Bashar Al Assad: कहां गया बशर अल-असद का विमान! रडार में नहीं आ रहा लोकेशन, क्या हो गया क्रैश?

Bashar Al Assad: सीरिया के राष्ट्रपति बशर अल असद जिस विमान में बैठे थे दावा किया जा रहा है उस विमान को टारगेट किया गया है. बताया जा रहा है कि तख्तापलट के बाद वो रूस जा रहे थे. इसी दौरान उनके विमान का सिग्नल बंद हो गया.

Bashar Al Assad: सीरिया में रविवार को विद्रोहियों ने तख्तापलट कर दिया. इस तख्तापलट के साथ ही सीरिया के असद परिवार के 50 साल के शासन तंत्र का अंत हो गया है. रविवार को विद्रोही राजधानी दमिश्क में घुस गये थे, जिसके बाद राष्ट्रपति असद के देश छोड़कर भागने की खबर आयी. इस बीच मीडिया रिपोर्ट में खबर आ रही है जिस विमान से असद ने दमिश्क से उड़ान भरी है वो क्रैश हो गया है. हालांकि यह अफवाह है या उसे गिराया गया है इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं हो पाई है.

क्या रूस जा रहा था विमान!

मीडिया रिपोर्ट में दावा किया जा रहा है कि बशर अल-असद का विमान रूस जाने के लिए उड़ान भरा था, लेकिन विमान रूस पहुंच नहीं पाया. सोशल मीडिया में जो वायरल हो रहा है उसके मुताबिक विमान को टारगेट किया गया है. विमान का लोकेशन रडार में नहीं आ रहा है. होम्स शहर के ऊपर से उड़ान भरने के दौरान विमान का सिग्नल गायब हो गया. बता दें, होम्स पर विद्रोहियों ने पहले की कब्जा कर लिया था.

सीरिया में भयंकर गोलीबारी के बाद तख्तापलट

रविवार को सीरिया की राजधानी दमिश्क में विद्रोही गुट ने जमकर गोलीबारी की. इसके बाद दमिश्क में विद्रोहियों के प्रवेश और कब्जे से संबंधित कई सूचनाएं सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल होने लगी. अब वहां क्या स्थिति है इसको लेकर कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हो पाई है.

2011 से गृहयुद्ध की आग में जल रहा है सीरिया

सीरिया में काफी समय से गृह युद्ध छिड़ा हुआ था. साल 2011 से ही सीरिया गृह युद्ध की आग में झुलसने लगा था. 2011 में लोकतंत्र की मांग सीरिया में पहली बार उठी. आम लोग सड़को पर उतर गये, जोरदार प्रदर्शन शुरू हुआ. हालांकि वहीं के शासक और राष्ट्रपति बशर अल-असद ने बेरहमी से आंदोलन को दबाने की कोशिश की, लेकिन तमाम कोशिशें नाकाम रह गई. हर दिन के साथ आंदोलन और उग्र होता गया.

रूस की ओर से आया यह बयान

इधर, सीरिया में जारी संघर्ष को लेकर रूसी विदेश मंत्रालय ने कहा है कि हम अत्यधिक चिंता के साथ सीरिया में नाटकीय घटनाओं पर नजर रख रहे हैं. बशर असद ने राष्ट्रपति पद छोड़ने का फैसला किया और छोड़ दिया. देश, शांतिपूर्वक सत्ता हस्तांतरण का निर्देश देते हुए, रूस ने इन वार्ताओं में हिस्सा नहीं लिया. साथ ही, हम इसमें शामिल सभी पक्षों से हिंसा का उपयोग छोड़ने और इस संबंध में सभी शासन मुद्दों को हल करने की जोरदार अपील करते हैं. रूस ने कहा कि हम सीरियाई समाज की सभी जातीय ताकतों की राय का सम्मान करने का आह्वान करते हैं, और सर्वसम्मति से अपनाए गए संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद संकल्प 2254 के आधार पर एक समावेशी राजनीतिक प्रक्रिया स्थापित करने के प्रयासों का समर्थन करते हैं.

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Author: Pritish Sahay

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