आधी रात ट्रंप के दामाद और दोस्त से क्यों मिले व्लादिमीर पुतिन? ‘मॉस्को बैठक’ पर जेलेंस्की ने भी दिया रिएक्शन

रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने गुरुवार रात डोनाल्ड ट्रंप के दामाद जैरेड कुश्नर और उनके विशेष दूत स्टीव विटकाफ से मॉस्को में मुलाकात की. इस दौरान दोनों पक्षों ने यूक्रेन में शांति समझौते को लेकर बातचीत आगे बढ़ाने का फैसला किया. इस सिलसिले में आगे की बैठक अबूधाबी में 23 जनवरी को होगी.

Putin Meets Donald Trump’s Son in Law: रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने डोनाल्ड ट्रम्प के दामाद जैरेड कुश्नर और ट्रम्प के करीबी माने जाने वाले स्टीव विटकाफ और अमेरिकी सलाहकारों के साथ आधी रात बातचीत की. 22 जनवरी को क्रेमलिन की ओर से जारी वीडियो में पुतिन को कुश्नर और अमेरिकी टीम के साथ हँसते हुए हाथ मिलाते देखा गया. यह यूक्रेन युद्ध को खत्म करने की कोशिशों का नया प्रयास है. अमेरिका की तरफ से एक वरिष्ठ बातचीत टीम मॉस्को पहुंची थी, जहां उसने रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन से लंबी बैठक की. यह बातचीत कई घंटों तक चली. क्रेमलिन ने इसे ‘हर तरह से फायदेमंद’ बताया.

यूक्रेन, अमेरिका और रूस के अधिकारी शुक्रवार, 23 जनवरी 2026 को संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) में सुरक्षा से जुड़े मुद्दों पर बातचीत करने जा रहे हैं. यह जानकारी रूस की सरकार यानी क्रेमलिन ने दी है. बताया गया है कि यह बैठक उस अमेरिकी ड्राफ्ट पर आधारित है, जिसे यूक्रेन युद्ध को खत्म करने के मकसद से तैयार किया गया है. अमेरिकी वार्ता दल को विशेष दूत स्टीव विटकॉफ लीड कर रहे हैं. वह अब अपनी टीम के साथ अबू धाबी पहुंच रहे हैं, जहां आगे की बातचीत होगी. रूस की ओर से भी एक प्रतिनिधिमंडल यूएई जाएगा, जिसका नेतृत्व जनरल इगोर कॉस्त्यूकोव करेंगे, जो रूस की सैन्य खुफिया एजेंसी GRU के प्रमुख हैं.

किन बातों पर होगी चर्चा; खुलासा नहीं

क्रेमलिन के सलाहकार यूरी उशाकोव ने कहा कि अब सुरक्षा से जुड़े मुद्दों पर तीन देशों का संयुक्त कार्य समूह बनाया गया है और उसकी पहली बैठक अबू धाबी में होगी. उन्होंने साफ कहा कि रूस बातचीत से समाधान चाहता है, लेकिन जब तक कोई समझौता नहीं होता, तब तक वह युद्ध के मैदान में अपने लक्ष्य हासिल करता रहेगा. अमेरिकी दूत विटकॉफ ने पहले कहा था कि उन्हें लगता है कि अब दोनों पक्ष “एक ही बात पर सोच रहे हैं”, लेकिन उन्होंने ज्यादा जानकारी नहीं दी.

जेलेंस्की भी बातचीत को तैयार

इधर, यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमिर जेलेंस्की ने कहा है कि शांति समझौते का मसौदा लगभग तैयार है. उन्होंने यह भी बताया कि युद्ध खत्म होने के बाद यूक्रेन की सुरक्षा को लेकर उनकी ट्रम्प से सहमति बन चुकी है. जेलेंस्की के मुताबिक, ब्रिटेन और फ्रांस जरूरत पड़ने पर अपनी सेना भेजने को भी तैयार हैं. यूएई में होने वाली बातचीत को लेकर अभी ज्यादा जानकारी सामने नहीं आई है. यह भी साफ नहीं है कि यूक्रेन और रूस के अधिकारी आमने-सामने बैठेंगे या नहीं. हालांकि, जेलेंस्की ने कहा है कि ये बातचीत दो दिन तक चलेगी.

ट्रंप बोले दोनों समझौता नहीं करते, तो मूर्ख

रूस इस समय यूक्रेन के करीब 20 फीसदी इलाके पर कब्जा किए हुए है और वह डोनबास क्षेत्र पर पूरा नियंत्रण चाहता है. लेकिन यूक्रेन का मानना है कि जमीन छोड़ना खतरनाक होगा, क्योंकि इससे रूस को आगे और हमले करने का हौसला मिलेगा. कीव साफ कह चुका है कि वह ऐसा कोई समझौता नहीं करेगा जो भविष्य में नए युद्ध की वजह बने. इस बीच, डोनाल्ड ट्रम्प ने बुधवार को कहा है कि उन्हें लगता है कि पुतिन और जेलेंस्की समझौते के काफी करीब हैं. उन्होंने दावोस में भाषण देने के बाद कहा, ‘मुझे लगता है कि वे अब उस स्थिति में हैं जहां वे समझौता कर सकते हैं. अगर नहीं करते, तो वे मूर्ख हैं. यह दोनों पर लागू होता है.’

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उत्तर प्रदेश के भदोही जिले के रहने वाले अनन्त ने इलाहाबाद विश्वविद्यालय से मास कम्युनिकेशन में पोस्ट ग्रेजुएशन की पढ़ाई पूरी की है. उन्होंने 2024 में अपने पत्रकारिता करियर की शुरुआत प्रभात खबर में खेल पत्रकार के रूप में की थी, जहां उन्होंने करीब एक वर्ष तक क्रिकेट और अन्य खेलों से जुड़ी खबरों को कवर किया. बाद में अपनी रुचि और विशेषज्ञता के चलते उन्होंने अंतरराष्ट्रीय डेस्क का रुख किया और आज वैश्विक राजनीति व भू-राजनीति के प्रमुख विषयों पर लेखन कर रहे हैं.

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