मादुरो को पकड़ने के लिए US ने कौन सा हथियार चलाया था? ट्रंप ने बताया नाम, फिर कहा- ज्यादा बताने की इजाजत नहीं

US Weapon Venezuela Raid Capture Nicolas Maduro: अमेरिका ने वेनेजुएला में सीधी सैन्य कार्रवाई करते हुए तत्कालीन राष्ट्रपति निकोलस मादुरो को गिरफ्तार कर लिया. इस दौरान अमेरिकी सैनिकों ने जिस हथियार का इस्तेमाल किया था, उसके बारे में तरह-तरह की बातें की गई. अब डोनाल्ड ट्रंप ने इस हथियार के बारे में थोड़ा खुलासा किया है. उन्होंने बस इसका नाम बताया, इसके बाद कहा कि इससे ज्यादा नहीं बता सकता.

US Weapon Venezuela Raid Capture Nicolas Maduro: अमेरिका ने 3 जनवरी को वेनेजुएला में तख्तापलट कर दिया. यह कोई लुका-छिपी वाला खेल नहीं था. अमेरिकी सैनिकों ने बोलिवेरियन रिपब्लिक ऑफ वेनेजुएला के राष्ट्रपति निकोलस मादुरो और उनकी पत्नी सिलिया फ्लोरेस को उनके घर से (बिस्तर से: टू बी प्रिसाइज) गिरफ्तार कर लिया. किसी देश के राष्ट्रपति के साथ ऐसा करना कोई मामूली बात नहीं. जाहिर है इसमें सैन्य नुकसान भी हुआ, सैनिक मारे गए; जिनकी संख्या लगभग 79 तक बताई गई. लेकिन अमेरिकी सैनिकों ने ऐसा कैसे किया? इस बारे में सैनिकों ने अलग-अलग बातें कीं. अब अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने एक बार फिर ऐसे गुप्त हथियार का जिक्र किया है, जिसके बारे में उन्होंने कहा कि वे खुलकर बात नहीं कर सकते. ट्रंप के मुताबिक, इसी रहस्यमयी तकनीक का इस्तेमाल निकोलस मादुरो की गिरफ्तारी के दौरान वेनेजुएला के सैन्य उपकरणों को बेअसर करने में किया गया.

न्यूयॉर्क टाइम्स को दिए एक इंटरव्यू में ट्रंप ने मजाकिया अंदाज में इस हथियार को “द डिसकॉम्बोबुलेटर” कहा. उन्होंने अपनी बात में आगे जोड़ा कि उन्हें इसके बारे में ज्यादा बताने की इजाजत नहीं है. इससे पहले भी वे यह कह चुके हैं कि मादुरो के खिलाफ कार्रवाई के दौरान कराकास शहर की लगभग सारी लाइटें बंद कर दी गई थीं, लेकिन कैसे किया गया, यह उन्होंने नहीं बताया.

उन्होंने कहा था कि इस हथियार की वजह से वेनेजुएला की सैन्य मशीनें ठीक से काम नहीं कर पाईं. ट्रंप का दावा है कि वहां मौजूद रॉकेट सिस्टम चालू ही नहीं हो सके. ट्रंप ने कहा, “वे अपने रॉकेट दाग ही नहीं पाए. उनके पास रूसी और चीनी रॉकेट थे, लेकिन एक भी लॉन्च नहीं कर सके. हम पहुंचे, उन्होंने बटन दबाए लेकिन कुछ भी काम नहीं किया. वे हमारे लिए पूरी तरह तैयार थे.” उनके मुताबिक, इसी कारण अमेरिकी बल बिना किसी जवाबी हमले का सामना किए अंदर घुसने में कामयाब रहे.

रहस्यमयी तकनीक की चर्चा

ट्रंप की इन बातों से हाल की कुछ खबरें और पुष्ट हो रही हैं. इन खबरों में कहा गया था कि बाइडन प्रशासन ने पहले एक खास तरह का पल्स्ड एनर्जी उपकरण खरीदा था. कुछ जानकारों का मानना है कि ऐसी तकनीक का रिश्ता उस रहस्यमयी बीमारी से हो सकता है, जिसे “हवाना सिंड्रोम” कहा जाता है.

