ईरान की घेराबंदी कर रहे अमेरिकी सैनिकों को नहीं मिल रहा भरपेट खाना; वायरल तस्वीरों ने बढ़ाई चिंता

US Troops Hungry: अमेरिकी नौसेना के जहाज जो मिडिल ईस्ट में ईरान की घेराबंदी कर रहे हैं, वहां तैनात सैनिकों के परिवारों ने गंभीर आरोप लगाए हैं. 'यूएसए टुडे' की रिपोर्ट के मुताबिक, सैनिकों को खराब क्वालिटी का खाना दिया जा रहा है और उनकी रसद (सप्लाई) खत्म हो रही है, जिससे वे भूखे रहने को मजबूर हैं.

US Troops Hungry: सोशल मीडिया पर वायरल तस्वीरों में एक थाली में केवल थोड़ा सा कटा हुआ मांस और एक सूखा हुआ टॉर्टिला दिख रहा है, जबकि दूसरी फोटो में उबली हुई कुछ गाजर और प्रोसेस किया हुआ स्लेटी रंग का मांस का टुकड़ा नजर आ रहा है.

जहाजों पर राशन की कमी, सैनिकों ने शुरू की कटौती

‘यूएसएस त्रिपोली’ पर तैनात एक महिला सैनिक के पिता डैन एफ ने ‘यूएसए टुडे’ को बताया कि जहाज पर ताजा सब्जियां और फल पूरी तरह खत्म हो चुके हैं. हालात इतने खराब हैं कि सैनिकों ने अपने खाने में कटौती (रैशनिंग) शुरू कर दी है.

डैन ने बताया कि जहाज पर लगी कॉफी मशीन भी खराब हो गई है और उन्होंने अपनी बेटी के साथ एकजुटता दिखाने के लिए खुद भी कॉफी पीना छोड़ दिया है. वेस्ट वर्जीनिया की पादरी करेन एर्सकाइन-वैलेंटाइन ने कहा कि ‘यूएसएस अब्राहम लिंकन’ पर तैनात एक सैनिक के परिवार ने उन्हें बताया है कि खाना पूरी तरह बेस्वाद है और वह पेट भरने के लिए काफी नहीं है.

भेजे गए 2000 डॉलर के केयर पैकेज भी रास्ते में फंसे

सैनिकों की भूख की खबर सुनकर उनके परिवारों ने खाने-पीने और जरूरी सामान के ‘केयर पैकेज’ भेजे थे, लेकिन वे उन तक नहीं पहुंच पा रहे हैं. ‘यूएसए टुडे’ की रिपोर्ट के अनुसार, अमेरिका और इजरायल द्वारा ईरान पर हमले के बाद अमेरिकी डाक सेवा (USPS) ने 27 मिलिट्री पिन कोड्स पर डाक सेवा रोक दी है. टेक्सास की एक मां ने बताया कि उन्होंने अपने बेटे के लिए करीब 2000 डॉलर (लगभग 1.6 लाख रुपये) के पैकेज भेजे, लेकिन वे एक महीने से अटके हुए हैं. आर्मी प्रवक्ता मेजर ट्रैविस शॉ के मुताबिक, हवाई क्षेत्र (एयरस्पेस) बंद होने और युद्ध के कारण यह रोक ‘अगले आदेश तक’ जारी रहेगी.

लंबे समय से समुद्र में तैनात हैं अमेरिकी वॉरशिप्स

सप्लाई की इस कमी की बड़ी वजह इन जहाजों की लंबी तैनाती को माना जा रहा है.’यूएसएस त्रिपोली’ जापान से रवाना होने के बाद एक महीने से ज्यादा समय से समुद्र में है, जिसमें 3,500 सैनिक सवार हैं. वहीं, ‘यूएसएस जेराल्ड फोर्ड’ ने 15 अप्रैल को कोल्ड वॉर के बाद की सबसे लंबी तैनाती का रिकॉर्ड बनाया है, जो 295 दिनों तक समुद्र में रहने के बाद मेंटेनेंस के लिए क्रीट पहुंचा है. रिपोर्ट के मुताबिक, 11 मार्च को एक सैनिक ने अपने परिवार को चिट्ठी में लिखा था कि सप्लाई बहुत कम होने वाली है और इससे सैनिकों का मनोबल गिर रहा है.

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मदद के लिए कोई निश्चित समय सीमा नहीं

फिलहाल डाक सेवा कब बहाल होगी, इस पर कोई स्पष्ट जानकारी नहीं है. मेजर ट्रैविस शॉ ने बताया कि जब नागरिक अधिकारी हवाई क्षेत्र खोलेंगे और क्षेत्रीय स्थिति सुरक्षित होगी, तभी डिलीवरी शुरू की जाएगी. तब तक परिवारों द्वारा भेजी गई सामग्री सुरक्षित ठिकानों पर होल्ड पर रखी गई है. मसाचुसेट्स और मैरीलैंड जैसे राज्यों के स्वयं सहायता समूहों ने भी बताया कि उनके द्वारा भेजे गए शैम्पू, टूथपेस्ट, मोजे और विटामिन की गोलियां सैनिकों तक नहीं पहुंच पा रही हैं. अब ये परिवार केवल युद्ध के बीच सप्लाई लाइन खुलने का इंतजार कर रहे हैं.

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लेखक के बारे में

By Govind Jee

गोविन्द जी ने पत्रकारिता की पढ़ाई माखनलाल चतुर्वेदी विश्वविद्यालय भोपाल से की है. वे वर्तमान में प्रभात खबर में कंटेंट राइटर (डिजिटल) के पद पर कार्यरत हैं. वे पिछले आठ महीनों से इस संस्थान से जुड़े हुए हैं. गोविंद जी को साहित्य पढ़ने और लिखने में भी रुचि है.

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