Video : भारत को डराने के लिए नाच-गाना कर रही है पाकिस्तान की सेना

Video : आईएसपीआर के बयान के अनुसार, पाकिस्तानी सेना के द्वारा जारी गाना देश की संप्रभुता की रक्षा के लिए पाकिस्तान के सशस्त्र बलों की अटूट प्रतिबद्धता को दर्शाता है.

Video : पाकिस्तानी सेना के ऑपरेशन स्विफ्ट रिटॉर्ट के छह साल पूरे हुए. इस अवसर पर उसने एक गाना रिलीज किया. ऐसा करके वह भारत को गीदड़भभकी देने की कोशिश करता नजर आया. हालांकि, पाकिस्तानी सेना की इस हरकत से उसके ही देश के लोग प्रभावित होते नजर नहीं आए. उन्होंने कहा कि सेना को ऐसे मैसेज जारी करने से पहले सोचना चाहिए था. सोशल मीडिया पर भी पाकिस्तानी सेना के इस गाने का मजाक उड़ाया जा रहा है.

पाकिस्तानी सेना के गाने में क्या है ?

पाकिस्तानी सेना की ओर से मंगलवार को गाना जारी किया गया. इसके बोल हैं– ‘दुश्मना सुन’. गाना युवाओं की फौज में शामिल होने के आह्वान पर आधारित है. इस गाने में ऑपरेशन स्विफ्ट रिटॉर्ट को देश के इतिहास में एक महत्वपूर्ण क्षण के रूप में प्रस्तुत करने की कोशिश की गई.

साल 2019 के ऑपरेशन स्विफ्ट रिटॉर्ट में, पाकिस्तानी वायु सेना ने दो भारतीय लड़ाकू विमानों पर हमला करने का दावा किया था. इस दौरान मिग-21 उड़ा रहे भारतीय वायु सेना के विंग कमांडर अभिनंदन वर्धमान को पाकिस्तानी सेना ने पकड़ लिया था. हालांकि, बाद में अंतरराष्ट्रीय दबाव पड़ा. इसके बाद अभिनंदन को रिहा करना पड़ा था.

किस तरह के फुटेज का किया गया इस्तेमाल?

पाकिस्तान के आईएसपीआर ने गाने को जारी किया. गाने में वास्तविक फुटेज का यूज किया गया है. इसमें न्यूज चैनलों, वायु सेना और मुस्कुराते हुए अभिनंदन वर्धमान की तस्वीरें हैं.

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Author: Amitabh Kumar

अमिताभ कुमार झारखंड की राजधानी रांची के रहने वाले हैं और पिछले कई वर्षों से पत्रकारिता की दुनिया में सक्रिय हैं. डिजिटल न्यूज में अच्छी पकड़ है और तेजी के साथ सटीक व भरोसेमंद खबरें लिखने के लिए जाने जाते हैं. वर्तमान में अमिताभ प्रभात खबर डिजिटल में नेशनल और वर्ल्ड न्यूज पर फोकस करते हैं और तथ्यों पर आधारित खबरों को प्राथमिकता देते हैं. हरे-भरे झारखंड की मिट्टी से जुड़े अमिताभ ने अपनी शुरुआती पढ़ाई जिला स्कूल रांची से पूरी की और फिर Ranchi University से ग्रेजुएशन के साथ पत्रकारिता की पढ़ाई की. पढ़ाई के दौरान ही साल 2011 में रांची में आयोजित नेशनल गेम को कवर करने का मौका मिला, जिसने पत्रकारिता के प्रति जुनून को और मजबूत किया.1 अप्रैल 2011 से प्रभात खबर से जुड़े और शुरुआत से ही डिजिटल पत्रकारिता में सक्रिय रहे. खबरों को आसान, रोचक और आम लोगों की भाषा में पेश करना इनकी खासियत है. डिजिटल के साथ-साथ प्रिंट के लिए भी कई अहम रिपोर्ट कीं. खासकर ‘पंचायतनामा’ के लिए गांवों में जाकर की गई ग्रामीण रिपोर्टिंग करियर का यादगार अनुभव है. प्रभात खबर से जुड़ने के बाद कई बड़े चुनाव कवर करने का अनुभव मिला. 2014, 2019 और 2024 के लोकसभा चुनाव के साथ-साथ झारखंड विधानसभा चुनावों (2014, 2019 और 2024) की भी ग्राउंड रिपोर्टिंग की है. चुनावी माहौल, जनता के मुद्दे और राजनीतिक हलचल को करीब से समझना रिपोर्टिंग की खास पहचान रही है.

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