नेपाल में 26 अगस्त को आई भीषण बाढ़ और मडस्लाइड ने बड़े पैमाने पर तबाही मचाई है. जिसके कई वीडियो और तस्वीर वायरल हो रहा है. अब इस आपदा से जुड़ा एक ऐसा वीडियो सामने आया है, जिसमें यह साफ-साफ दिखाई दे रहा है कि घटना कैसे हुआ. वीडियो में पहाड़ पर ग्लेशियर का एक हिस्सा टूटता हुआ दिखाई दे रहा है. खास बात यह है कि इसे रिकॉर्ड करने वाला पर्यटक उस वक्त बिल्कुल अनजान था कि उसके कैमरे में क्या कैद हो रहा है.
पर्यटक के कैमरे में कैद हुआ ग्लेशियर टूटने का पल
- चीन की सरकारी समाचार एजेंसी सिन्हुआ के मुताबिक, चीन के शिजांग इलाके में मौजूद एक पर्यटक ने पहाड़ों का दृश्य रिकॉर्ड करते समय अनजाने में ग्लेशियर के टूटने का वीडियो बना लिया.
- चीनी विज्ञान अकादमी के तहत आने वाले इंस्टीट्यूट ऑफ माउंटेन हैजार्ड्स एंड एनवायरनमेंट के निदेशक कांग शिचांग ने वीडियो में दिखाई दे रही जगह की पुष्टि की है.
- उनके मुताबिक, वीडियो में नजर आ रहा ग्लेशियर रिमोट सेंसिंग से मिली तस्वीरों में दिखने वाली जगह से मेल खाता है.
- यानी यह सिर्फ सोशल मीडिया पर सामने आया कोई सामान्य वीडियो नहीं है.
इससे पहले न्यूयॉर्क टाइम्स ने भी ग्लेशियर के टूटने का वीडियो जारी किया था. जिसमें देखा जा सकता है कि ग्लेशियर कैसा टूटा.
ग्लेशियर टूटने से शुरू हुई तबाही
- विशेषज्ञों के मुताबिक नेपाल में ग्लेशियर के टूटने के बाद भारी मात्रा में बर्फ, चट्टान और मलबा नीचे की ओर तेजी से आये, जो देखते ही देखते यह एक बेहद खतरनाक मडस्लाइड में बदल गया.
- चीन के विशेषज्ञों के मुताबिक यह मलबा करीब 50 मीटर प्रति सेकंड की रफ्तार से नीचे आया था. इसके बाद यह मलबा चीन के शिजांग क्षेत्र में स्थित ग्यिरोंग पोर्ट तक पहुंचा और वहां भारी तबाही मची.
- शिन्हुआ की रिपोर्ट के अनुसार ग्लेशियर के टूटने से शुरू हुई यह घटना आगे चलकर पानी, बर्फ, पत्थर और कीचड़ के बेहद तेज बहाव में बदल गई. ग्यिरोंग पोर्ट के इलाके में कई जगह मलबे की परत डेढ़ मीटर से ज्यादा गहरी बताई गई है.
नेपाल में 669 मौतें, 2,362 लोग अब भी लापता
- इस आपदा का सबसे भयावह असर नेपाल में देखने को मिला है.
- नेपाल पुलिस के मुताबिक शनिवार शाम तक बाढ़ और उससे जुड़ी घटनाओं में 669 शव बरामद किए जा चुके थे, जबकि 2,362 लोग अब भी लापता हैं.
- सरकार के मुताबिक इनमें नेपाली नागरिकों के साथ बड़ी संख्या में विदेशी नागरिक शामिल हैं.
अभी खत्म नहीं हुआ खतरा
- बचाव अभियान के बीच एक और चिंता बनी हुई है कि ग्लेशियर के टूटने के बाद ऊपरी इलाकों में कुछ जगह पानी और मलबे से झील जैसी संरचनाएं बन गई हैं.
- विशेषज्ञों को आशंका है कि अगर इनमें जमा पानी अचानक बाहर निकला तो एक और फ्लैश फ्लड या मडस्लाइड का खतरा पैदा हो सकता है.
