Weather Bomb: ऑस्ट्रेलिया में ईस्ट कोस्ट लो सक्रिय, तटीय इलाकों में सतर्क रहने की सलाह

Weather Bomb: न्यू साउथ वेल्स के तट के पास एक भीषण तूफान विकसित हो रहा है, जो तीन वर्षों में पूर्वी तट पर आने वाला पहला बड़ा तूफान ‘‘ईस्ट कोस्ट लो’’ हो सकता है. मौसम विभाग के अनुसार तट के करीब पहुंचने से पहले आज और तेज हो सकती है जिससे भारी बारिश, तेज हवाएं और ऊंची लहरें उठने की संभावना है.

Weather Bomb: मौसम विभाग के अनुसार तूफान इस समय कॉफ्स हार्बर के दक्षिण में समुद्र में सक्रिय है. यह वही इलाका है जहां पिछले महीने भयावह बाढ़ आई थी. तूफान के मद्देनजर निचले इलाकों और तटीय क्षेत्रों के निवासियों को सतर्क रहने और तैयारी करने की सलाह दी गई है.

क्या होता है ईस्ट कोस्ट लो?

ईस्ट कोस्ट लो आमतौर पर सर्दियों में आने वाली तीव्र तूफानी प्रणालियां होती हैं, जो दक्षिणी क्वींसलैंड से तस्मानिया तक किसी भी तटवर्ती क्षेत्र को प्रभावित कर सकती हैं. हालांकि, इस बार स्थिति इसलिए भी चिंताजनक है क्योंकि समुद्र का तापमान अधिक है. जैसे उष्णकटिबंधीय चक्रवात समुद्र की गर्मी से ताकत हासिल करते हैं, वैसे ही ‘ईस्ट कोस्ट लो’ भी गर्म पानी के कारण तेती से शक्तिशाली बन सकते हैं. यह तूफान इतनी तेजी से तीव्र हुआ है कि विशेषज्ञ इसे ‘वेदर बम’ कह रहे हैं. अगर यह प्रणाली अनुमान के अनुसार विकसित होती है, तो इससे घरों, पेड़ों और समुद्र तटों को नुकसान पहुंच सकता है, खासकर उन इलाकों में जो तूफान के दक्षिणी हिस्से की चपेट में होंगे.

तूफान कितना भयावह होगा?

तूफान कितना भयंकर होगा, यह कहना जल्दबाजी होगा. इसका प्रभाव इस बात पर निर्भर करेगा कि यह कितना तीव्र होता है. पूर्ववर्ती ‘ईस्ट कोस्ट लो’ तूफानों से व्यापारिक प्रतिष्ठानों में जलभराव, यातायात और विद्युत आपूर्ति में व्यवधान जैसे गंभीर प्रभाव देखे गए हैं.

मौसम विभाग ने जारी किया अलर्ट

मौसम विभाग ने मंगलवार से तेज हवाओं और मध्यम से भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है. सप्ताह भर खतरनाक समुद्री परिस्थितियों की चेतावनी दी गई है. न्यू साउथ वेल्स के तट पर समुद्री सतह का तापमान सामान्य से 1 से 2.5 डिग्री सेल्सियस अधिक है, जो इस तूफान के लिए ईंधन का काम करेगा. यानी यह तूफान को और अधिक प्रचंड बनाएगा.

एक और प्रतिकूल मौसम की चेतावनी

पिछले छह महीने ऑस्ट्रेलिया में प्रतिकूल मौसम से भरे रहे हैं. फरवरी में उत्तर क्वींसलैंड में बाढ़, उसके बाद साइक्लोन अल्फ्रेड, और फिर पश्चिमी क्वींसलैंड में भारी वर्षा और मवेशियों का नुकसान- इन सबके बीच दक्षिणी क्षेत्रों के किसान सूखे से जूझ रहे हैं.

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लेखक के बारे में

अरबिंद कुमार मिश्रा वर्तमान में प्रभात खबर डिजिटल में एक अनुभवी पत्रकार के रूप में कार्यरत हैं. अप्रैल 2011 से संस्थान का हिस्सा रहे अरबिंद के पास पत्रकारिता के क्षेत्र में बतौर रिपोर्टर और डेस्क एडिटर 15 वर्षों से अधिक का अनुभव है. वर्तमान में वह नेशनल और इंटरनेशनल डेस्क की जिम्मेदारी संभालने के साथ-साथ एक पूरी शिफ्ट का नेतृत्व (Shift Lead) भी कर रहे हैं. विशेषज्ञता और अनुभव अरबिंद की लेखनी में खबरों की गहराई और स्पष्टता है. उनकी मुख्य विशेषज्ञता इन क्षेत्रों में है. राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय मामले: वैश्विक राजनीति और देश की बड़ी घटनाओं पर पैनी नजर. खेल पत्रकारिता: झारखंड में आयोजित 34वें नेशनल गेम्स से लेकर JSCA स्टेडियम में हुए कई अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट मैचों की ग्राउंड रिपोर्टिंग का अनुभव. झारखंड की संस्कृति: राज्य की कला, संस्कृति और जनजातीय समुदायों की समस्याओं और उनकी जीवनशैली पर विशेष स्टोरीज. पंचायतनामा: ग्रामीण विकास और जमीनी मुद्दों पर 'पंचायतनामा' के लिए विशेष ग्राउंड रिपोर्टिंग. करियर का सफर प्रभात खबर डिजिटल से अपने करियर की शुरुआत करने वाले अरबिंद ने पत्रकारिता के हर आयाम को बखूबी जिया है. डिजिटल मीडिया की बारीकियों को समझने से पहले उन्होंने आकाशवाणी (All India Radio) और दूरदर्शन जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों में एंकरिंग के जरिए अपनी आवाज और व्यक्तित्व की छाप छोड़ी है. शिक्षा और योग्यता UGC NET: अरबिंद मिश्रा ने यूजीसी नेट (UGC NET) उत्तीर्ण की है. मास्टर्स (MA): रांची यूनिवर्सिटी के जनजातीय एवं क्षेत्रीय भाषा विभाग से एमए की डिग्री. ग्रेजुएशन: रांची यूनिवर्सिटी से ही मास कम्युनिकेशन एंड जर्नलिज्म में स्नातक.

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