US Canada Trade War: ट्रंप ने कनाडा के खिलाफ खोला नया मोर्चा, सरकारी खरीद से कनाडाई सामान हटाने का आदेश

अमेरिका और कनाडा के बीच व्यापारिक तनाव और गहरा गया है. अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कनाडा पर 50% टैरिफ के बाद अब कनाडाई सामान की संघीय सरकारी खरीद को सीमित करने का आदेश दिया है. जानें, इस कदम के पीछे की वजह क्या है ?

US Canada Trade War: अमेरिका और कनाडा के बीच व्यापारिक तनाव बढ़ रहा है. 16 सितंबर 2026 को, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने एक ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए. एएनआई न्यूज एजेंसी के मुताबिक, इसमें अमेरिकी संघीय नागरिक सरकारी खरीद प्रणाली से कनाडा के सामान को हटाने या उसकी खरीद सीमित करने का निर्देश है.

कनाडाई सामान की सरकारी खरीद पर शिकंजा

व्हाइट हाउस के अनुसार, इस ज्ञापन में ऑफिस ऑफ मैनेजमेंट एंड बजट (OMB) के निदेशक और अमेरिकी व्यापार प्रतिनिधि (USTR) को फेडरल एक्विजिशन रेगुलेटरी काउंसिल के साथ मिलकर यह पता लगाने को कहा गया है कि कनाडाई मूल का सामान कौन सा है. फिर उन्हें संघीय नागरिक खरीद प्रणाली में उसे उपलब्ध न कराने की दिशा में कदम उठाने को कहा गया है. साथ ही, संबंधित सरकारी एजेंसियों को यह भी निर्देश है कि वे कनाडाई सामान के बदले घरेलू उत्पादों की जानकारी देने की व्यवस्था करें.

'कैनेडियन सामान खरीद' नीति को लेकर अमेरिका की आपत्ति

व्हाइट हाउस का आरोप है कि कनाडा ने अपनी 'Buy Canadian' नीति के तहत कनाडाई उत्पादों और कंटेंट को प्राथमिकता दी है. अमेरिका का कहना है कि कनाडाई प्रांतों ने भी अमेरिकी कंपनियों के लिए सरकारी खरीद बाज़ार तक पहुँच को सीमित कर दिया है. इसी के जवाब में ट्रंप प्रशासन ने अमेरिकी संघीय खरीद व्यवस्था में कनाडाई सामान की उपलब्धता पर कार्रवाई करने का फैसला किया है.

280 अरब डॉलर से अधिक की खरीद व्यवस्था का जिक्र

अमेरिकी राष्ट्रपति के ज्ञापन में कहा गया है कि कनाडाई कंपनियों को अमेरिकी सरकार की उस खरीद व्यवस्था तक ऐसी पहुँच मिलती रही है, जिसे संघीय स्तर पर विश्व व्यापार संगठन के सरकारी खरीद समझौते के तहत हर साल 280 अरब डॉलर से ज़्यादा का बताया गया है. अमेरिका अब कनाडा से मांग कर रहा है कि अमेरिकी कंपनियों के लिए भी ऐसा ही व्यवहार किया जाए.

सरकारी खरीद के साथ टैरिफ मोर्चे पर भी तनाव

अमेरिका-कनाडा विवाद सिर्फ सरकारी खरीद तक ही सीमित नहीं है. दोनों देशों के बीच टैरिफ और बाज़ार पहुँच को लेकर भी लंबे समय से तनाव चल रहा है. अगस्त 2026 में व्यापार वार्ता फेल होने के बाद अमेरिका ने कई कनाडाई उत्पादों पर 50 फ़ीसदी तक के अतिरिक्त शुल्क लगा दिए थे. इसके जवाब में कनाडा ने भी अमेरिकी सामान पर जवाबी शुल्क लगाने का ऐलान किया था.

