बोल्डक को हराया है. रिपब्लिकन के हिस्से में ओहायो और नॉर्थ कैरोलाइना की सीनेट की सीटें आई हैं.

वाशिंगटन : अमेरिकी कांग्रेस यानी अमेरिका की संसद पर किसका नियंत्रण होगा? मध्यावधि चुनाव में रिपब्लिकन पार्टी बाजी मारेगी या डेमोक्रेटिक पार्टी को जीत मिलेगी? मध्यावधि चुनाव के नतीजों का सभी को इंतजार है. मंगलवार को हुए मध्यावधि चुनाव में डेमोक्रेटिक और रिपब्लिकन के बीच जारी कांटे की टक्कर में दोनों पार्टियों को कुछ-कुछ सीटों पर जीत मिली है. सबसे बड़ी बात यह है कि मंगलवार को हुए मध्यावधि चुनाव के नतीजों पर अमेरिकी कांग्रेस में राष्ट्रपति जो बाइडन की मजबूती तय करेगा. इस मध्यावधि चुनाव में देश में बढ़ती महंगाई और सुप्रीम कोर्ट द्वारा अचानक गर्भपात का अधिकार समाप्त किया जाना बड़ा मुद्दा है.

ट्रंप समर्थक डॉन बोल्डक हारे

मीडिया की रिपोर्ट्स के अनुसार, डेमोक्रेटिक पार्टी को न्यू हैम्पशायर में सीनेट की महत्वपूर्ण सीट पर जीत मिली है. यहां से सीनेटर मैगी हसन ने डोनाल्ड ट्रंप के समर्थक सेना के पूर्व जनरल रिपब्लिकन डॉन बोल्डक को हराया है. रिपब्लिकन के हिस्से में ओहायो और नॉर्थ कैरोलाइना की सीनेट की सीटें आई हैं. वहीं, छह जनवरी को वाशिंगटन डीसी में हुई हिंसा की जांच करने वाली सदन की समिति में रह चुकीं पूर्व नौसैनिक इलैने लुरिया डेमोक्रेटिक पार्टी की पहली ऐसी निवर्तमान प्रतिनिधि हैं जिन्होंने कांटे की टक्कर में चुनाव गंवा दिया है.

सदन पर नियंत्रण के लिए जोर-आजमाइश जारी

सदन पर नियंत्रण के लिए दोनों राजनीतिक दलों के बीच जिला-दर-जिला कांटे की टक्कर हो रही है. वर्जीनिया से कन्सास और रोड आईलैंड्स तक के उदारवादी उपनगरीय जिलों की सीटें डेमोक्रेट्स के हिस्से में आई हैं. न्यूयॉर्क और कैलीफोर्निया जैसे राज्यों में कई ऐसे जिले जिनके चुनाव परिणाम सदन पर नियंत्रण को तय कर सकते हैं. हालांकि, उनके परिणाम अभी तक नहीं आए हैं. हाउस और सीनेट के इन चुनावों का अंतिम परिणाम तय करेगा कि भविष्य में राष्ट्रपति जो बाइडन का एजेंडा और रणनीति क्या होगी. साथ ही ये चुनाव देश में रिकॉर्ड महंगाई और देश की दिशा पर उनके प्रशासन के लिए जनमतसंग्रह भी हैं.

बाइडन की बढ़ सकती हैं मुश्किलें

अब अगर, हाउस पर रिपब्लिकन का नियंत्रण हो जाता है, तो वे बाइडन और उनके परिवार के खिलाफ कई जांच शुरू कर सकते हैं. वहीं, सीनेट पर विरोधी दल का नियंत्रण होने की स्थिति में बाइडन के लिए न्यायपालिका में नियुक्तियां करने में दिक्कत आएगी. डेमोक्रेटिक पार्टी के लिए इतिहास फिर खुद को दोहरा रहा है, क्योंकि यह लगभग परंपरा सी है कि डेमोक्रेटिक पार्टी के राष्ट्रपति के पहले कार्यकाल में होने वाले मध्यावधि चुनाव में पार्टी को मुश्किलों का सामना करना पड़ता है.

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गर्भपात के अधिकार मामले में डेमोक्रेटिक पार्टी से नाराज है जनता

हालांकि, इस बार डेमोक्रेटिक पार्टी आशा कर रही है कि गर्भपात के अधिकार को समाप्त करने वाले सुप्रीम कोर्ट के फैसले पर जनता की नाराजगी के बाद मतदाता शायद उसका साथ देंगे. वहीं, रिपब्लिक पार्टी की ओर से अगले राष्ट्रपति चुनाव के लिए संभावित उम्मीदवारों फ्लोरिडा के गवर्नर रॉन डिसैंटिज और टेक्सास के गवर्नर ग्रेग एबट ने अपने डेमोक्रेटिक प्रतिद्वंद्वियों को हरा दिया है और फिर से चुने गए हैं. जॉर्जिया में डेमोक्रेटिक सीनेटर राफेल वारनॉक और रिपब्लिकन प्रतिद्वंद्वी हर्शेल वाकर की नजरें उस सीट पर गड़ी हुई हैं, जो उनकी पार्टियों को सीनेट पर नियंत्रण दिलाने में मददगार साबित होगी.

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By KumarVishwat Sen

कुमार विश्वत सेन प्रभात खबर डिजिटल में डेप्यूटी चीफ कंटेंट राइटर हैं. इनके पास हिंदी पत्रकारिता का 25 साल से अधिक का अनुभव है. इन्होंने 21वीं सदी की शुरुआत से ही हिंदी पत्रकारिता में कदम रखा. दिल्ली विश्वविद्यालय से हिंदी पत्रकारिता का कोर्स करने के बाद दिल्ली के दैनिक हिंदुस्तान से रिपोर्टिंग की शुरुआत की. इसके बाद वे दिल्ली में लगातार 12 सालों तक रिपोर्टिंग की. इस दौरान उन्होंने दिल्ली से प्रकाशित दैनिक हिंदुस्तान दैनिक जागरण, देशबंधु जैसे प्रतिष्ठित अखबारों के साथ कई साप्ताहिक अखबारों के लिए भी रिपोर्टिंग की. 2013 में वे प्रभात खबर आए. तब से वे प्रिंट मीडिया के साथ फिलहाल पिछले 10 सालों से प्रभात खबर डिजिटल में अपनी सेवाएं दे रहे हैं. इन्होंने अपने करियर के शुरुआती दिनों में ही राजस्थान में होने वाली हिंदी पत्रकारिता के 300 साल के इतिहास पर एक पुस्तक 'नित नए आयाम की खोज: राजस्थानी पत्रकारिता' की रचना की. इनकी कई कहानियां देश के विभिन्न पत्र-पत्रिकाओं में प्रकाशित हुई हैं.

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