कार्रवाई के बाद कुछ ऐसी खबरें सामने आईं जिनमें दावा किया गया कि मादुरो की सुरक्षा में लगे रडार और दूसरे इलेक्ट्रॉनिक सिस्टम अचानक काम करना बंद कर गए थे. कुछ लोगों ने कहा कि रडार ‘बिना किसी वजह”’ बंद हो गए और उसके तुरंत बाद आसमान में ड्रोन और हेलिकॉप्टर दिखाई देने लगे. 

हालांकि इन दावों की अभी तक किसी स्वतंत्र एजेंसी ने पुष्टि नहीं की है. कुछ गवाहों ने यह भी कहा कि ऑपरेशन के दौरान तेज आवाज जैसी तरंगें महसूस हुईं, जिससे कुछ लोगों को सिरदर्द, उल्टी और बेचैनी जैसी दिक्कतें हुईं. लेकिन इन बातों की भी आधिकारिक तौर पर पुष्टि नहीं हुई है.

मादुरो पर अमेरिकी कार्रवाई और उसके बाद के हालात

अमेरिका ने 3 जनवरी 2026 को वेनेजुएला की राजधानी काराकास के सैन्य अभियान को ‘ऑपरेशन ऐब्सोल्यूट रिजॉल्व’ नाम दिया था. इस कार्रवाई के बाद मादुरो और उनकी पत्नी को हिरासत में लेकर अमेरिका ले जाया गया. न्यूयॉर्क में उनके खिलाफ ड्रग्स और हथियारों से जुड़े गंभीर मामलों में मुकदमा चलाया जाएगा. अमेरिका ने इस मिशन को पूरी तरह सफल बताया है. अधिकारियों का कहना है कि ऑपरेशन के दौरान किसी भी अमेरिकी सैनिक को चोट नहीं लगी.

फिलहाल मादुरो को न्यूयॉर्क के ब्रुकलिन स्थित एक फेडरल जेल में रखा गया है. उन पर नशे के कारोबार और दूसरे गंभीर आरोपों में सुनवाई होनी है. उनकी जगह उपराष्ट्रपति डेलसी रोड्रिगेज को वेनेजुएला का राष्ट्रपति बनाया गया है. 

ड्रग कार्टेल्स के खिलाफ कार्रवाई की दी चेतावनी

वहीं ट्रंप ने न्यूयॉर्क टाइम्स से हुई बातचीत में ड्रग कार्टेल्स के खिलाफ सख्त रुख भी दोहराया. उन्होंने इशारा किया कि अमेरिका जरूरत पड़ने पर जमीन पर सैन्य कार्रवाई कर सकता है. उन्होंने कहा कि यह दायरा दक्षिण अमेरिका से आगे बढ़कर उत्तरी अमेरिका तक भी आ सकता है, जिसमें मेक्सिको जैसे इलाके शामिल हो सकते हैं. 

ट्रंप ने कहा कि अमेरिकी एजेंसियों को कार्टेल्स के ठिकानों, रास्तों और नेटवर्क के बारे में काफी जानकारी है और उनके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी. उन्होंने कहा, “हमें उनके रास्ते पता हैं. हमें उनके बारे में सब कुछ पता है. हमें उनके घरों तक की जानकारी है. हम कार्टेल्स पर वार करने वाले हैं.” इस बीच, हाल ही में अमेरिका ने पूर्वी प्रशांत महासागर में एक संदिग्ध ड्रग तस्करी वाली नाव पर हमला भी किया. मादुरो की गिरफ्तारी के बाद इस तरह की यह पहली बड़ी कार्रवाई बताई जा रही है.

ये भी पढ़ें:- ट्रंप के दो चहेते- रोक रहे यूएस-इंडिया ट्रेड डील, अमेरिकी सांसद का ऑडियो लीक; ट्रंप के बारे में भी किया खुलासा

ये भी पढ़ें:- बर्फीले तूफान के बीच अमेरिका में बड़ा हादसा, टेकऑफ के दौरान निजी विमान क्रैश, आठ लोग थे सवार

प्रभात खबर डिजिटल टॉप स्टोरी

लेखक के बारे में

By Anant narayan shukla

अनन्त नारायण शुक्ल प्रभात खबर डिजिटल में कंटेंट क्रिएटर के रूप में कार्यरत हैं. उन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में करीब दो वर्षों का अनुभव है. अनन्त राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय मामलों, वैश्विक भू-राजनीति (ग्लोबल जियोपॉलिटिक्स), रक्षा नीति, कूटनीति और विश्व राजनीति से जुड़े विषयों पर खबरें करते हैं. वे दुनिया भर में घट रही महत्वपूर्ण घटनाओं को गहरी रिसर्च और तथ्यमात्मक विश्लेषण के साथ पाठकों तक पहुंचाने का काम करते हैं.