8 सितंबर को भी अमेरिका ने उठाए थे बड़े कदम

इससे पहले 8 सितंबर 2026 को ट्रंप प्रशासन ने कनाडा के कुछ उत्पादों को लेकर अतिरिक्त व्यापारिक कार्रवाई की थी. व्हाइट हाउस के दस्तावेज़ों के मुताबिक, कुछ कनाडाई उत्पादों को अमेरिकी बाज़ार में आयात से बाहर रखने का फैसला किया गया था, जबकि कुछ अन्य उत्पादों पर 50 फ़ीसदी अतिरिक्त शुल्क लगा दिया गया था.

USMCA को लेकर भी बनी हुई है अनिश्चितता

अमेरिका-मेक्सिको-कनाडा समझौते यानी USMCA का भविष्य भी दोनों देशों के बीच विवाद का एक अहम मुद्दा बना हुआ है. ट्रंप प्रशासन का कहना है कि मौजूदा समझौता अमेरिकी निर्माताओं, किसानों, श्रमिकों, सेवा प्रदाताओं और कारोबारियों के लिए काफी फायदेमंद नहीं है. इसी वजह से अमेरिका मौजूदा व्यवस्था में बदलाव की मांग कर रहा है.

' अमेरिका फर्स्ट' नीति के तहत बढ़ रहा दबाव

राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप प्रशासन इन व्यापारिक कदमों को अपनी 'अमेरिका फर्स्ट ट्रेड पॉलिसी' से जोड़ रहा है. व्हाइट हाउस के मुताबिक, यह प्रशासन टैरिफ और व्यापार वार्ता के ज़रिए अमेरिकी कंपनियों के लिए बाज़ार पहुँच बढ़ाने, घरेलू इन्वेस्टमेंट और मैन्युफैक्चरिंग को बढ़ावा देने और सप्लाई चेन में बदलाव लाने की कोशिश कर रहा है.

कनाडा के साथ विवाद में नया मोर्चा खुला

नए राष्ट्रपति ज्ञापन के बाद दोनों देशों के बीच व्यापार विवाद में सरकारी खरीद भी एक बड़ा मुद्दा बन गया है. अमेरिका अब कनाडाई सामान की संघीय सरकारी खरीद को सीमित करने की दिशा में आगे बढ़ रहा है, जबकि कनाडा की ओर से अमेरिकी व्यापारिक कदमों के जवाब में पहले ही कई जवाबी कदम उठाए जा चुके हैं. ऐसे में आने वाले दिनों में दोनों देशों के बीच व्यापार वार्ता और USMCA से जुड़े घटनाक्रम पर नज़र रहेगी.

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By सत्येन्द्र गिरि

सत्येन्द्र गिरि प्रभात खबर डिजिटल में कंटेंट राइटर के रूप में कार्यरत हैं. यहां वे मुख्य रूप से राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय विषयों से जुड़ी खबरों का लेखन करते हैं. सरल, तथ्यात्मक और पाठक-केंद्रित लेखन उनकी प्रमुख पहचान है. उन्होंने एशिया के प्रतिष्ठित माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय (MCU), भोपाल से मास्टर ऑफ आर्ट्स इन मास कम्युनिकेशन (बैच 2023–25) की डिग्री प्राप्त की है.

पत्रकारिता की पढ़ाई के दौरान उन्होंने समाचार लेखन, डिजिटल मीडिया, रिपोर्टिंग और समसामयिक विषयों की गहन समझ विकसित की. पत्रकारिता के क्षेत्र में उनके पास एक वर्ष का पेशेवर अनुभव है. उन्होंने अपने करियर की शुरुआत अमर उजाला के गोरखपुर एडिशन से की, जहां समाचार लेखन और रिपोर्टिंग की बारीकियों को नजदीक से सीखने और समझने का अवसर मिला. इसके बाद उन्होंने डिजिटल पत्रकारिता में कदम रखते हुए प्रभात खबर डिजिटल से जुड़कर देश-विदेश की महत्वपूर्ण खबरों को पाठकों तक पहुंचाने का कार्य शुरू किया.

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