अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के नए टैरिफ फैसले पर फिर कानूनी विवाद शुरू हो गया है. सोमवार (3 अगस्त) को 25 डेमोक्रेटिक शासन वाले अमेरिकी राज्यों ने अदालत में मुकदमा दायर कर भारत समेत 60 देशों से आने वाले इम्पोर्ट पर लगाए गए नए टैरिफ को चुनौती दी. राज्यों का कहना है कि ट्रंप प्रशासन अदालत के पहले के फैसलों के बावजूद अपनी कानूनी सीमाओं से बाहर जाकर यह कदम उठा रहा है.
यह मुकदमा न्यूयॉर्क स्थित अमेरिकी इंटरनेशनल ट्रेड कोट में दायर किया गया है. इसमें पिछले महीने लागू किए गए 10% से 12.5% तक के नए टैरिफ को चुनौती दी गई है. ये टैरिफ 1974 के ट्रेड एक्ट के सेक्शन 301 के तहत लगाए गए हैं. यह मामला ट्रंप की टैरिफ नीति की एक और बड़ी कानूनी परीक्षा माना जा रहा है. हालांकि इससे पहले भी अमेरिकी अदालतों ने उनके ऐसे कई फैसलों पर सवाल उठाए हैं, लेकिन तमाम कानूनी चुनौतियों के बावजूद ट्रंप अपनी टैरिफ नीति को आगे बढ़ाते रहे हैं.
अमेरिकी राज्यों ने अपनी याचिका में क्या कहा?
यह मुकदमा ओरेगन, न्यूयॉर्क समेत 25 अमेरिकी राज्यों ने दायर किया है, जहां डेमोक्रेटिक पार्टी की सरकार या अटॉर्नी जनरल हैं. राज्यों का कहना है कि ट्रंप पहले जिन व्यापक आयात शुल्कों (बड़े पैमाने पर Import Duty ) को अदालत गैरकानूनी बता चुकी है, उन्हें अब दूसरे कानूनी आधार का सहारा लेकर फिर लागू करने की कोशिश कर रहे हैं.
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याचिका में कहा गया है कि 1974 के ट्रेड एक्ट का सेक्शन 301 पहले केवल उन देशों या उद्योगों पर कार्रवाई के लिए इस्तेमाल होता था, जिन पर अनफेयर ट्रेड करने का आरोप होता था. इसका इस्तेमाल लगभग सभी देशों से आने वाले सामान पर व्यापक टैरिफ लगाने के लिए नहीं किया जाता रहा है.