अनन्त मुख्य रूप से अंतरराष्ट्रीय संघर्ष, वैश्विक सुरक्षा, रक्षा रणनीतियों, विदेश नीति, भारत के पड़ोसी देशों से जुड़े घटनाक्रम और विश्व स्तर पर भारत की भूमिका जैसे विषयों को कवर करते हैं. इजरायल-ईरान संघर्ष, अमेरिका की विदेश नीति, परमाणु सुरक्षा, पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर (PoK) के हालात, नेपाल-चीन सीमा से जुड़े मुद्दे और वैश्विक कूटनीतिक घटनाक्रम पर उनकी विशेष पकड़ है. इसके अलावा वे अंतरराष्ट्रीय आपदाओं, विदेशों में बसे भारतीयों और वैश्विक स्तर पर भारत के बढ़ते प्रभाव से जुड़ी खबरों पर भी नियमित रूप से लिखते हैं.

इतिहास, राजनीति और विज्ञान में उनकी गहरी रुचि रही है, जिसने उन्हें वैश्विक मामलों और अंतरराष्ट्रीय पत्रकारिता की ओर प्रेरित किया. यही वजह है कि उनके लेखों में विषय की गहराई, एक्सपर्ट्स की राय के साथ उनके कमेंट्स, तथ्यों की सटीकता और व्यापक संदर्भ देखने को मिलता है. बदलते वैश्विक परिदृश्य पर उनकी पैनी नजर रहती है, जिससे वे पाठकों तक समय पर विश्वसनीय और विश्लेषणात्मक जानकारी पहुंचाते हैं.

अनन्त को राष्ट्रीय राजनीति की भी समझ है. उन्होंने झारखंड विधान सभा 2024, दिल्ली विधान सभा चुनाव 2025 चुनाव और देश के अन्य चुनावों को कवर किया है. चुनाव के काउंटिंग डे को कवर करने का भी उनके पास काफी अनुभव है.

अनन्त कभी-कभी नेशनल डेस्क भी संभालते हैं, जिसमें देश भर में जनता से जुड़े जरूरी सामाजिक मुद्दे, न्यायिक खबरों और अपराध की खबरों को भी कवर करते हैं. इसके अलावा उन्हें रोचक जानकारियों को क्यूरेट करने का भी शौक है. इसमें लाइफस्टाइल, ऐतिहासिक और पुरातात्विक जानकारी के साथ ही दुनिया भर के साम्राज्यों के बारे में खबरें करते हैं.

उत्तर प्रदेश के भदोही जिले के रहने वाले अनन्त ने इलाहाबाद विश्वविद्यालय से मास कम्युनिकेशन में पोस्ट ग्रेजुएशन की पढ़ाई पूरी की है. उन्होंने 2024 में अपने पत्रकारिता करियर की शुरुआत प्रभात खबर में खेल पत्रकार के रूप में की थी, जहां उन्होंने करीब एक वर्ष तक क्रिकेट और अन्य खेलों से जुड़ी खबरों को कवर किया. बाद में अपनी रुचि और विशेषज्ञता के चलते उन्होंने अंतरराष्ट्रीय डेस्क का रुख किया और आज वैश्विक राजनीति व भू-राजनीति के प्रमुख विषयों पर लेखन कर रहे हैं.

तथ्यों की पुष्टि और सटीक जानकारी को वे अपनी पत्रकारिता का सबसे महत्वपूर्ण हिस्सा मानते हैं. उनका प्रयास रहता है कि पाठकों को विश्व घटनाक्रम की भरोसेमंद, संतुलित और गहन जानकारी सरल भाषा में उपलब्ध हो, ताकि वे वैश्विक मुद्दों को बेहतर ढंग से समझ सकें.

Read More
ePaper

अपने दैनिक समाचार अनुभव को और बेहतरीन बनाएं

सिर्फ ₹399 ₹149

एक साल के लिए

आज ही सब्सक्राइब करें

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >